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Dr. Kumar Vishwas

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Vishwas Ki Vaani - Dr. Kumar Vishwas2025-07-2508 minVishwas Ki Vaani - Dr. Kumar Vishwas2025-07-1513 minVishwas Ki Vaani - Dr. Kumar Vishwas2025-07-1543 minVishwas Ki Vaani - Dr. Kumar Vishwas2025-07-1518 minVishwas Ki Vaani - Dr. Kumar Vishwas2025-07-1512 minVishwas Ki Vaani - Dr. Kumar Vishwas2025-07-1526 minVishwas Ki Vaani - Dr. Kumar Vishwas2025-07-1511 minVishwas Ki Vaani - Dr. Kumar Vishwas2025-07-1537 minVishwas Ki Vaani - Dr. Kumar Vishwas2025-07-1515 minVishwas Ki Vaani - Dr. Kumar Vishwas2025-07-1517 minVishwas Ki Vaani - Dr. Kumar Vishwas2025-07-1501 minVishwas Ki Vaani - Dr. Kumar Vishwas2025-07-1510 minVishwas Ki Vaani - Dr. Kumar Vishwas2025-07-1507 minVishwas Ki Vaani - Dr. Kumar Vishwas2025-07-1506 minVishwas Ki Vaani - Dr. Kumar Vishwas2025-07-1520 minVijit Singh Studio2025-07-0601 minRam Ishwar Hain Ya Mahapurush - Dr. Kumar Vishwas2025-07-051h 04Ram Ishwar Hain Ya Mahapurush - Dr. Kumar Vishwas2025-07-0508 minRam Ishwar Hain Ya Mahapurush - Dr. Kumar Vishwas2025-07-0513 minRam Ishwar Hain Ya Mahapurush - Dr. Kumar Vishwas2025-07-0513 minRam Ishwar Hain Ya Mahapurush - Dr. Kumar Vishwas2025-07-0514 minRam Ishwar Hain Ya Mahapurush - Dr. Kumar Vishwas2025-07-0519 minRam Ishwar Hain Ya Mahapurush - Dr. Kumar Vishwas2025-07-0510 minRam Ishwar Hain Ya Mahapurush - Dr. Kumar Vishwas2025-07-0546 minRam Ishwar Hain Ya Mahapurush - Dr. Kumar Vishwas2025-07-0555 minRam Ishwar Hain Ya Mahapurush - Dr. Kumar Vishwas2025-07-0508 minRam Ishwar Hain Ya Mahapurush - Dr. Kumar Vishwas2025-07-0511 minRam Ishwar Hain Ya Mahapurush - Dr. Kumar Vishwas2025-07-0546 minSay what again Billy? podcast2025-06-1851 minA Inner Habit with Shruti K Doctor2025-06-1851 minLearnings by Engineered Baniya2025-04-2205 minLearnings by Engineered Baniya2025-04-1407 minThe Himachali Podcast2024-04-011h 23The Himachali Podcast2024-04-011h 15The Music Podcast2024-03-212h 33The Ranveer Show हिंदी
The Ranveer Show हिंदीDr. Kumar Vishwas - Zindagi Mein Badlaav, Yoga, Dhyaan & Spirituality | The Ranveer Show हिंदी 222Level Supermind - Mind Performance App को Download करिए यहाँ से 👇 Android: https://lvl.fit/android31/12 iOS: https://lvl.fit/ios31/12 Use my referral code RANVEER to get 1 week of free premium access Level के बारे में जानने के लिए हमें यहाँ Follow करें: https://linktr.ee/levelsupermindcommunity कुमार विश्वास जी को Social Media पे Follow कीजिए :- Instagram : https://instagram.com/kumarvishwas Facebook : https://www.facebook.com/KumarVishwas X : https://twitter.com/DrKumarVishwas 🎧 सुनिए #TheRanveerShow हिंदी Spotify पर: https://open.spotify.com/show/3ptiw7nOKh5vsMoar79YGc नमस्ते दोस्तों! The Ranveer Show हिंदी के 222th Episode में आप सभी का स्वागत है. आज के Podcast में हमारे साथ जुड़ चुके हैं मशहूर कवि Kumar Vishwas, जिनकी कविताओं को लोगों से ढ़ेर सारा प्यार मिलता है। साथ ही ये हिंदी के Professor भी रह चुके हैं। अपने जीवन के कुछ साल इन्होंने राजनीति में भी बिताए हैं। इस Podcast में हम बात करेंगे ढ़ेर सारी बातें Kumar Vishwas की Love Story, Spiritual Transformation, Personal Life, Political Life और Creativity के बारे में। साथ-ही-साथ हम बात करेंगे Bhagavad Gita, The State Of Timelessness, Ramayan, Sadness, Yoga और ध्यान के बारे में और भी ढ़ेर सारी बातें। मैं आशा करता हूँ कि ये Video आप सभी Viewers को पसंद आएगा। खास तौर पर उन सभी को जिन्हें Spirituality