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Prabhakar moreMotivational Speech Prahakar more प्रेरक बातें - प्रभाकर मोरे भाग – 31Prabhakar more voice over Artist (born 22 December 1960 in Indore city, Madhya Pradesh) is an Indian Voice Over Artist, Actor, singer and expert of anchor. He is also producer and writer of many television programs.He has leading voice in more than 150 advertisements, documentaries, corporate films, feature films, television & Radio commercials, music albums CDs. Apart from voice over, he is hosting public events since 1983s.सही कहते हैं कि जब आप दिल से किसी लक्ष्य के लिए प्रयास करते हैं तो प्रकृति भी उस तक पहुंचने में आपकी मदद करती है। मुश्किलें तो मार्ग में आती हैं लेकिन वे कुछ पाने की चाह से बढ़कर नहीं हो सकती।' यह कहना है मंच संचालक, रेडियो पर कई वर्षों तक कैजुअल अनाउंसर के रूप में कार्य कर चुके प्रभाकर मोरे का, जो आज भी अपनी आवाज से पहचान कायम किए हुए हैं। यूं तो प्रभाकर सहायक वाणिज्यकर अधिकारी के पद से सेवानिवृत्त हैं लेकिन इनकी पहचान इससे ज्यादा मंच संचालक, वाइसओवर आर्टिस्ट, पूर्व कैजुअल अनाउंसर निर्देशक और अभिनेता के रूप में है। कई शार्ट फिल्म, डाक्यूमेंट्री में वाइसओवर कर चुके प्रभाकर का यह सफर 1983 से शुरू हुआ था। प्रभाकर बताते हैं कि जब वे छोटे थे तब मां को रेडियो सुनते देख यह सोचा करते थे कि मैं भी रेडियो की दुनिया में जाऊंगा। अपनी आवाज तो बेहतर थी ही और जब अमिताभ बच्चन की आवाज ने मन पर प्रभाव डाला और उन्हें सुनकर अपने कहने के अंदाज में और भी इजाफा किया। साथियों ने रेडियो पर जाने की बात कही तो मानों दिल की आवाज बाहर से भी आने लगी। पर एक वक्त वह भी था जब रेडियो पर साक्षात्कार देने के बाद मुझे अनाउंसमेंट करने से मना कर दिया गया पर मैंने हार नहीं मानी। युववाणी के जरिए रेडियो की दुनिया में प्रवेश ● मिला और बाद में कैजुअल अनाउंसर बन गया। दोबारा शुरू हुआ सफर: प्रभाकर बताते हैं 2020 में मुझे ब्रेन स्ट्रोक हुआ तो आवाज थोड़ी खराब हो गई। यह वक्त मेरे लिए बहुत मुश्किलभरा था लेकिन मैंने दोबारा अपने सफर की शुरुआत की। सतत रियाज की बदौलत अब फिर संचालन करने लगा हूं। हालांकि अभी भी सुधार की और भी गुंजाइश है। आवाज और कहने के अंदाज को बेहतर बनाने के लिए ओम का उच्चारण, सांसों पर नियंत्रण का अभ्यास, हारमोनियम पर सारेगामा का रियाज करना बहुत जरूरी है। हर अनाउंसर को गायन सीखना जरूरी है ताकि वह आवाज के उतार-चढ़ाव के बारे में जान सके और आवाज में संतुलन बनाए रख सके !
2023-06-0904 minPrabhakar more
Prabhakar moreMotivational Speech Prahakar more प्रेरक बातें - प्रभाकर मोरे भाग – 30Prabhakar more voice over Artist (born 22 December 1960 in Indore city, Madhya Pradesh) is an Indian Voice Over Artist, Actor, singer and expert of anchor. He is also producer and writer of many television programs.He has leading voice in more than 150 advertisements, documentaries, corporate films, feature films, television & Radio commercials, music albums CDs. Apart from voice over, he is hosting public events since 1983s.सही कहते हैं कि जब आप दिल से किसी लक्ष्य के लिए प्रयास करते हैं तो प्रकृति भी उस तक पहुंचने में आपकी मदद करती है। मुश्किलें तो मार्ग में आती हैं लेकिन वे कुछ पाने की चाह से बढ़कर नहीं हो सकती।' यह कहना है मंच संचालक, रेडियो पर कई वर्षों तक कैजुअल अनाउंसर के रूप में कार्य कर चुके प्रभाकर मोरे का, जो आज भी अपनी आवाज से पहचान कायम किए हुए हैं। यूं तो प्रभाकर सहायक वाणिज्यकर अधिकारी के पद से सेवानिवृत्त हैं लेकिन इनकी पहचान इससे ज्यादा मंच संचालक, वाइसओवर आर्टिस्ट, पूर्व कैजुअल अनाउंसर निर्देशक और अभिनेता के रूप में है। कई शार्ट फिल्म, डाक्यूमेंट्री में वाइसओवर कर चुके प्रभाकर का यह सफर 1983 से शुरू हुआ था। प्रभाकर बताते हैं कि जब वे छोटे थे तब मां को रेडियो सुनते देख यह सोचा करते थे कि मैं भी रेडियो की दुनिया में जाऊंगा। अपनी आवाज तो बेहतर थी ही और जब अमिताभ बच्चन की आवाज ने मन पर प्रभाव डाला और उन्हें सुनकर अपने कहने के अंदाज में और भी इजाफा किया। साथियों ने रेडियो पर जाने की बात कही तो मानों दिल की आवाज बाहर से भी आने लगी। पर एक वक्त वह भी था जब रेडियो पर साक्षात्कार देने के बाद मुझे अनाउंसमेंट करने से मना कर दिया गया पर मैंने हार नहीं मानी। युववाणी के जरिए रेडियो की दुनिया में प्रवेश ● मिला और बाद में कैजुअल अनाउंसर बन गया। दोबारा शुरू हुआ सफर: प्रभाकर बताते हैं 2020 में मुझे ब्रेन स्ट्रोक हुआ तो आवाज थोड़ी खराब हो गई। यह वक्त मेरे लिए बहुत मुश्किलभरा था लेकिन मैंने दोबारा अपने सफर की शुरुआत की। सतत रियाज की बदौलत अब फिर संचालन करने लगा हूं। हालांकि अभी भी सुधार की और भी गुंजाइश है। आवाज और कहने के अंदाज को बेहतर बनाने के लिए ओम का उच्चारण, सांसों पर नियंत्रण का अभ्यास, हारमोनियम पर सारेगामा का रियाज करना बहुत जरूरी है। हर अनाउंसर को गायन सीखना जरूरी है ताकि वह आवाज के उतार-चढ़ाव के बारे में जान सके और आवाज में संतुलन बनाए रख सके !
2023-06-0904 minPrabhakar more
Prabhakar moreMotivational Speech Prahakar more प्रेरक बातें - प्रभाकर मोरे भाग – 29Prabhakar more voice over Artist (born 22 December 1960 in Indore city, Madhya Pradesh) is an Indian Voice Over Artist, Actor, singer and expert of anchor. He is also producer and writer of many television programs.He has leading voice in more than 150 advertisements, documentaries, corporate films, feature films, television & Radio commercials, music albums CDs. Apart from voice over, he is hosting public events since 1983s.सही कहते हैं कि जब आप दिल से किसी लक्ष्य के लिए प्रयास करते हैं तो प्रकृति भी उस तक पहुंचने में आपकी मदद करती है। मुश्किलें तो मार्ग में आती हैं लेकिन वे कुछ पाने की चाह से बढ़कर नहीं हो सकती।' यह कहना है मंच संचालक, रेडियो पर कई वर्षों तक कैजुअल अनाउंसर के रूप में कार्य कर चुके प्रभाकर मोरे का, जो आज भी अपनी आवाज से पहचान कायम किए हुए हैं। यूं तो प्रभाकर सहायक वाणिज्यकर अधिकारी के पद से सेवानिवृत्त हैं लेकिन इनकी पहचान इससे ज्यादा मंच संचालक, वाइसओवर आर्टिस्ट, पूर्व कैजुअल अनाउंसर निर्देशक और अभिनेता के रूप में है। कई शार्ट फिल्म, डाक्यूमेंट्री में वाइसओवर कर चुके प्रभाकर का यह सफर 1983 से शुरू हुआ था। प्रभाकर बताते हैं कि जब वे छोटे थे तब मां को रेडियो सुनते देख यह सोचा करते थे कि मैं भी रेडियो की दुनिया में जाऊंगा। अपनी आवाज तो बेहतर थी ही और जब अमिताभ बच्चन की आवाज ने मन पर प्रभाव डाला और उन्हें सुनकर अपने कहने के अंदाज में और भी इजाफा किया। साथियों ने रेडियो पर जाने की बात कही तो मानों दिल की आवाज बाहर से भी आने लगी। पर एक वक्त वह भी था जब रेडियो पर साक्षात्कार देने के बाद मुझे अनाउंसमेंट करने से मना कर दिया गया पर मैंने हार नहीं मानी। युववाणी के जरिए रेडियो की दुनिया में प्रवेश ● मिला और बाद में कैजुअल अनाउंसर बन गया। दोबारा शुरू हुआ सफर: प्रभाकर बताते हैं 2020 में मुझे ब्रेन स्ट्रोक हुआ तो आवाज थोड़ी खराब हो गई। यह वक्त मेरे लिए बहुत मुश्किलभरा था लेकिन मैंने दोबारा अपने सफर की शुरुआत की। सतत रियाज की बदौलत अब फिर संचालन करने लगा हूं। हालांकि अभी भी सुधार की और भी गुंजाइश है। आवाज और कहने के अंदाज को बेहतर बनाने के लिए ओम का उच्चारण, सांसों पर नियंत्रण का अभ्यास, हारमोनियम पर सारेगामा का रियाज करना बहुत जरूरी है। हर अनाउंसर को गायन सीखना जरूरी है ताकि वह आवाज के उतार-चढ़ाव के बारे में जान सके और आवाज में संतुलन बनाए रख सके !
