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Ram Dutt Tripathi

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London Vārta2026-02-251h 33Ram Dutt Tripathi , Media Swaraj2022-03-0552 minArts & Ideas2022-02-2444 minRam Dutt Tripathi , Media Swaraj2021-09-2835 minRam Dutt Tripathi , Media Swaraj2021-09-191h 27Ram Dutt Tripathi , Media Swaraj
Ram Dutt Tripathi , Media Swarajसाबरमती आश्रम का अस्तित्व ख़तरे में - महात्मा गांधी के प्रपौत्र तुषार गांधी से वार्ता#Gandhi #SabarmatiAshram #FreedomMovement भाजपा सरकार ने गुजरात के अहमदाबाद शहर में स्थित साबरमती आश्रम को 1200 करोड़ रुपये की लागत से पुन: विकसित करने की योजना बनायी है. महात्मा गॉंधी ने दक्षिण अफ़्रीका से लौटकर 1915 में अहमदाबाद शहर के अंदर कोचरब आश्रम और 1917 में साबरमती आश्रम की स्थापना की थी . महात्मा गॉंधी ने इसी साबरमती से आश्रम लगभग पंद्रह वर्षों तक स्वतंत्रता आंदोलन का संचालन किया . पूरे भारत की जनता को ब्रिटिश हुकूमत के ख़िलाफ़ बग़ावत में शामिल करने वाले नमक सत्याग्रह के लिए विश्वविख्यात दॉंडी मार्च यहीं साबरमती आश्रम से शुरू हुआ. इसके बाद अंग्रेज़ी हुकूमत के दमन के विरोध में गॉंधी ने इस आश्रम का परित्याग कर दिया और महाराष्ट्र के वर्धा ज़िले में सेवा ग्राम में अपना नया ठिकाना बनाया . साबरमती आश्रम और सेवाग्राम दोनों जगह गांधी के साथ की अद्भुत थी गांधी बहुत साधारण से खपरैल के घर में रह तहत है हाँ और आश्रम मैं स्वयं में सभी काम मैं ऐसा बटा तहत है संभवता इसलिए वैज्ञानिक आइंस्टीन ने कहा था कि आने वाले पीढ़ी या शायद अब विश्वास नहीं करेगी के हाड़ मांस का ऐसा भी पुतला आया कभी जन्मा था गांधी ये बहुत काम और वस्तुओं से आप लाख काम चलाते थे कपड़ा भी नाम मात्र का ही पहनते थे आप आज़ादी के इतने दिनों बाद भी महात्मा गांधी कई आश्रम हमारे अस्पताल तथा आंदोलन के धरोहर है विरासत है और अबे भी लाखों करोड़ों लोगों को अपर्णा देते हैं जो अहिंसा और शांति माय तरीक़ों से समाज परिवर्तन का काम करने में लगे हैं या करना चाहते हैं लेकिन ऐ लोगों को सरकार के नए प्लान से बहुत सारी आशंकाएं है सरकार में साफ़ तौर पर यह नहीं बताया है ये 12, सौ करोड़ रुपया की लागत से वह साबरमती आश्रम में क्या निर्माण करना चाहती है जो भी निर्माण होगा उसे सरकार ने वर्ल्ड क्लास की संज्ञा दी है . इसका मतलब कि जलियाँवाला बाग़ की तरह यहाँ भी क़ीमती पत्थरों से आश्रम को सजाया सँवारा जाएगा. एक तरह से जो जगह सत्याग्रह और सादगी का प्रतीक है और उसे एक बड़े विशाल हैं टूरिस्ट कॉम्पलेक्स में बदल दिया जाएगा . सरकार ने अभी तक अपनी योजना का ख़ुलासा नहीं किया है. अख़बारों में छपी खबरों से चिंतित होकर बहुत से लोगों ने सरकार को पत्र भेजे हैं कि साबरमती आश्रम का जो मौलिक स्वरूप बचा है उसमें छेड़-छाड़ न की जाये. खबरों के मुताबिक़ सरकार ने