के बारे में जानने में Interest है। How To Choose Your Life Partner, Dealing With Self Pity और How To Be A Good Person जैसी चीज़ों के बारे में हम Discuss करेंगे इस Hindi Podcast में सिर्फ और सिर्फ आपके Favourite BeerBiceps Hindi Channel Ranveer Allahbadia पर। (00:00) : Episode की शुरूआत (01:53) : Yoga और Dhyaan (11:47) : Dealing With Self-Pity & Sadness (22:42) : Spiritual Transformation (28:09) : Love Story (33:02) : How To Choose Your Life Partner? (35:35) : How Does Someone's Energy Affect You In A Positive/Negative Way? (39:37) : Be A Good Human Being! (44:07) : Thank You For Watching
2023-12-1544 minUttar Pradesh ki Khabrein2023-11-1405 minUttar Pradesh ki Khabrein2023-11-1005 minUttar Pradesh ki Khabrein2023-11-0905 minKavita Path
Kavita PathKab Tak Geet Sunau Radha - Kumar VishwasListen in to a recitation of the poem "Kab Tak Geet Sunau Radha" written by Kumar Vishwas. Lyrics in Hindi: कब तक गीत सुनाऊं राधा कब तक गीत सुनाऊं मथुरा छूटी, छूटी द्वारिका, इंद्रप्रस्थ ठुकराऊं बंसी छूटी, गोकुल छूटा, कब तक चक्र उठाऊं पिछले जन्म जानकी तुझ बिन जैसे तैसे बीता महासमर में रीता रीता, कब तक गाउ गीता और अभी कितने जन्मों तक तुझे दूर बिताऊं.... कब तक गीत सुनाऊं राधा कब तक गीत सुनाऊं बचपन से प्रभुता का बोजा ढोते कटी जवानी हरपल षडयंत्रो में उलझी सांसे आनी जानी युगकी आंखे अमृत पीती रही मुझे तक तक कर अधर मधुर देखे सबने पर पीड़ा न पहचानी इस पीडाको यार सुदामा कबतक महल दिखाऊ' कब तक गीत सुनाऊं राधा कब तक गीत सुनाऊं दो माँ ओने लाड लड़ाया, दो चहेरोने चाहा फिरभी भरी द्वरिकामे में खुदको लगा पराया मेरा क्या अपराध के मेरा गाँव गली घर छूटा आँचलसे बिछडेको जग ने पीताम्बर पहनाया चाहे जाते जाते भी बंसी मधुर बजाऊ, कब तक गीत सुनाऊं राधा कब तक गीत सुनाऊं जग भरके अपराध सदा हीं, अपने शीश उठाये रस का माखन समने चाखा, चोर हमी कहलाये युगके दुर्योधनके जब जब अहंकार को कुचला दुनिया जीती, गांधारी के शाप हमीने खाये मुझको गले लगाओ या में ही गले लगाऊ, कब तक गीत सुनाऊं राधा कब तक गीत सुनाऊं In this poem, god Krishna is talking to his beloved Radha. He is lamenting the fact that he has to be away from her for so long, and he is asking her how long he has to keep singing songs to her before she will come back to him. --- Send in a voice message: https://podcasters.spotify.com/pod/show/kavita-path/message
2023-11-0603 minKavita Path
Kavita PathKuch Chote Sapno Ke Badle - Kumar VishwasListen in to a recitation of a "Kuch Chote Sapno Ke Badle" written by Kumar Vishwas. Lyrics in Hindi: कुछ छोटे सपनो के बदले,बड़ी नींद का सौदा करने,निकल पडे हैं पांव अभागे,जाने कौन डगर ठहरेंगे !वही प्यास के अनगढ़ मोती,वही धूप की सुर्ख कहानी,वही आंख में घुटकर मरती,आंसू की खुद्दार जवानी,हर मोहरे की मूक विवशता,चौसर के खाने क्या जानेहार जीत तय करती है वे, आज कौन से घर ठहरेंगेनिकल पडे हैं पांव अभागे,जाने कौन डगर ठहरेंगे !कुछ पलकों में बंद चांदनी,कुछ होठों में कैद तराने,मंजिल के गुमनाम भरोसे,सपनो के लाचार बहाने,जिनकी जिद के आगे सूरज, मोरपंख से छाया मांगे,उन के भी दुर्दम्य इरादे, वीणा के स्वर पर ठहरेंगेनिकल पडे हैं पांव अभागे,जाने कौन डगर ठहरेंगे --- Send in a voice message: https://podcasters.spotify.com/pod/show/kavita-path/message
2023-11-0402 minThe Ranveer Show हिंदी