2023-06-0905 minPrabhakar more
Prabhakar moreMotivational Speech Prahakar more प्रेरक बातें - प्रभाकर मोरे भाग – 28Prabhakar more voice over Artist (born 22 December 1960 in Indore city, Madhya Pradesh) is an Indian Voice Over Artist, Actor, singer and expert of anchor. He is also producer and writer of many television programs.He has leading voice in more than 150 advertisements, documentaries, corporate films, feature films, television & Radio commercials, music albums CDs. Apart from voice over, he is hosting public events since 1983s.सही कहते हैं कि जब आप दिल से किसी लक्ष्य के लिए प्रयास करते हैं तो प्रकृति भी उस तक पहुंचने में आपकी मदद करती है। मुश्किलें तो मार्ग में आती हैं लेकिन वे कुछ पाने की चाह से बढ़कर नहीं हो सकती।' यह कहना है मंच संचालक, रेडियो पर कई वर्षों तक कैजुअल अनाउंसर के रूप में कार्य कर चुके प्रभाकर मोरे का, जो आज भी अपनी आवाज से पहचान कायम किए हुए हैं। यूं तो प्रभाकर सहायक वाणिज्यकर अधिकारी के पद से सेवानिवृत्त हैं लेकिन इनकी पहचान इससे ज्यादा मंच संचालक, वाइसओवर आर्टिस्ट, पूर्व कैजुअल अनाउंसर निर्देशक और अभिनेता के रूप में है। कई शार्ट फिल्म, डाक्यूमेंट्री में वाइसओवर कर चुके प्रभाकर का यह सफर 1983 से शुरू हुआ था। प्रभाकर बताते हैं कि जब वे छोटे थे तब मां को रेडियो सुनते देख यह सोचा करते थे कि मैं भी रेडियो की दुनिया में जाऊंगा। अपनी आवाज तो बेहतर थी ही और जब अमिताभ बच्चन की आवाज ने मन पर प्रभाव डाला और उन्हें सुनकर अपने कहने के अंदाज में और भी इजाफा किया। साथियों ने रेडियो पर जाने की बात कही तो मानों दिल की आवाज बाहर से भी आने लगी। पर एक वक्त वह भी था जब रेडियो पर साक्षात्कार देने के बाद मुझे अनाउंसमेंट करने से मना कर दिया गया पर मैंने हार नहीं मानी। युववाणी के जरिए रेडियो की दुनिया में प्रवेश ● मिला और बाद में कैजुअल अनाउंसर बन गया। दोबारा शुरू हुआ सफर: प्रभाकर बताते हैं 2020 में मुझे ब्रेन स्ट्रोक हुआ तो आवाज थोड़ी खराब हो गई। यह वक्त मेरे लिए बहुत मुश्किलभरा था लेकिन मैंने दोबारा अपने सफर की शुरुआत की। सतत रियाज की बदौलत अब फिर संचालन करने लगा हूं। हालांकि अभी भी सुधार की और भी गुंजाइश है। आवाज और कहने के अंदाज को बेहतर बनाने के लिए ओम का उच्चारण, सांसों पर नियंत्रण का अभ्यास, हारमोनियम पर सारेगामा का रियाज करना बहुत जरूरी है। हर अनाउंसर को गायन सीखना जरूरी है ताकि वह आवाज के उतार-चढ़ाव के बारे में जान सके और आवाज में संतुलन बनाए रख सके !
2023-06-0905 minPrabhakar more
Prabhakar moreMotivational Speech Prahakar more प्रेरक बातें - प्रभाकर मोरे भाग – 27Prabhakar more voice over Artist (born 22 December 1960 in Indore city, Madhya Pradesh) is an Indian Voice Over Artist, Actor, singer and expert of anchor. He is also producer and writer of many television programs.He has leading voice in more than 150 advertisements, documentaries, corporate films, feature films, television & Radio commercials, music albums CDs. Apart from voice over, he is hosting public events since 1983s.सही कहते हैं कि जब आप दिल से किसी लक्ष्य के लिए प्रयास करते हैं तो प्रकृति भी उस तक पहुंचने में आपकी मदद करती है। मुश्किलें तो मार्ग में आती हैं लेकिन वे कुछ पाने की चाह से बढ़कर नहीं हो सकती।' यह कहना है मंच संचालक, रेडियो पर कई वर्षों तक कैजुअल अनाउंसर के रूप में कार्य कर चुके प्रभाकर मोरे का, जो आज भी अपनी आवाज से पहचान कायम किए हुए हैं। यूं तो प्रभाकर सहायक वाणिज्यकर अधिकारी के पद से सेवानिवृत्त हैं लेकिन इनकी पहचान इससे ज्यादा मंच संचालक, वाइसओवर आर्टिस्ट, पूर्व कैजुअल अनाउंसर निर्देशक और अभिनेता के रूप में है। कई शार्ट फिल्म, डाक्यूमेंट्री में वाइसओवर कर चुके प्रभाकर का यह सफर 1983 से शुरू हुआ था। प्रभाकर बताते हैं कि जब वे छोटे थे तब मां को रेडियो सुनते देख यह सोचा करते थे कि मैं भी रेडियो की दुनिया में जाऊंगा। अपनी आवाज तो बेहतर थी ही और जब अमिताभ बच्चन की आवाज ने मन पर प्रभाव डाला और उन्हें सुनकर अपने कहने के अंदाज में और भी इजाफा किया। साथियों ने रेडियो पर जाने की बात कही तो मानों दिल की आवाज बाहर से भी आने लगी। पर एक वक्त वह भी था जब रेडियो पर साक्षात्कार देने के बाद मुझे अनाउंसमेंट करने से मना कर दिया गया पर मैंने हार नहीं मानी। युववाणी के जरिए रेडियो की दुनिया में प्रवेश ● मिला और बाद में कैजुअल अनाउंसर बन गया। दोबारा शुरू हुआ सफर: प्रभाकर बताते हैं 2020 में मुझे ब्रेन स्ट्रोक हुआ तो आवाज थोड़ी खराब हो गई। यह वक्त मेरे लिए बहुत मुश्किलभरा था लेकिन मैंने दोबारा अपने सफर की शुरुआत की। सतत रियाज की बदौलत अब फिर संचालन करने लगा हूं। हालांकि अभी भी सुधार की और भी गुंजाइश है। आवाज और कहने के अंदाज को बेहतर बनाने के लिए ओम का उच्चारण, सांसों पर नियंत्रण का अभ्यास, हारमोनियम पर सारेगामा का रियाज करना बहुत जरूरी है। हर अनाउंसर को गायन सीखना जरूरी है ताकि वह आवाज के उतार-चढ़ाव के बारे में जान सके और आवाज में संतुलन बनाए रख सके !
2023-06-0905 minPrabhakar more
Prabhakar moreMotivational Speech Prahakar more प्रेरक बातें - प्रभाकर मोरे भाग – 25Prabhakar more voice over Artist (born 22 December 1960 in Indore city, Madhya Pradesh) is an Indian Voice Over Artist, Actor, singer and expert of anchor. He is also producer and writer of many television programs.He has leading voice in more than 150 advertisements, documentaries, corporate films, feature films, television & Radio commercials, music albums CDs. Apart from voice over, he is hosting public events since 1983s.सही कहते हैं कि जब आप दिल से किसी लक्ष्य के लिए प्रयास करते हैं तो प्रकृति भी उस तक पहुंचने में आपकी मदद करती है। मुश्किलें तो मार्ग में आती हैं लेकिन वे कुछ पाने की चाह से बढ़कर नहीं हो सकती।' यह कहना है मंच संचालक, रेडियो पर कई वर्षों तक कैजुअल अनाउंसर के रूप में कार्य कर चुके प्रभाकर मोरे का, जो आज भी अपनी आवाज से पहचान कायम किए हुए हैं। यूं तो प्रभाकर सहायक वाणिज्यकर अधिकारी के पद से सेवानिवृत्त हैं लेकिन इनकी पहचान इससे ज्यादा मंच संचालक, वाइसओवर आर्टिस्ट, पूर्व कैजुअल अनाउंसर निर्देशक और अभिनेता के रूप में है। कई शार्ट फिल्म, डाक्यूमेंट्री में वाइसओवर कर चुके प्रभाकर का यह सफर 1983 से शुरू हुआ था। प्रभाकर बताते हैं कि जब वे छोटे थे तब मां को रेडियो सुनते देख यह सोचा करते थे कि मैं भी रेडियो की दुनिया में जाऊंगा। अपनी आवाज तो बेहतर थी ही और जब अमिताभ बच्चन की आवाज ने मन पर प्रभाव डाला और उन्हें सुनकर अपने कहने के अंदाज में और भी इजाफा किया। साथियों ने रेडियो पर जाने की बात कही तो मानों दिल की आवाज बाहर से भी आने लगी। पर एक वक्त वह भी था जब रेडियो पर साक्षात्कार देने के बाद मुझे अनाउंसमेंट करने से मना कर दिया गया पर मैंने हार नहीं मानी। युववाणी के जरिए रेडियो की दुनिया में प्रवेश ● मिला और बाद में कैजुअल अनाउंसर बन गया। दोबारा शुरू हुआ सफर: प्रभाकर बताते हैं 2020 में मुझे ब्रेन स्ट्रोक हुआ तो आवाज थोड़ी खराब हो गई। यह वक्त मेरे लिए बहुत मुश्किलभरा था लेकिन मैंने दोबारा अपने सफर की शुरुआत की। सतत रियाज की बदौलत अब फिर संचालन करने लगा हूं। हालांकि अभी भी सुधार की और भी गुंजाइश है। आवाज और कहने के अंदाज को बेहतर बनाने के लिए ओम का उच्चारण, सांसों पर नियंत्रण का अभ्यास, हारमोनियम पर सारेगामा का रियाज करना बहुत जरूरी है। हर अनाउंसर को गायन सीखना जरूरी है ताकि वह आवाज के उतार-चढ़ाव के बारे में जान सके और आवाज में संतुलन बनाए रख सके !