साबरमती आश्रम के रीडेवलपमेंट के लिए अपने उसी आर्किटेक्ट को काम सौंपा है जो दिल्ली में नई संसद , नया प्रधानमंत्री आवास और बनारस काशी विश्वनाथ कॉरिडोर का निर्माण कर रहा . सरकार के इस विवादास्पद प्रोजेक्ट के बारे में बारे में BBC के पूर्व संवाददाता राम दत्त त्रिपाठी ने महात्मा गांधी के प्रपौत्र तुषार गांधी से लंबी बातचीत की . https://mediaswaraj.com/sabarmati-ashram-mahatma-gandhi-legacy-in-danger/ Sabarmati Ashram Ahamdabad, Mahatma Gandhi Sabarmati Ashram , Mahatma Gandhi Kocharab Ashram , Sabarmati Ashram Narendra Modi , Sabarmati Ashram Jawahar Lal Nehru, साबरमती आश्रम महात्मा गॉंधी , साबरमती आश्रम दॉंडी मार्च ,
2021-09-1848 minRam Dutt Tripathi , Media Swaraj2021-09-1846 minRam Dutt Tripathi , Media Swaraj2021-08-1343 minRam Dutt Tripathi , Media Swaraj2021-08-1050 minRam Dutt Tripathi , Media Swaraj
Ram Dutt Tripathi , Media SwarajNEET OBC RESERVATION मेडिकल आरक्षण और जातीय सम्मेलन असली मुद्दों से ध्यान हटाने की कोशिशउत्तर प्रदेश के चुनाव में जातियों की बात नहीं हो, ऐसा मुमकिन नहीं..हिंदी पट्टी की सियासत में जातीय समीकरण एक जरूरी तत्व है..ऐसे में 2022 के विधानसभा चुनाव जैसे जैसे करीब आ रहे हैं जातियों को लेकर पार्टियों की सक्रियता बढ़ने लगी है।केंद्र में सत्ता में काबिज एनडीए और उसका प्रमुख धड़ा बीजेपी ने पिछले कुछ दिनों से पिछड़े और दलित वोटरों को अपनी ओर आकर्षित करने के लिए कई बड़े दांव खेले तो दूसरे दल भी पीछे नहीं है...कोई पिछड़ों-दलितों को मनाने में जुटा है तो कोई अगड़ों-ब्राह्मणों को रिझाने में जुटा है..आज इसी बात पर होगी चर्चा . इस महत्वपूर्ण चर्चा में शामिल हैं, बीबीसी के पूर्व संवाददाता और राजनीतिक विश्लेषक रामदत्त त्रिपाठी, वरिष्ठ पत्रकार कुमार भवेश चंद्र. दलित चिंतक रविकांत, और प्रोफेसर सुधीर पंवार
2021-07-301h 01Ram Dutt Tripathi , Media Swaraj2021-07-2956 minRam Dutt Tripathi , Media Swaraj2021-07-2653 minRam Dutt Tripathi , Media Swaraj2021-07-2646 minRam Dutt Tripathi , Media Swaraj2021-07-221h 04Ram Dutt Tripathi , Media Swaraj2021-07-1950 minRam Dutt Tripathi , Media Swaraj2021-07-1740 minRam Dutt Tripathi , Media Swaraj
Ram Dutt Tripathi , Media Swarajमधुमेह रोगियों में सुगर नियंत्रण का नया तरीक़ाSGPGIMS के शोधकर्ताओं ने मधुमेह रोगियों में रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित करने का एक नया तरीका खोजा भारत दुनिया की मधुमेह राजधानी बना हुआ है और लगभग 9% वयस्क भारतीय आबादी को मधुमेह है। टाइप 2 मधुमेह के रोगी न केवल बहुत कम इंसुलिन बल्कि बहुत अधिक ग्लूकागन का स्राव करते हैं, जिससे रक्त शर्करा नियंत्रण खराब हो जाता है। ग्लूकागन, इंसुलिन की तरह, हमारे अग्न्याशय द्वारा स्रावित एक हार्मोन है। हालांकि, यह