इलेक्टोरल बॉन्ड डेटा के सार्वजनिक होने के बाद हर दिन अलग-अलग आंकड़े सामने आ रहे हैं। चुनाव आयोग की वेबसाइट पर एसबीआई (SBI) द्वारा शेयर किए गए डेटा को सार्वजनिक कर दिया गया है। चुनाव आयोग ने चुनावी बॉन्ड डेटा के दो डेटासेट अब तक जारी किए हैं और 21 मार्च 2024 को तीसरा डेटासेट अपलोड होने की उम्मीद है। अभी तक जारी किए डेटा में इलेक्टोरल बॉन्ड खरीदने वाली कंपनियों और इंडिविजुअल के नाम हैं। इसके अलावा इन बॉन्ड के खरीदने की तारीख और अमाउंट भी शामिल है।अब आम जनता को यह भी पता चल गया है कि किस राजनीतिक पार्टी को अब तक कितना पैसा इलेक्टोरल बॉन्ड्स के जरिए मिला है। हमने आपको हाल ही में उन 10 कंपनियों के नाम बताए थे जो टॉप डोनर हैं। आज हम आपको बताएंगे कि सबसे ज्यादा चुनावी चंदा देने वाली इन कंपनियों का बिजनेस क्या है।भारतीय स्टेट बैंक ने सुप्रीम कोर्ट से पड़ी फटकार के बाद पूरा डेटा चुनाव आयोग को सौंपा। लेकिन अभी भी डेटा अधूरा है और दोबारा फटकार लगाने के बाद शीर्ष अदालत ने एसबीआई से चुनाव आयोग को यूनिक कोड्स का डेटा भी शेयर करने को कहा है ताकि यह मिलान हो सके कि किस पार्टी को किस कंपनी से चंदा मिला है। बता दें कि 2019 के बाद का डेटा सामने आने के बाद यह पता चला है कि इलेक्टोरल बॉन्ड के जरिए 16000 करोड़ रुपये से ज्यादा चुनावी चंदा पॉलिटिकल पार्टियों को मिला।