2023-06-0902 minPrabhakar more
Prabhakar moreMotivational Speech Prahakar more प्रेरक बातें - प्रभाकर मोरे भाग – 23Prabhakar more voice over Artist (born 22 December 1960 in Indore city, Madhya Pradesh) is an Indian Voice Over Artist, Actor, singer and expert of anchor. He is also producer and writer of many television programs.He has leading voice in more than 150 advertisements, documentaries, corporate films, feature films, television & Radio commercials, music albums CDs. Apart from voice over, he is hosting public events since 1983s.सही कहते हैं कि जब आप दिल से किसी लक्ष्य के लिए प्रयास करते हैं तो प्रकृति भी उस तक पहुंचने में आपकी मदद करती है। मुश्किलें तो मार्ग में आती हैं लेकिन वे कुछ पाने की चाह से बढ़कर नहीं हो सकती।' यह कहना है मंच संचालक, रेडियो पर कई वर्षों तक कैजुअल अनाउंसर के रूप में कार्य कर चुके प्रभाकर मोरे का, जो आज भी अपनी आवाज से पहचान कायम किए हुए हैं। यूं तो प्रभाकर सहायक वाणिज्यकर अधिकारी के पद से सेवानिवृत्त हैं लेकिन इनकी पहचान इससे ज्यादा मंच संचालक, वाइसओवर आर्टिस्ट, पूर्व कैजुअल अनाउंसर निर्देशक और अभिनेता के रूप में है। कई शार्ट फिल्म, डाक्यूमेंट्री में वाइसओवर कर चुके प्रभाकर का यह सफर 1983 से शुरू हुआ था। प्रभाकर बताते हैं कि जब वे छोटे थे तब मां को रेडियो सुनते देख यह सोचा करते थे कि मैं भी रेडियो की दुनिया में जाऊंगा। अपनी आवाज तो बेहतर थी ही और जब अमिताभ बच्चन की आवाज ने मन पर प्रभाव डाला और उन्हें सुनकर अपने कहने के अंदाज में और भी इजाफा किया। साथियों ने रेडियो पर जाने की बात कही तो मानों दिल की आवाज बाहर से भी आने लगी। पर एक वक्त वह भी था जब रेडियो पर साक्षात्कार देने के बाद मुझे अनाउंसमेंट करने से मना कर दिया गया पर मैंने हार नहीं मानी। युववाणी के जरिए रेडियो की दुनिया में प्रवेश ● मिला और बाद में कैजुअल अनाउंसर बन गया। दोबारा शुरू हुआ सफर: प्रभाकर बताते हैं 2020 में मुझे ब्रेन स्ट्रोक हुआ तो आवाज थोड़ी खराब हो गई। यह वक्त मेरे लिए बहुत मुश्किलभरा था लेकिन मैंने दोबारा अपने सफर की शुरुआत की। सतत रियाज की बदौलत अब फिर संचालन करने लगा हूं। हालांकि अभी भी सुधार की और भी गुंजाइश है। आवाज और कहने के अंदाज को बेहतर बनाने के लिए ओम का उच्चारण, सांसों पर नियंत्रण का अभ्यास, हारमोनियम पर सारेगामा का रियाज करना बहुत जरूरी है। हर अनाउंसर को गायन सीखना जरूरी है ताकि वह आवाज के उतार-चढ़ाव के बारे में जान सके और आवाज में संतुलन बनाए रख सके !
2023-06-0903 minPrabhakar more
Prabhakar moreMotivational Speech Prahakar more प्रेरक बातें - प्रभाकर मोरे भाग – 22Prabhakar more voice over Artist (born 22 December 1960 in Indore city, Madhya Pradesh) is an Indian Voice Over Artist, Actor, singer and expert of anchor. He is also producer and writer of many television programs.He has leading voice in more than 150 advertisements, documentaries, corporate films, feature films, television & Radio commercials, music albums CDs. Apart from voice over, he is hosting public events since 1983s.सही कहते हैं कि जब आप दिल से किसी लक्ष्य के लिए प्रयास करते हैं तो प्रकृति भी उस तक पहुंचने में आपकी मदद करती है। मुश्किलें तो मार्ग में आती हैं लेकिन वे कुछ पाने की चाह से बढ़कर नहीं हो सकती।' यह कहना है मंच संचालक, रेडियो पर कई वर्षों तक कैजुअल अनाउंसर के रूप में कार्य कर चुके प्रभाकर मोरे का, जो आज भी अपनी आवाज से पहचान कायम किए हुए हैं। यूं तो प्रभाकर सहायक वाणिज्यकर अधिकारी के पद से सेवानिवृत्त हैं लेकिन इनकी पहचान इससे ज्यादा मंच संचालक, वाइसओवर आर्टिस्ट, पूर्व कैजुअल अनाउंसर निर्देशक और अभिनेता के रूप में है। कई शार्ट फिल्म, डाक्यूमेंट्री में वाइसओवर कर चुके प्रभाकर का यह सफर 1983 से शुरू हुआ था। प्रभाकर बताते हैं कि जब वे छोटे थे तब मां को रेडियो सुनते देख यह सोचा करते थे कि मैं भी रेडियो की दुनिया में जाऊंगा। अपनी आवाज तो बेहतर थी ही और जब अमिताभ बच्चन की आवाज ने मन पर प्रभाव डाला और उन्हें सुनकर अपने कहने के अंदाज में और भी इजाफा किया। साथियों ने रेडियो पर जाने की बात कही तो मानों दिल की आवाज बाहर से भी आने लगी। पर एक वक्त वह भी था जब रेडियो पर साक्षात्कार देने के बाद मुझे अनाउंसमेंट करने से मना कर दिया गया पर मैंने हार नहीं मानी। युववाणी के जरिए रेडियो की दुनिया में प्रवेश ● मिला और बाद में कैजुअल अनाउंसर बन गया। दोबारा शुरू हुआ सफर: प्रभाकर बताते हैं 2020 में मुझे ब्रेन स्ट्रोक हुआ तो आवाज थोड़ी खराब हो गई। यह वक्त मेरे लिए बहुत मुश्किलभरा था लेकिन मैंने दोबारा अपने सफर की शुरुआत की। सतत रियाज की बदौलत अब फिर संचालन करने लगा हूं। हालांकि अभी भी सुधार की और भी गुंजाइश है। आवाज और कहने के अंदाज को बेहतर बनाने के लिए ओम का उच्चारण, सांसों पर नियंत्रण का अभ्यास, हारमोनियम पर सारेगामा का रियाज करना बहुत जरूरी है। हर अनाउंसर को गायन सीखना जरूरी है ताकि वह आवाज के उतार-चढ़ाव के बारे में जान सके और आवाज में संतुलन बनाए रख सके !
2023-06-0807 minPrabhakar more
Prabhakar moreMotivational Speech Prahakar more प्रेरक बातें - प्रभाकर मोरे भाग – 20Prabhakar more voice over Artist (born 22 December 1960 in Indore city, Madhya Pradesh) is an Indian Voice Over Artist, Actor, singer and expert of anchor. He is also producer and writer of many television programs.He has leading voice in more than 150 advertisements, documentaries, corporate films, feature films, television & Radio commercials, music albums CDs. Apart from voice over, he is hosting public events since 1983s.सही कहते हैं कि जब आप दिल से किसी लक्ष्य के लिए प्रयास करते हैं तो प्रकृति भी उस तक पहुंचने में आपकी मदद करती है। मुश्किलें तो मार्ग में आती हैं लेकिन वे कुछ पाने की चाह से बढ़कर नहीं हो सकती।' यह कहना है मंच संचालक, रेडियो पर कई वर्षों तक कैजुअल अनाउंसर के रूप में कार्य कर चुके प्रभाकर मोरे का, जो आज भी अपनी आवाज से पहचान कायम किए हुए हैं। यूं तो प्रभाकर सहायक वाणिज्यकर अधिकारी के पद से सेवानिवृत्त हैं लेकिन इनकी पहचान इससे ज्यादा मंच संचालक, वाइसओवर आर्टिस्ट, पूर्व कैजुअल अनाउंसर निर्देशक और अभिनेता के रूप में है। कई शार्ट फिल्म, डाक्यूमेंट्री में वाइसओवर कर चुके प्रभाकर का यह सफर 1983 से शुरू हुआ था। प्रभाकर बताते हैं कि जब वे छोटे थे तब मां को रेडियो सुनते देख यह सोचा करते थे कि मैं भी रेडियो की दुनिया में जाऊंगा। अपनी आवाज तो बेहतर थी ही और जब अमिताभ बच्चन की आवाज ने मन पर प्रभाव डाला और उन्हें सुनकर अपने कहने के अंदाज में और भी इजाफा किया। साथियों ने रेडियो पर जाने की बात कही तो मानों दिल की आवाज बाहर से भी आने लगी। पर एक वक्त वह भी था जब रेडियो पर साक्षात्कार देने के बाद मुझे अनाउंसमेंट करने से मना कर दिया गया पर मैंने हार नहीं मानी। युववाणी के जरिए रेडियो की दुनिया में प्रवेश ● मिला और बाद में कैजुअल अनाउंसर बन गया। दोबारा शुरू हुआ सफर: प्रभाकर बताते हैं 2020 में मुझे ब्रेन स्ट्रोक हुआ तो आवाज थोड़ी खराब हो गई। यह वक्त मेरे लिए बहुत मुश्किलभरा था लेकिन मैंने दोबारा अपने सफर की शुरुआत की। सतत रियाज की बदौलत अब फिर संचालन करने लगा हूं। हालांकि अभी भी सुधार की और भी गुंजाइश है। आवाज और कहने के अंदाज को बेहतर बनाने के लिए ओम का उच्चारण, सांसों पर नियंत्रण का अभ्यास, हारमोनियम पर सारेगामा का रियाज करना बहुत जरूरी है। हर अनाउंसर को गायन सीखना जरूरी है ताकि वह आवाज के उतार-चढ़ाव के बारे में जान सके और आवाज में संतुलन बनाए रख सके !