इंसुलिन के विपरीत कार्य करता है और मनुष्यों में रक्त शर्करा के स्तर को बढ़ाता है। भोजन के बाद, जिगर द्वारा ग्लूकोज के अत्यधिक उत्पादन को रोकने के लिए ग्लूकागन का स्राव अवरुद्ध हो जाता है। जब यह मधुमेह के रोगियों में विफल हो जाता है, तो बहुत अधिक ग्लूकागन ग्लूकोज उत्पादन में वृद्धि में योगदान देता है जिससे मधुमेह रोगियों के रक्त शर्करा का स्तर बिगड़ जाता है। ग्लूकागन के इस महत्वपूर्ण कार्य के बावजूद, इसके स्राव को कैसे नियंत्रित किया जाता है, इसके बारे में अपेक्षाकृत कम जानकारी है। डॉ. रोहित ए. सिन्हा, एंडोक्रिनोलॉजी विभाग, एसजीपीजीआईएमएस के नेतृत्व में और वेलकम ट्रस्ट/डीबीटी द्वारा वित्त पोषित एक हालिया अध्ययन में, उनकी प्रयोगशाला ने ग्लूकागन रिलीज को कम करने के लिए एक नया तरीका खोजा। सेल कल्चर और प्री-क्लिनिकल मॉडल का उपयोग करते हुए, डॉ सिन्हा की लैब ने दिखाया कि कैसे अग्न्याशय में mTORC1 नामक प्रोटीन की गतिविधि को रोककर ग्लूकागन रिलीज को कम किया जा सकता है। एमटीओआरसी1 के अवरोध से लाइसोसोम नामक सेलुलर संरचनाओं द्वारा संग्रहित ग्लूकागन का क्षरण होता है और ग्लूकागन को रक्त शर्करा के स्तर को बढ़ाने से रोकता है। इसलिए, इस अध्ययन से नई दवाओं का विकास हो सकता है जो मनुष्यों में ग्लूकागन के स्तर को नियंत्रित कर सकती हैं और मधुमेह रोगियों में रक्त शर्करा के स्तर को कम कर सकती हैं। यह काम हाल ही में एक अंतरराष्ट्रीय जर्नल "मॉलिक्यूलर मेटाबॉलिज्म" में प्रकाशित हुआ है।
2021-07-1707 minRam Dutt Tripathi , Media Swaraj2021-07-1245 minRam Dutt Tripathi , Media Swaraj2021-07-1207 minRam Dutt Tripathi , Media Swaraj2021-07-1038 minRam Dutt Tripathi , Media Swaraj2021-07-0849 minRam Dutt Tripathi , Media Swaraj2021-07-0741 minRam Dutt Tripathi , Media Swaraj2021-07-0536 minRam Dutt Tripathi , Media Swaraj2021-07-041h 02Ram Dutt Tripathi , Media Swaraj
Ram Dutt Tripathi , Media Swarajहमें चीन को भारत के नज़रिए से देखना होगा, न की पश्चिम के : चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के सौ साल पर विशेष चर्चाहमें चीन को भारत के नज़रिए से देखना होगा न कि पश्चिम के . चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के सौ साल पर विशेष चर्चा. #चीनी_कम्युनिस्ट पार्टी ने एक जुलाई 2021 को सौ साल पूरे किये . चीन दुनिया की इतनी बड़ी आर्थिक ताक़त कैसे बना और क्या अब वह दुनिया में अपने साम्राज्य का विस्तार करना चाहता है . आज की विशेष चर्चा में शामिल हैं प्रसिद्ध लेखक सुधीन्द्र कुलकर्णी, बीबीसी के पूर्व संवाददाता सुबीर भौमिक , वरिष्ठ पत्रकार पंकज प्रसून , चीन विशेषज्ञ त्रिनेत्र जोशी और चीन के वुहान शहर में कार्य कर चुके प्रो आशीष यादव . चर्चा का संचालन किया बीबीसी के पूर्व संवाददाता राम दत्त त्रिपाठी. Please listen and share with friends.