2023-06-0804 minPrabhakar more
Prabhakar moreMotivational Speech Prahakar more प्रेरक बातें - प्रभाकर मोरे भाग – 19Prabhakar more voice over Artist (born 22 December 1960 in Indore city, Madhya Pradesh) is an Indian Voice Over Artist, Actor, singer and expert of anchor. He is also producer and writer of many television programs.He has leading voice in more than 150 advertisements, documentaries, corporate films, feature films, television & Radio commercials, music albums CDs. Apart from voice over, he is hosting public events since 1983s.सही कहते हैं कि जब आप दिल से किसी लक्ष्य के लिए प्रयास करते हैं तो प्रकृति भी उस तक पहुंचने में आपकी मदद करती है। मुश्किलें तो मार्ग में आती हैं लेकिन वे कुछ पाने की चाह से बढ़कर नहीं हो सकती।' यह कहना है मंच संचालक, रेडियो पर कई वर्षों तक कैजुअल अनाउंसर के रूप में कार्य कर चुके प्रभाकर मोरे का, जो आज भी अपनी आवाज से पहचान कायम किए हुए हैं। यूं तो प्रभाकर सहायक वाणिज्यकर अधिकारी के पद से सेवानिवृत्त हैं लेकिन इनकी पहचान इससे ज्यादा मंच संचालक, वाइसओवर आर्टिस्ट, पूर्व कैजुअल अनाउंसर निर्देशक और अभिनेता के रूप में है। कई शार्ट फिल्म, डाक्यूमेंट्री में वाइसओवर कर चुके प्रभाकर का यह सफर 1983 से शुरू हुआ था। प्रभाकर बताते हैं कि जब वे छोटे थे तब मां को रेडियो सुनते देख यह सोचा करते थे कि मैं भी रेडियो की दुनिया में जाऊंगा। अपनी आवाज तो बेहतर थी ही और जब अमिताभ बच्चन की आवाज ने मन पर प्रभाव डाला और उन्हें सुनकर अपने कहने के अंदाज में और भी इजाफा किया। साथियों ने रेडियो पर जाने की बात कही तो मानों दिल की आवाज बाहर से भी आने लगी। पर एक वक्त वह भी था जब रेडियो पर साक्षात्कार देने के बाद मुझे अनाउंसमेंट करने से मना कर दिया गया पर मैंने हार नहीं मानी। युववाणी के जरिए रेडियो की दुनिया में प्रवेश ● मिला और बाद में कैजुअल अनाउंसर बन गया। दोबारा शुरू हुआ सफर: प्रभाकर बताते हैं 2020 में मुझे ब्रेन स्ट्रोक हुआ तो आवाज थोड़ी खराब हो गई। यह वक्त मेरे लिए बहुत मुश्किलभरा था लेकिन मैंने दोबारा अपने सफर की शुरुआत की। सतत रियाज की बदौलत अब फिर संचालन करने लगा हूं। हालांकि अभी भी सुधार की और भी गुंजाइश है। आवाज और कहने के अंदाज को बेहतर बनाने के लिए ओम का उच्चारण, सांसों पर नियंत्रण का अभ्यास, हारमोनियम पर सारेगामा का रियाज करना बहुत जरूरी है। हर अनाउंसर को गायन सीखना जरूरी है ताकि वह आवाज के उतार-चढ़ाव के बारे में जान सके और आवाज में संतुलन बनाए रख सके !
2023-06-0804 minPrabhakar more
Prabhakar moreMotivational Speech Prahakar more प्रेरक बातें - प्रभाकर मोरे भाग – 18Prabhakar more voice over Artist (born 22 December 1960 in Indore city, Madhya Pradesh) is an Indian Voice Over Artist, Actor, singer and expert of anchor. He is also producer and writer of many television programs.He has leading voice in more than 150 advertisements, documentaries, corporate films, feature films, television & Radio commercials, music albums CDs. Apart from voice over, he is hosting public events since 1983s.सही कहते हैं कि जब आप दिल से किसी लक्ष्य के लिए प्रयास करते हैं तो प्रकृति भी उस तक पहुंचने में आपकी मदद करती है। मुश्किलें तो मार्ग में आती हैं लेकिन वे कुछ पाने की चाह से बढ़कर नहीं हो सकती।' यह कहना है मंच संचालक, रेडियो पर कई वर्षों तक कैजुअल अनाउंसर के रूप में कार्य कर चुके प्रभाकर मोरे का, जो आज भी अपनी आवाज से पहचान कायम किए हुए हैं। यूं तो प्रभाकर सहायक वाणिज्यकर अधिकारी के पद से सेवानिवृत्त हैं लेकिन इनकी पहचान इससे ज्यादा मंच संचालक, वाइसओवर आर्टिस्ट, पूर्व कैजुअल अनाउंसर निर्देशक और अभिनेता के रूप में है। कई शार्ट फिल्म, डाक्यूमेंट्री में वाइसओवर कर चुके प्रभाकर का यह सफर 1983 से शुरू हुआ था। प्रभाकर बताते हैं कि जब वे छोटे थे तब मां को रेडियो सुनते देख यह सोचा करते थे कि मैं भी रेडियो की दुनिया में जाऊंगा। अपनी आवाज तो बेहतर थी ही और जब अमिताभ बच्चन की आवाज ने मन पर प्रभाव डाला और उन्हें सुनकर अपने कहने के अंदाज में और भी इजाफा किया। साथियों ने रेडियो पर जाने की बात कही तो मानों दिल की आवाज बाहर से भी आने लगी। पर एक वक्त वह भी था जब रेडियो पर साक्षात्कार देने के बाद मुझे अनाउंसमेंट करने से मना कर दिया गया पर मैंने हार नहीं मानी। युववाणी के जरिए रेडियो की दुनिया में प्रवेश ● मिला और बाद में कैजुअल अनाउंसर बन गया। दोबारा शुरू हुआ सफर: प्रभाकर बताते हैं 2020 में मुझे ब्रेन स्ट्रोक हुआ तो आवाज थोड़ी खराब हो गई। यह वक्त मेरे लिए बहुत मुश्किलभरा था लेकिन मैंने दोबारा अपने सफर की शुरुआत की। सतत रियाज की बदौलत अब फिर संचालन करने लगा हूं। हालांकि अभी भी सुधार की और भी गुंजाइश है। आवाज और कहने के अंदाज को बेहतर बनाने के लिए ओम का उच्चारण, सांसों पर नियंत्रण का अभ्यास, हारमोनियम पर सारेगामा का रियाज करना बहुत जरूरी है। हर अनाउंसर को गायन सीखना जरूरी है ताकि वह आवाज के उतार-चढ़ाव के बारे में जान सके और आवाज में संतुलन बनाए रख सके !
2023-06-0804 minPrabhakar more
Prabhakar moreMotivational Speech Prahakar more प्रेरक बातें - प्रभाकर मोरे भाग – 17Prabhakar more voice over Artist (born 22 December 1960 in Indore city, Madhya Pradesh) is an Indian Voice Over Artist, Actor, singer and expert of anchor. He is also producer and writer of many television programs.He has leading voice in more than 150 advertisements, documentaries, corporate films, feature films, television & Radio commercials, music albums CDs. Apart from voice over, he is hosting public events since 1983s.सही कहते हैं कि जब आप दिल से किसी लक्ष्य के लिए प्रयास करते हैं तो प्रकृति भी उस तक पहुंचने में आपकी मदद करती है। मुश्किलें तो मार्ग में आती हैं लेकिन वे कुछ पाने की चाह से बढ़कर नहीं हो सकती।' यह कहना है मंच संचालक, रेडियो पर कई वर्षों तक कैजुअल अनाउंसर के रूप में कार्य कर चुके प्रभाकर मोरे का, जो आज भी अपनी आवाज से पहचान कायम किए हुए हैं। यूं तो प्रभाकर सहायक वाणिज्यकर अधिकारी के पद से सेवानिवृत्त हैं लेकिन इनकी पहचान इससे ज्यादा मंच संचालक, वाइसओवर आर्टिस्ट, पूर्व कैजुअल अनाउंसर निर्देशक और अभिनेता के रूप में है। कई शार्ट फिल्म, डाक्यूमेंट्री में वाइसओवर कर चुके प्रभाकर का यह सफर 1983 से शुरू हुआ था। प्रभाकर बताते हैं कि जब वे छोटे थे तब मां को रेडियो सुनते देख यह सोचा करते थे कि मैं भी रेडियो की दुनिया में जाऊंगा। अपनी आवाज तो बेहतर थी ही और जब अमिताभ बच्चन की आवाज ने मन पर प्रभाव डाला और उन्हें सुनकर अपने कहने के अंदाज में और भी इजाफा किया। साथियों ने रेडियो पर जाने की बात कही तो मानों दिल की आवाज बाहर से भी आने लगी। पर एक वक्त वह भी था जब रेडियो पर साक्षात्कार देने के बाद मुझे अनाउंसमेंट करने से मना कर दिया गया पर मैंने हार नहीं मानी। युववाणी के जरिए रेडियो की दुनिया में प्रवेश ● मिला और बाद में कैजुअल अनाउंसर बन गया। दोबारा शुरू हुआ सफर: प्रभाकर बताते हैं 2020 में मुझे ब्रेन स्ट्रोक हुआ तो आवाज थोड़ी खराब हो गई। यह वक्त मेरे लिए बहुत मुश्किलभरा था लेकिन मैंने दोबारा अपने सफर की शुरुआत की। सतत रियाज की बदौलत अब फिर संचालन करने लगा हूं। हालांकि अभी भी सुधार की और भी गुंजाइश है। आवाज और कहने के अंदाज को बेहतर बनाने के लिए ओम का उच्चारण, सांसों पर नियंत्रण का अभ्यास, हारमोनियम पर सारेगामा का रियाज करना बहुत जरूरी है। हर अनाउंसर को गायन सीखना जरूरी है ताकि वह आवाज के उतार-चढ़ाव के बारे में जान सके और आवाज में संतुलन बनाए रख सके !
2023-06-0804 minPrabhakar more
Prabhakar moreMotivational Speech Prahakar more प्रेरक बातें - प्रभाकर मोरे भाग – 16Prabhakar more voice over Artist (born 22 December 1960 in Indore city, Madhya Pradesh) is an Indian Voice Over Artist, Actor, singer and expert of anchor. He is also producer and writer of many television programs.He has leading voice in more than 150 advertisements, documentaries, corporate films, feature films, television & Radio commercials, music albums CDs. Apart from voice over, he is hosting public events since 1983s.सही कहते हैं कि जब आप दिल से किसी लक्ष्य के लिए प्रयास करते हैं तो प्रकृति भी उस तक पहुंचने में आपकी मदद करती है। मुश्किलें तो मार्ग में आती हैं लेकिन वे कुछ पाने की चाह से बढ़कर नहीं हो सकती।' यह कहना है मंच संचालक, रेडियो पर कई वर्षों तक कैजुअल अनाउंसर के रूप में कार्य कर चुके प्रभाकर मोरे का, जो आज भी अपनी आवाज से पहचान कायम किए हुए हैं। यूं तो प्रभाकर सहायक वाणिज्यकर अधिकारी के पद से सेवानिवृत्त हैं लेकिन इनकी पहचान इससे ज्यादा मंच संचालक, वाइसओवर आर्टिस्ट, पूर्व कैजुअल अनाउंसर निर्देशक और अभिनेता के रूप में है। कई शार्ट फिल्म, डाक्यूमेंट्री में वाइसओवर कर चुके प्रभाकर का यह सफर 1983 से शुरू हुआ था। प्रभाकर बताते हैं कि जब वे छोटे थे तब मां को रेडियो सुनते देख यह सोचा करते थे कि मैं भी रेडियो की दुनिया में जाऊंगा। अपनी आवाज तो बेहतर थी ही और जब अमिताभ बच्चन की आवाज ने मन पर प्रभाव डाला और उन्हें सुनकर अपने कहने के अंदाज में और भी इजाफा किया। साथियों ने रेडियो पर जाने की बात कही तो मानों दिल की आवाज बाहर से भी आने लगी। पर एक वक्त वह भी था जब रेडियो पर साक्षात्कार देने के बाद मुझे अनाउंसमेंट करने से मना कर दिया गया पर मैंने हार नहीं मानी। युववाणी के जरिए रेडियो की दुनिया में प्रवेश ● मिला और बाद में कैजुअल अनाउंसर बन गया। दोबारा शुरू हुआ सफर: प्रभाकर बताते हैं 2020 में मुझे ब्रेन स्ट्रोक हुआ तो आवाज थोड़ी खराब हो गई। यह वक्त मेरे लिए बहुत मुश्किलभरा था लेकिन मैंने दोबारा अपने सफर की शुरुआत की। सतत रियाज की बदौलत अब फिर संचालन करने लगा हूं। हालांकि अभी भी सुधार की और भी गुंजाइश है। आवाज और कहने के अंदाज को बेहतर बनाने के लिए ओम का उच्चारण, सांसों पर नियंत्रण का अभ्यास, हारमोनियम पर सारेगामा का रियाज करना बहुत जरूरी है। हर अनाउंसर को गायन सीखना जरूरी है ताकि वह आवाज के उतार-चढ़ाव के बारे में जान सके और आवाज में संतुलन बनाए रख सके !
2023-06-0802 minPrabhakar more
Prabhakar moreMotivational Speech Prahakar more प्रेरक बातें - प्रभाकर मोरे भाग – 15Prabhakar more voice over Artist (born 22 December 1960 in Indore city, Madhya Pradesh) is an Indian Voice Over Artist, Actor, singer and expert of anchor. He is also producer and writer of many television programs.He has leading voice in more than 150 advertisements, documentaries, corporate films, feature films, television & Radio commercials, music albums CDs. Apart from voice over, he is hosting public events since 1983s.सही कहते हैं कि जब आप दिल से किसी लक्ष्य के लिए प्रयास करते हैं तो प्रकृति भी उस तक पहुंचने में आपकी मदद करती है। मुश्किलें तो मार्ग में आती हैं लेकिन वे कुछ पाने की चाह से बढ़कर नहीं हो सकती।' यह कहना है मंच संचालक, रेडियो पर कई वर्षों तक कैजुअल अनाउंसर के रूप में कार्य कर चुके प्रभाकर मोरे का, जो आज भी अपनी आवाज से पहचान कायम किए हुए हैं। यूं तो प्रभाकर सहायक वाणिज्यकर अधिकारी के पद से सेवानिवृत्त हैं लेकिन इनकी पहचान इससे ज्यादा मंच संचालक, वाइसओवर आर्टिस्ट, पूर्व कैजुअल अनाउंसर निर्देशक और अभिनेता के रूप में है। कई शार्ट फिल्म, डाक्यूमेंट्री में वाइसओवर कर चुके प्रभाकर का यह सफर 1983 से शुरू हुआ था। प्रभाकर बताते हैं कि जब वे छोटे थे तब मां को रेडियो सुनते देख यह सोचा करते थे कि मैं भी रेडियो की दुनिया में जाऊंगा। अपनी आवाज तो बेहतर थी ही और जब अमिताभ बच्चन की आवाज ने मन पर प्रभाव डाला और उन्हें सुनकर अपने कहने के अंदाज में और भी इजाफा किया। साथियों ने रेडियो पर जाने की बात कही तो मानों दिल की आवाज बाहर से भी आने लगी। पर एक वक्त वह भी था जब रेडियो पर साक्षात्कार देने के बाद मुझे अनाउंसमेंट करने से मना कर दिया गया पर मैंने हार नहीं मानी। युववाणी के जरिए रेडियो की दुनिया में प्रवेश ● मिला और बाद में कैजुअल अनाउंसर बन गया। दोबारा शुरू हुआ सफर: प्रभाकर बताते हैं 2020 में मुझे ब्रेन स्ट्रोक हुआ तो आवाज थोड़ी खराब हो गई। यह वक्त मेरे लिए बहुत मुश्किलभरा था लेकिन मैंने दोबारा अपने सफर की शुरुआत की। सतत रियाज की बदौलत अब फिर संचालन करने लगा हूं। हालांकि अभी भी सुधार की और भी गुंजाइश है। आवाज और कहने के अंदाज को बेहतर बनाने के लिए ओम का उच्चारण, सांसों पर नियंत्रण का अभ्यास, हारमोनियम पर सारेगामा का रियाज करना बहुत जरूरी है। हर अनाउंसर को गायन सीखना जरूरी है ताकि वह आवाज के उतार-चढ़ाव के बारे में जान सके और आवाज में संतुलन बनाए रख सके !
2023-06-0803 minPrabhakar more
Prabhakar moreMotivational Speech Prahakar more प्रेरक बातें - प्रभाकर मोरे भाग – 14Prabhakar more voice over Artist (born 22 December 1960 in Indore city, Madhya Pradesh) is an Indian Voice Over Artist, Actor, singer and expert of anchor. He is also producer and writer of many television programs.He has leading voice in more than 150 advertisements, documentaries, corporate films, feature films, television & Radio commercials, music albums CDs. Apart from voice over, he is hosting public events since 1983s.सही कहते हैं कि जब आप दिल से किसी लक्ष्य के लिए प्रयास करते हैं तो प्रकृति भी उस तक पहुंचने में आपकी मदद करती है। मुश्किलें तो मार्ग में आती हैं लेकिन वे कुछ पाने की चाह से बढ़कर नहीं हो सकती।' यह कहना है मंच संचालक, रेडियो पर कई वर्षों तक कैजुअल अनाउंसर के रूप में कार्य कर चुके प्रभाकर मोरे का, जो आज भी अपनी आवाज से पहचान कायम किए हुए हैं। यूं तो प्रभाकर सहायक वाणिज्यकर अधिकारी के पद से सेवानिवृत्त हैं लेकिन इनकी पहचान इससे ज्यादा मंच संचालक, वाइसओवर आर्टिस्ट, पूर्व कैजुअल अनाउंसर निर्देशक और अभिनेता के रूप में है। कई शार्ट फिल्म, डाक्यूमेंट्री में वाइसओवर कर चुके प्रभाकर का यह सफर 1983 से शुरू हुआ था। प्रभाकर बताते हैं कि जब वे छोटे थे तब मां को रेडियो सुनते देख यह सोचा करते थे कि मैं भी रेडियो की दुनिया में जाऊंगा। अपनी आवाज तो बेहतर थी ही और जब अमिताभ बच्चन की आवाज ने मन पर प्रभाव डाला और उन्हें सुनकर अपने कहने के अंदाज में और भी इजाफा किया। साथियों ने रेडियो पर जाने की बात कही तो मानों दिल की आवाज बाहर से भी आने लगी। पर एक वक्त वह भी था जब रेडियो पर साक्षात्कार देने के बाद मुझे अनाउंसमेंट करने से मना कर दिया गया पर मैंने हार नहीं मानी। युववाणी के जरिए रेडियो की दुनिया में प्रवेश ● मिला और बाद में कैजुअल अनाउंसर बन गया। दोबारा शुरू हुआ सफर: प्रभाकर बताते हैं 2020 में मुझे ब्रेन स्ट्रोक हुआ तो आवाज थोड़ी खराब हो गई। यह वक्त मेरे लिए बहुत मुश्किलभरा था लेकिन मैंने दोबारा अपने सफर की शुरुआत की। सतत रियाज की बदौलत अब फिर संचालन करने लगा हूं। हालांकि अभी भी सुधार की और भी गुंजाइश है। आवाज और कहने के अंदाज को बेहतर बनाने के लिए ओम का उच्चारण, सांसों पर नियंत्रण का अभ्यास, हारमोनियम पर सारेगामा का रियाज करना बहुत जरूरी है। हर अनाउंसर को गायन सीखना जरूरी है ताकि वह आवाज के उतार-चढ़ाव के बारे में जान सके और आवाज में संतुलन बनाए रख सके !