2021-07-021h 05Ram Dutt Tripathi , Media Swaraj2021-07-0148 minRam Dutt Tripathi , Media Swaraj
Ram Dutt Tripathi , Media Swarajअयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट की कमान अब सीधे संघ के हाथ मेंअयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर प्रोजेक्ट से जुड़े विवाद सामने आने के बाद इसकी कमान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने अपने हाथों में ले ली है। अब तक संघ के सरकार्यवाह रहे भैयाजी जोशी मंदिर परियोजना के केयरटेकर की भूमिका निभाएंगे। यानी अब पूरा प्रोजेक्ट भैयाजी जोशी की देखरेख में चलेगा। संघ में अनौपचारिक तौर पर यह निर्णय हो गया है। हालांकि, औपचारिक तौर पर अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का काम रामजन्मभूमि तीर्थ ट्रस्ट देख रहा है, जिसके सचिव चंपत राय हैं। राय को विश्व हिन्दू परिषद से ट्रस्ट में मनोनीत किया गया है। अयोध्या में मंदिर निर्माण के लिए अभी तक 3000 करोड़ रुपए से ज्यादा की रकम इकट्ठा हुई हैं, लेकिन अनुमान है कि पूरी अयोध्या को विकसित करने के लिए इस प्रोजेक्ट पर करीब 10,000 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगें।संघ चाहता है कि मंदिर निर्माण का प्रोजेक्ट संदेह से परे हो.कुछ लोगों का मानना है कि संघ ने भैयाजी जोशी को यह ज़िम्मेदारी मंदिर के लिए जमीन खरीद से जुड़ी अनियमितताओं की खबरें सामने आने के बाद सौंपी है। #अयोध्या_राम_मंदिर_ट्रस्ट  
2021-06-3042 minRam Dutt Tripathi , Media Swaraj
Ram Dutt Tripathi , Media Swarajकोरोना की तीसरी लहर का मुक़ाबला कैसे करें :सुनिए विशेषज्ञों की रायलखनऊ किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी के पूर्व वाइस चांसलर प्रोफ़ेसर एम एल भट्ट, हेमवती नादान बहुगुणा मेडिकल यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर प्रोफ़ेसर हेम चंद्र , कौंसिल ओफ़ इंडियन मेडिसिन के पूर्व अध्यक्ष वेदप्रकाश त्यागी और चित्रकूट के प्रसिद्ध वैद्य ड़ा मदन गोपाल वाजपेयी के साथ राम दत्त त्रिपाठी की चर्चा. चर्चा में आम राय बनी कि कोरोना की पहली और दूसरी लहर में आयुर्वेद के डाक्टरों को कोरोना इलाज से दूर रखना दुर्भाग्यपूर्ण था. अब तीसरी लहर का मुक़ाबला करने के लिए आयुष और आधुनिक चिकित्सा मिलकर काम करें. साथ ही अस्पतालों में डाक्टर, नर्स व अन्य ज़रूरी स्टाफ़ की संख्या बढाई जाए. #Covid 
2021-06-301h 16Ram Dutt Tripathi , Media Swaraj2021-06-3023 minRam Dutt Tripathi , Media Swaraj
Ram Dutt Tripathi , Media Swarajचंद्रशेखर आज़ाद और मायावती आमने - सामने , पश्चिमी उत्तर प्रदेश में घमासानपश्चिमी उत्तर प्रदेश में उभरते दलित नेता चंद्रशेखर आज़ाद की आज़ाद समाज पार्टी ने अगला विधानसभा चुनाव लड़ने की तैयारी शुरू कर दी है . माना जाता है कि इससे पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बहुजन समाज पार्टी को नुक़सान हो सकता है.और अगर चंद्र शेखर ने समाजवादी पार्टी और लोकदल से हाथ मिला लिया तो क्या एक जिताऊँ गठबंधन बन जायेगा. अथवा असदुद्दीन ओवैसी इनका खेल बिगाड़ सकते हैं . और अखिलेश यादव का नया प्रचार वीडियो .अमर उजाला के पूर्व संपादक कुमार भवेश चंद्र की बीबीसी के पूर्व संवाददाता राम दत्त त्रिपाठी से बातचीत इन्हीं मुद्दों पर केंद्रित रही . चर्चा में विशेष मेहमान थे लखनऊ विश्वविद्यालय में प्रोफ़ेसर सुधीर पंवार जो राजनीति पर पैनी नज़र रखते हैं .