2023-06-0803 minPrabhakar more
Prabhakar moreMotivational Speech Prahakar more प्रेरक बातें - प्रभाकर मोरे भाग – 13Prabhakar more voice over Artist (born 22 December 1960 in Indore city, Madhya Pradesh) is an Indian Voice Over Artist, Actor, singer and expert of anchor. He is also producer and writer of many television programs.He has leading voice in more than 150 advertisements, documentaries, corporate films, feature films, television & Radio commercials, music albums CDs. Apart from voice over, he is hosting public events since 1983s.सही कहते हैं कि जब आप दिल से किसी लक्ष्य के लिए प्रयास करते हैं तो प्रकृति भी उस तक पहुंचने में आपकी मदद करती है। मुश्किलें तो मार्ग में आती हैं लेकिन वे कुछ पाने की चाह से बढ़कर नहीं हो सकती।' यह कहना है मंच संचालक, रेडियो पर कई वर्षों तक कैजुअल अनाउंसर के रूप में कार्य कर चुके प्रभाकर मोरे का, जो आज भी अपनी आवाज से पहचान कायम किए हुए हैं। यूं तो प्रभाकर सहायक वाणिज्यकर अधिकारी के पद से सेवानिवृत्त हैं लेकिन इनकी पहचान इससे ज्यादा मंच संचालक, वाइसओवर आर्टिस्ट, पूर्व कैजुअल अनाउंसर निर्देशक और अभिनेता के रूप में है। कई शार्ट फिल्म, डाक्यूमेंट्री में वाइसओवर कर चुके प्रभाकर का यह सफर 1983 से शुरू हुआ था। प्रभाकर बताते हैं कि जब वे छोटे थे तब मां को रेडियो सुनते देख यह सोचा करते थे कि मैं भी रेडियो की दुनिया में जाऊंगा। अपनी आवाज तो बेहतर थी ही और जब अमिताभ बच्चन की आवाज ने मन पर प्रभाव डाला और उन्हें सुनकर अपने कहने के अंदाज में और भी इजाफा किया। साथियों ने रेडियो पर जाने की बात कही तो मानों दिल की आवाज बाहर से भी आने लगी। पर एक वक्त वह भी था जब रेडियो पर साक्षात्कार देने के बाद मुझे अनाउंसमेंट करने से मना कर दिया गया पर मैंने हार नहीं मानी। युववाणी के जरिए रेडियो की दुनिया में प्रवेश ● मिला और बाद में कैजुअल अनाउंसर बन गया। दोबारा शुरू हुआ सफर: प्रभाकर बताते हैं 2020 में मुझे ब्रेन स्ट्रोक हुआ तो आवाज थोड़ी खराब हो गई। यह वक्त मेरे लिए बहुत मुश्किलभरा था लेकिन मैंने दोबारा अपने सफर की शुरुआत की। सतत रियाज की बदौलत अब फिर संचालन करने लगा हूं। हालांकि अभी भी सुधार की और भी गुंजाइश है। आवाज और कहने के अंदाज को बेहतर बनाने के लिए ओम का उच्चारण, सांसों पर नियंत्रण का अभ्यास, हारमोनियम पर सारेगामा का रियाज करना बहुत जरूरी है। हर अनाउंसर को गायन सीखना जरूरी है ताकि वह आवाज के उतार-चढ़ाव के बारे में जान सके और आवाज में संतुलन बनाए रख सके 
2023-06-0803 minPrabhakar more2023-06-0803 minPrabhakar more2023-06-0804 minPrabhakar more2023-06-0702 minPrabhakar more2023-06-0704 minPrabhakar more2023-06-0703 minPrabhakar more2023-06-0703 minPrabhakar more2023-06-0703 minPrabhakar more2023-06-0703 minPrabhakar more2023-06-0704 minPrabhakar more2023-06-0703 minPrabhakar more2023-06-0704 minPrabhakar more2023-05-3124 minPrabhakar more2023-05-1407 minPrabhakar more
Prabhakar moreMahabharat ki katha Episode - 22 महाभारत की कथा ध्वनि चित्र भाग – 22Mahabharat ki katha Episode - 22 महाभारत की कथा ध्वनि चित्र भाग – 22भारतीय संस्कृति में महाभारत को एक विशेष स्थान प्राप्त है रामायण की भाती इसे घर घर में पढ़ा जाता है हमारे धर्म चिंतन का सर्वोपरि ग्रन्थ श्रीमद्भागवत गीता इसी का अंग है प्रसिद्ध उपन्यासकार श्री अमृतलाल नगर ने महाभारत की संपूर्ण कथा बड़े सरल शब्दों में तथा प्रवाह पूर्ण भाषा में प्रस्तुत की है और इसे पढ़ है इंदौर के वौइस् ओवर आर्टिस्ट प्रभाकर मोरे में २२ एपोसोड में है ज़रूर सुनिए Mahabharata enjoys a special place in Indian culture, like the Ramayana, it is read home to home, the highest text of our religion contemplation Srimad Bhagwat Gita is part of this famous novelist Shri Amritlal Nagar has written the entire story of Mahabharata in very simple words and fluent language. I have submitted it and read it in Indore. Voice over artist Prabhakar More is in 22  
2023-05-0207 minPrabhakar more
Prabhakar moreMahabharat ki katha Episode - 21 महाभारत की कथा ध्वनि चित्र भाग – 21Mahabharat ki katha Episode - 21 महाभारत की कथा ध्वनि चित्र भाग – 21भारतीय संस्कृति में महाभारत को एक विशेष स्थान प्राप्त है रामायण की भाती इसे घर घर में पढ़ा जाता है हमारे धर्म चिंतन का सर्वोपरि ग्रन्थ श्रीमद्भागवत गीता इसी का अंग है प्रसिद्ध उपन्यासकार श्री अमृतलाल नगर ने महाभारत की संपूर्ण कथा बड़े सरल शब्दों में तथा प्रवाह पूर्ण भाषा में प्रस्तुत की है और इसे पढ़ है इंदौर के वौइस् ओवर आर्टिस्ट प्रभाकर मोरे में २२ एपोसोड में है ज़रूर सुनिए Mahabharata enjoys a special place in Indian culture, like the Ramayana, it is read home to home, the highest text of our religion contemplation Srimad Bhagwat Gita is part of this famous novelist Shri Amritlal Nagar has written the entire story of Mahabharata in very simple words and fluent language. I have submitted it and read it in Indore. Voice over artist Prabhakar More is in 22  
2023-05-0202 minPrabhakar more
Prabhakar moreMahabharat ki katha Episode - 20 महाभारत की कथा ध्वनि चित्र भाग – 20Mahabharat ki katha Episode - 20 महाभारत की कथा ध्वनि चित्र भाग – 20भारतीय संस्कृति में महाभारत को एक विशेष स्थान प्राप्त है रामायण की भाती इसे घर घर में पढ़ा जाता है हमारे धर्म चिंतन का सर्वोपरि ग्रन्थ श्रीमद्भागवत गीता इसी का अंग है प्रसिद्ध उपन्यासकार श्री अमृतलाल नगर ने महाभारत की संपूर्ण कथा बड़े सरल शब्दों में तथा प्रवाह पूर्ण भाषा में प्रस्तुत की है और इसे पढ़ है इंदौर के वौइस् ओवर आर्टिस्ट प्रभाकर मोरे में २२ एपोसोड में है ज़रूर सुनिए Mahabharata enjoys a special place in Indian culture, like the Ramayana, it is read home to home, the highest text of our religion contemplation Srimad Bhagwat Gita is part of this famous novelist Shri Amritlal Nagar has written the entire story of Mahabharata in very simple words and fluent language. I have submitted it and read it in Indore. Voice over artist Prabhakar More is in 22  
2023-05-0205 minPrabhakar more
Prabhakar moreMahabharat ki katha Episode - 19 महाभारत की कथा ध्वनि चित्र भाग – 19Mahabharat ki katha Episode - 19 महाभारत की कथा ध्वनि चित्र भाग – 19भारतीय संस्कृति में महाभारत को एक विशेष स्थान प्राप्त है रामायण की भाती इसे घर घर में पढ़ा जाता है हमारे धर्म चिंतन का सर्वोपरि ग्रन्थ श्रीमद्भागवत गीता इसी का अंग है प्रसिद्ध उपन्यासकार श्री अमृतलाल नगर ने महाभारत की संपूर्ण कथा बड़े सरल शब्दों में तथा प्रवाह पूर्ण भाषा में प्रस्तुत की है और इसे पढ़ है इंदौर के वौइस् ओवर आर्टिस्ट प्रभाकर मोरे में २२ एपोसोड में है ज़रूर सुनिए Mahabharata enjoys a special place in Indian culture, like the Ramayana, it is read home to home, the highest text of our religion contemplation Srimad Bhagwat Gita is part of this famous novelist Shri Amritlal Nagar has written the entire story of Mahabharata in very simple words and fluent language. I have submitted it and read it in Indore. Voice over artist Prabhakar More is in 22  
2023-05-0205 minPrabhakar more
Prabhakar moreMahabharat ki katha Episode - 18 महाभारत की कथा ध्वनि चित्र भाग – 18Mahabharat ki katha Episode - 18 महाभारत की कथा ध्वनि चित्र भाग – 18भारतीय संस्कृति में महाभारत को एक विशेष स्थान प्राप्त है रामायण की भाती इसे घर घर में पढ़ा जाता है हमारे धर्म चिंतन का सर्वोपरि ग्रन्थ श्रीमद्भागवत गीता इसी का अंग है प्रसिद्ध उपन्यासकार श्री अमृतलाल नगर ने महाभारत की संपूर्ण कथा बड़े सरल शब्दों में तथा प्रवाह पूर्ण भाषा में प्रस्तुत की है और इसे पढ़ है इंदौर के वौइस् ओवर आर्टिस्ट प्रभाकर मोरे में २२ एपोसोड में है ज़रूर सुनिए Mahabharata enjoys a special place in Indian culture, like the Ramayana, it is read home to home, the highest text of our religion contemplation Srimad Bhagwat Gita is part of this famous novelist Shri Amritlal Nagar has written the entire story of Mahabharata in very simple words and fluent language. I have submitted it and read it in Indore. Voice over artist Prabhakar More is in 22  
2023-05-0205 minPrabhakar more
Prabhakar moreMahabharat ki katha Episode - 17 महाभारत की कथा ध्वनि चित्र भाग – 17Mahabharat ki katha Episode - 17 महाभारत की कथा ध्वनि चित्र भाग – 17भारतीय संस्कृति में महाभारत को एक विशेष स्थान प्राप्त है रामायण की भाती इसे घर घर में पढ़ा जाता है हमारे धर्म चिंतन का सर्वोपरि ग्रन्थ श्रीमद्भागवत गीता इसी का अंग है प्रसिद्ध उपन्यासकार श्री अमृतलाल नगर ने महाभारत की संपूर्ण कथा बड़े सरल शब्दों में तथा प्रवाह पूर्ण भाषा में प्रस्तुत की है और इसे पढ़ है इंदौर के वौइस् ओवर आर्टिस्ट प्रभाकर मोरे में २२ एपोसोड में है ज़रूर सुनिए Mahabharata enjoys a special place in Indian culture, like the Ramayana, it is read home to home, the highest text of our religion contemplation Srimad Bhagwat Gita is part of this famous novelist Shri Amritlal Nagar has written the entire story of Mahabharata in very simple words and fluent language. I have submitted it and read it in Indore. Voice over artist Prabhakar More is in 22  
2023-05-0203 minPrabhakar more
Prabhakar moreMahabharat ki katha Episode - 16 महाभारत की कथा ध्वनि चित्र भाग – 16Mahabharat ki katha Episode - 16 महाभारत की कथा ध्वनि चित्र भाग – 16भारतीय संस्कृति में महाभारत को एक विशेष स्थान प्राप्त है रामायण की भाती इसे घर घर में पढ़ा जाता है हमारे धर्म चिंतन का सर्वोपरि ग्रन्थ श्रीमद्भागवत गीता इसी का अंग है प्रसिद्ध उपन्यासकार श्री अमृतलाल नगर ने महाभारत की संपूर्ण कथा बड़े सरल शब्दों में तथा प्रवाह पूर्ण भाषा में प्रस्तुत की है और इसे पढ़ है इंदौर के वौइस् ओवर आर्टिस्ट प्रभाकर मोरे में २२ एपोसोड में है ज़रूर सुनिए Mahabharata enjoys a special place in Indian culture, like the Ramayana, it is read home to home, the highest text of our religion contemplation Srimad Bhagwat Gita is part of this famous novelist Shri Amritlal Nagar has written the entire story of Mahabharata in very simple words and fluent language. I have submitted it and read it in Indore. Voice over artist Prabhakar More is in 22  
2023-05-0205 minPrabhakar more
Prabhakar moreMahabharat ki katha Episode - 15 महाभारत की कथा ध्वनि चित्र भाग – 15Mahabharat ki katha Episode - 15 महाभारत की कथा ध्वनि चित्र भाग – 15भारतीय संस्कृति में महाभारत को एक विशेष स्थान प्राप्त है रामायण की भाती इसे घर घर में पढ़ा जाता है हमारे धर्म चिंतन का सर्वोपरि ग्रन्थ श्रीमद्भागवत गीता इसी का अंग है प्रसिद्ध उपन्यासकार श्री अमृतलाल नगर ने महाभारत की संपूर्ण कथा बड़े सरल शब्दों में तथा प्रवाह पूर्ण भाषा में प्रस्तुत की है और इसे पढ़ है इंदौर के वौइस् ओवर आर्टिस्ट प्रभाकर मोरे में २२ एपोसोड में है ज़रूर सुनिए Mahabharata enjoys a special place in Indian culture, like the Ramayana, it is read home to home, the highest text of our religion contemplation Srimad Bhagwat Gita is part of this famous novelist Shri Amritlal Nagar has written the entire story of Mahabharata in very simple words and fluent language. I have submitted it and read it in Indore. Voice over artist Prabhakar More is in 22  
2023-05-0209 minPrabhakar more
Prabhakar moreMahabharat ki katha Episode - 14 महाभारत की कथा ध्वनि चित्र भाग – 14Mahabharat ki katha Episode - 14 महाभारत की कथा ध्वनि चित्र भाग – 14भारतीय संस्कृति में महाभारत को एक विशेष स्थान प्राप्त है रामायण की भाती इसे घर घर में पढ़ा जाता है हमारे धर्म चिंतन का सर्वोपरि ग्रन्थ श्रीमद्भागवत गीता इसी का अंग है प्रसिद्ध उपन्यासकार श्री अमृतलाल नगर ने महाभारत की संपूर्ण कथा बड़े सरल शब्दों में तथा प्रवाह पूर्ण भाषा में प्रस्तुत की है और इसे पढ़ है इंदौर के वौइस् ओवर आर्टिस्ट प्रभाकर मोरे में २२ एपोसोड में है ज़रूर सुनिए Mahabharata enjoys a special place in Indian culture, like the Ramayana, it is read home to home, the highest text of our religion contemplation Srimad Bhagwat Gita is part of this famous novelist Shri Amritlal Nagar has written the entire story of Mahabharata in very simple words and fluent language. I have submitted it and read it in Indore. Voice over artist Prabhakar More is in 22  
2023-05-0205 minPrabhakar more
Prabhakar moreMahabharat ki katha Episode - 13 महाभारत की कथा ध्वनि चित्र भाग – 13Mahabharat ki katha Episode - 13 महाभारत की कथा ध्वनि चित्र भाग – 13भारतीय संस्कृति में महाभारत को एक विशेष स्थान प्राप्त है रामायण की भाती इसे घर घर में पढ़ा जाता है हमारे धर्म चिंतन का सर्वोपरि ग्रन्थ श्रीमद्भागवत गीता इसी का अंग है प्रसिद्ध उपन्यासकार श्री अमृतलाल नगर ने महाभारत की संपूर्ण कथा बड़े सरल शब्दों में तथा प्रवाह पूर्ण भाषा में प्रस्तुत की है और इसे पढ़ है इंदौर के वौइस् ओवर आर्टिस्ट प्रभाकर मोरे में २२ एपोसोड में है ज़रूर सुनिए Mahabharata enjoys a special place in Indian culture, like the Ramayana, it is read home to home, the highest text of our religion contemplation Srimad Bhagwat Gita is part of this famous novelist Shri Amritlal Nagar has written the entire story of Mahabharata in very simple words and fluent language. I have submitted it and read it in Indore. Voice over artist Prabhakar More is in 22  
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Prabhakar moreMahabharat ki katha Episode - 112 महाभारत की कथा ध्वनि चित्र भाग - 12Mahabharat ki katha Episode - 12 महाभारत की कथा ध्वनि चित्र भाग – 12भारतीय संस्कृति में महाभारत को एक विशेष स्थान प्राप्त है रामायण की भाती इसे घर घर में पढ़ा जाता है हमारे धर्म चिंतन का सर्वोपरि ग्रन्थ श्रीमद्भागवत गीता इसी का अंग है प्रसिद्ध उपन्यासकार श्री अमृतलाल नगर ने महाभारत की संपूर्ण कथा बड़े सरल शब्दों में तथा प्रवाह पूर्ण भाषा में प्रस्तुत की है और इसे पढ़ है इंदौर के वौइस् ओवर आर्टिस्ट प्रभाकर मोरे में २२ एपोसोड में है ज़रूर सुनिए Mahabharata enjoys a special place in Indian culture, like the Ramayana, it is read home to home, the highest text of our religion contemplation Srimad Bhagwat Gita is part of this famous novelist Shri Amritlal Nagar has written the entire story of Mahabharata in very simple words and fluent language. I have submitted it and read it in Indore. Voice over artist Prabhakar More is in 22  
2023-05-0206 minPrabhakar more
Prabhakar moreMahabharat ki katha Episode -11 महाभारत की कथा ध्वनि चित्र भाग -11Mahabharat ki katha Episode - 11 महाभारत की कथा ध्वनि चित्र भाग - 11भारतीय संस्कृति में महाभारत को एक विशेष स्थान प्राप्त है रामायण की भाती इसे घर घर में पढ़ा जाता है हमारे धर्म चिंतन का सर्वोपरि ग्रन्थ श्रीमद्भागवत गीता इसी का अंग है प्रसिद्ध उपन्यासकार श्री अमृतलाल नगर ने महाभारत की संपूर्ण कथा बड़े सरल शब्दों में तथा प्रवाह पूर्ण भाषा में प्रस्तुत की है और इसे पढ़ है इंदौर के वौइस् ओवर आर्टिस्ट प्रभाकर मोरे में २२ एपोसोड में है ज़रूर सुनिए Mahabharata enjoys a specialplace in Indian culture, like the Ramayana, it is read home to home, thehighest text of our religion contemplation Srimad Bhagwat Gita is part of thisfamous novelist Shri Amritlal Nagar has written the entire story of Mahabharatain very simple words and fluent language. I have submitted it and read it inIndore. Voice over artist Prabhakar More is in 22   
2023-05-0208 minPrabhakar more
Prabhakar moreMahabharat ki katha Episode -10 महाभारत की कथा ध्वनि चित्र भाग -10भारतीय संस्कृति में महाभारत को एक विशेष स्थान प्राप्त है रामायण की भाती इसे घर घर में पढ़ा जाता है हमारे धर्म चिंतन का सर्वोपरि ग्रन्थ श्रीमद्भागवत गीता इसी का अंग है प्रसिद्ध उपन्यासकार श्री अमृतलाल नगर ने महाभारत की संपूर्ण कथा बड़े सरल शब्दों में तथा प्रवाह पूर्ण भाषा में प्रस्तुत की है और इसे पढ़ है इंदौर के वौइस् ओवर आर्टिस्ट प्रभाकर मोरे में २२ एपोसोड में है ज़रूर सुनिए Mahabharata enjoys a special place in Indian culture, like the Ramayana, it is read home to home, the highest text of our religion contemplation Srimad Bhagwat Gita is part of this famous novelist Shri Amritlal Nagar has written the entire story of Mahabharata in very simple words and fluent language. I have submitted it and read it in Indore. Voice over artist Prabhakar More is in 22  
2023-05-0210 minPrabhakar more
Prabhakar moreMahabharat ki katha Episode - 9 महाभारत की कथा ध्वनि चित्र भाग - 9Mahabharat ki katha Episode - 9 महाभारत की कथा ध्वनि चित्र भाग - 9भारतीय संस्कृति में महाभारत को एक विशेष स्थान प्राप्त है रामायण की भाती इसे घर घर में पढ़ा जाता है हमारे धर्म चिंतन का सर्वोपरि ग्रन्थ श्रीमद्भागवत गीता इसी का अंग है प्रसिद्ध उपन्यासकार श्री अमृतलाल नगर ने महाभारत की संपूर्ण कथा बड़े सरल शब्दों में तथा प्रवाह पूर्ण भाषा में प्रस्तुत की है और इसे पढ़ है इंदौर के वौइस् ओवर आर्टिस्ट प्रभाकर मोरे में २२ एपोसोड में है ज़रूर सुनिए Mahabharata enjoys a special place in Indian culture, like the Ramayana, it is read home to home, the highest text of our religion contemplation Srimad Bhagwat Gita is part of this famous novelist Shri Amritlal Nagar has written the entire story of Mahabharata in very simple words and fluent language. I have submitted it and read it in Indore. Voice over artist Prabhakar More is in 22  
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Prabhakar moreMahabharat ki katha Episode -8 महाभारत की कथा ध्वनि चित्र भाग -8Mahabharat ki katha Episode -8 महाभारत की कथा ध्वनि चित्र भाग -8भारतीय संस्कृति में महाभारत को एक विशेष स्थान प्राप्त है रामायण की भाती इसे घर घर में पढ़ा जाता है हमारे धर्म चिंतन का सर्वोपरि ग्रन्थ श्रीमद्भागवत गीता इसी का अंग है प्रसिद्ध उपन्यासकार श्री अमृतलाल नगर ने महाभारत की संपूर्ण कथा बड़े सरल शब्दों में तथा प्रवाह पूर्ण भाषा में प्रस्तुत की है और इसे पढ़ है इंदौर के वौइस् ओवर आर्टिस्ट प्रभाकर मोरे में २२ एपोसोड में है ज़रूर सुनिए Mahabharata enjoys a special place in Indian culture, like the Ramayana, it is read home to home, the highest text of our religion contemplation Srimad Bhagwat Gita is part of this famous novelist Shri Amritlal Nagar has written the entire story of Mahabharata in very simple words and fluent language. I have submitted it and read it in Indore. Voice over artist Prabhakar More is in 22  
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Prabhakar moreMahabharat ki katha Episode -7 महाभारत की कथा ध्वनि चित्र भाग -7Mahabharat ki katha Episode -7 महाभारत की कथा ध्वनि चित्र भाग -7भारतीय संस्कृति में महाभारत को एक विशेष स्थान प्राप्त है रामायण की भाती इसे घर घर में पढ़ा जाता है हमारे धर्म चिंतन का सर्वोपरि ग्रन्थ श्रीमद्भागवत गीता इसी का अंग है प्रसिद्ध उपन्यासकार श्री अमृतलाल नगर ने महाभारत की संपूर्ण कथा बड़े सरल शब्दों में तथा प्रवाह पूर्ण भाषा में प्रस्तुत की है और इसे पढ़ है इंदौर के वौइस् ओवर आर्टिस्ट प्रभाकर मोरे में २२ एपोसोड में है ज़रूर सुनिए Mahabharata enjoys a special place in Indian culture, like the Ramayana, it is read home to home, the highest text of our religion contemplation Srimad Bhagwat Gita is part of this famous novelist Shri Amritlal Nagar has written the entire story of Mahabharata in very simple words and fluent language. I have submitted it and read it in Indore. Voice over artist Prabhakar More is in 22  
2023-05-0203 minPrabhakar more
Prabhakar moreMahabharat ki katha Episode -6 महाभारत की कथा ध्वनि चित्र भाग -6भारतीय संस्कृति में महाभारत को एक विशेष स्थान प्राप्त है रामायण की भाती इसे घर घर में पढ़ा जाता है हमारे धर्म चिंतन का सर्वोपरि ग्रन्थ श्रीमद्भागवत गीता इसी का अंग है प्रसिद्ध उपन्यासकार श्री अमृतलाल नगर ने महाभारत की संपूर्ण कथा बड़े सरल शब्दों में तथा प्रवाह पूर्ण भाषा में प्रस्तुत की है और इसे पढ़ है इंदौर के वौइस् ओवर आर्टिस्ट प्रभाकर मोरे में २२ एपोसोड में है ज़रूर सु Mahabharata enjoys a special place in Indian culture, like the Ramayana, it is read home to home, the highest text of our religion contemplation Srimad Bhagwat Gita is part of this famous novelist Shri Amritlal Nagar has written the entire story of Mahabharata in very simple words and fluent language. I have submitted it and read it in Indore. Voice over artist Prabhakar More is in 22  ode!