2021-06-2956 minRam Dutt Tripathi , Media Swaraj2021-06-261h 12Ram Dutt Tripathi , Media Swaraj2021-06-2533 minRam Dutt Tripathi , Media Swaraj2021-06-241h 10Ram Dutt Tripathi , Media Swaraj2021-06-241h 04Ram Dutt Tripathi , Media Swaraj2021-06-2451 minRam Dutt Tripathi , Media Swaraj2021-06-2128 minRam Dutt Tripathi , Media Swaraj2021-06-2122 minRam Dutt Tripathi , Media Swaraj2021-06-2121 minRam Dutt Tripathi , Media Swaraj2021-02-2418 minRam Dutt Tripathi , Media Swaraj2021-02-2422 minRam Dutt Tripathi , Media Swaraj2021-02-1924 minRam Dutt Tripathi , Media Swaraj2021-02-101h 11Ram Dutt Tripathi , Media Swaraj2021-02-0924 minRam Dutt Tripathi , Media Swaraj
Ram Dutt Tripathi , Media Swarajसुभद्रा माता - तपोवन में बर्फ़ की गुफा में एकांत साधना के अनुभव Subhadra Mata : Experiences of living in snow cave for Meditationin 2006 I visited UttarKashi in Uttarakhand region of Himalaya to collect information about impact of Tehri Dam ,  pollution and climate change on Gomukh and Gangotri. This was in connection to prepare a series of radio reports on the health of mother Ganges on the occasion of the Prayagraj Ardhkumbh .  During my visit I met Subhadra Mata a woman ascetic who lived very difficult condition in snow bound Tapovan range of Himalaya hills. She also visited Kailash Mansarovar . I am presenting this interview  now on  the occasion of the Haridwar Kumbh 2021.  Please listen her experiences . प्रयागराज कुम्भ 2007 के अवसर पर टिहरी बांध, जलवायु परिवर्तन और प्रदूषण का गंगोत्री, गोमुख और  माँ गंगा के स्वास्थ्य पर पड  रहे प्रतिकूल प्रभाव पर  रेडियो रिपोर्ट्स बनाने के लिए मैं उत्तरकाशी की यात्रा पर गया था. वहाँ मेरी मुलाक़ात संयासिनी सुभद्रा माता से हुई. सुभद्रा माता वर्षों  तक गोमुख से भी ऊपर तपोवन में बर्फ़ की गुफाओं में साधना कर चुकी हैं. उन्होंने कैलाश मानसरोवर की भी यात्रा की है. अब हरिद्वार कुम्भ 2021 के अवसर पर यह बातचीत प्रस्तुत है. 
2021-02-0609 minRam Dutt Tripathi , Media Swaraj2021-02-0503 minRam Dutt Tripathi , Media Swaraj2021-02-0313 minRam Dutt Tripathi , Media Swaraj2021-02-0217 minRam Dutt Tripathi , Media Swaraj2021-02-011h 05Ram Dutt Tripathi , Media Swaraj2021-02-0101 min