2023-05-0203 minPrabhakar more2023-05-0209 minPrabhakar more2023-05-0204 minPrabhakar more2023-05-0205 minPrabhakar more
Prabhakar moreMahabharat ki katha Episode 1 ध्वनि चित्र भाग -2 Episode 2भारतीय संस्कृति में महाभारत को एक विशेष स्थान प्राप्त है रामायण की भाती इसे घर घर में पढ़ा जाता है हमारे धर्म चिंतन का सर्वोपरि ग्रन्थ श्रीमद्भागवत गीता इसी का अंग है प्रसिद्ध उपन्यासकार श्री अमृतलाल नगर ने महाभारत की संपूर्ण कथा बड़े सरल शब्दों में तथा प्रवाह पूर्ण भाषा में प्रस्तुत की है और इसे पढ़ है इंदौर के वौइस् ओवर आर्टिस्ट प्रभाकर मोरे में २२ एपोसोड में है ज़रूर सु Mahabharata enjoys a special place in Indian culture, like the Ramayana, it is read home to home, the highest text of our religion contemplation Srimad Bhagwat Gita is part of this famous novelist Shri Amritlal Nagar has written the entire story of Mahabharata in very simple words and fluent language. I have submitted it and read it in Indore. Voice over artist Prabhakar More is in 22 ePrabhakar More is inviting you to a scheduled Zoom meeting.ode!
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Prabhakar moreMahabharat ki katha Episode 1 ध्वनि चित्र भाग -01Mahabharat ki katha Episode 1 ध्वनि चित्र भाग -01भारतीय संस्कृति में महाभारत को एक विशेष स्थान प्राप्त है रामायण की भाती इसे घर घर में पढ़ा जाता है हमारे धर्म चिंतन का सर्वोपरि ग्रन्थ श्रीमद्भागवत गीता इसी का अंग है प्रसिद्ध उपन्यासकार श्री अमृतलाल नगर ने महाभारत की संपूर्ण कथा बड़े सरल शब्दों में तथा प्रवाह पूर्ण भाषा में प्रस्तुत की है और इसे पढ़ है इंदौर के वौइस् ओवर आर्टिस्ट प्रभाकर मोरे में २२ एपोसोड में है ज़रूर सु Mahabharata enjoys a special place in Indian culture, like the Ramayana, it is read home to home, the highest text of our religion contemplation Srimad Bhagwat Gita is part of this famous novelist Shri Amritlal Nagar has written the entire story of Mahabharata in very simple words and fluent language. I have submitted it and read it in Indore. Voice over artist Prabhakar More is in 22 ePrabhakar More is inviting you to a scheduled Zoom meeting.निए
2023-05-0208 minPrabhakar more2023-05-0201 minPrabhakar more2023-04-3006 minPrabhakar more2023-04-3009 minPrabhakar more2023-04-3003 minPrabhakar more2023-04-3009 minPrabhakar more2023-04-3009 minPrabhakar more
Prabhakar moreMahabharat ki katha Episode 1 ध्वनि चित्र भाग -01Mahabharat Audio |ध्वनि चित्र भाग -01 भारतीय संस्कृति में महाभारत को एक विशेष स्थान प्राप्त है रामायण की भाती इसे घर घर में पढ़ा जाता है हमारे धर्म चिंतन का सर्वोपरि ग्रन्थ श्रीमद्भागवत गीता इसी का अंग है प्रसिद्ध उपन्यासकार श्री अमृतलाल नगर ने महाभारत की संपूर्ण कथा बड़े सरल शब्दों में तथा प्रवाह पूर्ण भाषा में प्रस्तुत की है और इसे पढ़ है इंदौर के वौइस् ओवर आर्टिस्ट प्रभाकर मोरे में २२ एपोसोड में है ज़रूर सुनिए Mahabharata enjoys a special place in Indian culture, like the Ramayana, it is read home to home, the highest text of our religion contemplation Srimad Bhagwat Gita is part of this famous novelist Shri Amritlal Nagar has written the entire story of Mahabharata in very simple words and fluent language. I have submitted it and read it in Indore. Voice over artist Prabhakar More is in 22 eposodes, definitely listen.
2023-04-1410 minPrabhakar more
Prabhakar moreMahabharat ki katha Intro Episode 1Check out my latest episode! Mahabharat ki katha Intro Episode 1ध्वनि चित्र परिचयभारतीय संस्कृति में महाभारत को एक विशेष स्थान प्राप्त है रामायण की भाती इसे घर घर में पढ़ा जाता है हमारे धर्म चिंतन का सर्वोपरि ग्रन्थ श्रीमद्भागवत गीता इसी का अंग है प्रसिद्ध उपन्यासकार श्री अमृतलाल नगर ने महाभारत की संपूर्ण कथा बड़े सरल शब्दों में तथा प्रवाह पूर्ण भाषा में प्रस्तुत की है और इसे पढ़ है इंदौर के वौइस् ओवर आर्टिस्ट प्रभाकर मोरे में २२ एपोसोड में है ज़रूर सुनिए Mahabharata enjoys a special place in Indian culture, like the Ramayana, it is read home to home, the highest text of our religion contemplation Srimad Bhagwat Gita is part of this famous novelist Shri Amritlal Nagar has written the entire story of Mahabharata in very simple words and fluent language. I have submitted it and read it in Indore. Voice over artist Prabhakar More is in 22 eposodes, definitely listen.
2023-04-1401 minSaurabh Prabhakar - GROW YOUR MINDSET2022-02-0617 minSaurabh Prabhakar - GROW YOUR MINDSET2021-03-0622 minDatocracy: In Search of Generative Governance2021-01-0836 minSaurabh Prabhakar - GROW YOUR MINDSET2021-01-0815 minSaurabh Prabhakar - GROW YOUR MINDSET2021-01-0800 minDatocracy: In Search of Generative Governance2020-12-1951 minDatocracy: In Search of Generative Governance2020-12-0450 minDatocracy: In Search of Generative Governance2020-11-2029 minDatocracy: In Search of Generative Governance2020-11-1348 minDatocracy: In Search of Generative Governance2020-11-0855 minDatocracy: In Search of Generative Governance2020-10-3048 minDatocracy: In Search of Generative Governance2020-10-2357 minDatocracy: In Search of Generative Governance2020-10-0933 minDatocracy: In Search of Generative Governance2020-09-2630 minSaurabh Prabhakar - GROW YOUR MINDSET2020-09-2308 minSaurabh Prabhakar - GROW YOUR MINDSET2020-09-2318 minSaurabh Prabhakar - GROW YOUR MINDSET2020-09-2208 minDatocracy: In Search of Generative Governance2020-09-1147 minDatocracy: In Search of Generative Governance2020-08-2926 minDatocracy: In Search of Generative Governance2020-08-2336 minSaurabh Prabhakar - GROW YOUR MINDSET2020-08-1422 minDatocracy: In Search of Generative Governance2020-08-1439 minDatocracy: In Search of Generative Governance2020-08-0741 minDatocracy: In Search of Generative Governance2020-07-3035 minDatocracy: In Search of Generative Governance2020-07-2441 minDatocracy: In Search of Generative Governance2020-07-1648 minSaurabh Prabhakar - GROW YOUR MINDSET2020-07-1617 minDatocracy: In Search of Generative Governance2020-07-1047 minSaurabh Prabhakar - GROW YOUR MINDSET2020-06-2906 minDr Manish Chandra Prabhakar\'s show2018-04-0904 minDr Manish Chandra Prabhakar\'s show2018-02-1510 minDr Manish Chandra Prabhakar\'s show2018-02-1206 minDr Manish Chandra Prabhakar\'s show2018-02-1208 min