The Ranveer Show हिंदीKumar Vishwas Ke Dil Ki Baat - Politics, Elections Aur BHARAT Ka Future | The Ranveer Show हिंदी 196Level Supermind - Mind Performance App को Download करिए यहाँ से 👇 Android: https://lvl.fit/android31/12 iOS: https://lvl.fit/ios31/12 Use my referral code RANVEER to get 1 week of free premium access Level के बारे में जानने के लिए हमें यहाँ Follow करें: https://linktr.ee/levelsupermindcommunity कुमार विश्वास जी को Social Media पे Follow कीजिए :- Instagram : https://instagram.com/kumarvishwas Facebook : https://www.facebook.com/KumarVishwas Twitter : https://twitter.com/DrKumarVishwas 🎧 सुनिए #TheRanveerShow हिंदी Spotify पर: https://open.spotify.com/show/3ptiw7nOKh5vsMoar79YGc नमस्ते दोस्तों! The Ranveer Show हिंदी के 196th Episode में आप सभी का स्वागत है. आज के Podcast में हमारे साथ जुड़ चुके हैं मशहूर कवि Kumar Vishwas, जिनकी कविताओं को लोगों से ढ़ेर सारा प्यार मिलता है। साथ ही ये हिंदी के Professor भी रह चुके हैं। अपने जीवन के कुछ साल इन्होंने राजनीति में भी बिताए हैं। इस Podcast में हम बात करेंगे ढ़ेर सारी बातें Kumar Vishwas की Life Story, Political Journey, Political Ideology, Anna Hazare, PM Modi, 2024 Elections और Social Media के बारे में। साथ-ही-साथ हम बात करेंगे शिव तांडव का रहस्य, Spirituality और Religion, Politicians, GenZ की Problems और Creative Transformation के बारे में और भी ढ़ेर सारी बातें। मैं आशा करता हूँ कि ये Video आप सभी Viewers को पसंद आएगा। खास तौर पर उन सभी को जिन्हें Kumar Vishwas की Life के बारे में जानने में Interest है। Future Of India, Who Will Be India's Next PM और Young Leaders In Politics जैसी चीज़ों के बारे में हम Discuss करेंगे इस Hindi Podcast में सिर्फ और सिर्फ आपके Favourite BeerBiceps Hindi Channel Ranveer Allahbadia पर। (00:00) : Episode की शुरूआत (02:32) : क्या GenZ को Spiritual होने की ज़रूरत है? (04:35) : Spirituality और Religion में Difference (06:10) : Life Story (09:36) : Political Journey (12:36) : Politicians अपनी गलती क्यूं नहीं मानते है? (13:51) : Why Politics Is Not Easy? (16:38) : Political Ideology (21:46) : Podcasts की ज़रूरत (23:07) : Creative Transformation का Concept (25:05) : Why Reinventing Yourself Is Important? (26:33) : New Learnings
2023-09-1351 minPratidin Ek Kavita
Pratidin Ek KavitaEk Stree Par Kijiye Vishwas | Kumar Ambujएक स्त्री पर कीजिए विश्वास - कुमार अंबुज जब ढह रही हों आस्थाएँजब भटक रहे हों रास्तातो इस संसार में एक स्त्री पर कीजिए विश्वासवह बताएगी सबसे छिपाकर रखा गया अनुभवअपने अँधेरों में से निकालकर देगी वही एक कंदीलकितने निर्वासित, कितने शरणार्थी,कितने टूटे हुए दुखों से, कितने गर्वीलेकितने पक्षी, कितने शिकारीसब करते रहे हैं एक स्त्री की गोद पर भरोसाजो पराजित हुए उन्हें एक स्त्री के स्पर्श ने ही बना दिया विजेताजो कहते हैं कि छले गए हम स्त्रियों सेवे छले गए हैं अपनी ही कामनाओं सेअभी सब कुछ गुजर नहीं गया हैयह जो अमृत है यह जो अथाह हैयह जो अलभ्य दिखता हैउसे पा सकने के लिए एक स्त्री की उपस्थितिउसकी हँसी, उसकी गंधऔर उसके उफान पर कीजिए विश्वासवह सबसे नयी कोंपल हैऔर वही धूल चट्टानों के बीच दबी हुए एक जीवाश्म की परछाईं।
2023-07-0402 minFear Factory2022-12-2227 minIdeology2022-10-3106 minHindi Kavya Shala2022-09-2408 minKavita Path2022-09-1002 minThis Is Saheb2022-07-1203 minZindagi With Richa2022-06-091h 07Zindagi With Richa2022-06-071h 15Daily Dose2022-05-0212 minPoliticsarca2022-02-2104 minShayar2022-02-0510 minक़िस्से और किताबें Lit Show With Suneel neel
क़िस्से और किताबें Lit Show With Suneel neelमैंने जो हूँ... जाॅन एलिया हूँ | Main jo hoon jaun eliya hoon | A book reviewमैंने जो हूँ... जाॅन एलिया हूँ | Main jo hoon jaun eliya hoon | A book review दोस्तो! जॉन एलिया पाकिस्तान के रहने वाले एक बहुत ही मशहूर शायर थे। इन की पैदाइश हिंदुस्तान की थी। 1957 में यह पाकिस्तान जाकर बस गए। जॉन एलिया हिंदुस्तान में उत्तर प्रदेश के 'अमरोहा' के रहने वाले थे। दोस्तो! जॉन एलिया की यह किताब 'मैं जो हूं जॉन एलिया हूँ' डॉ कुमार विश्वास के संपादन में वाणी प्रकाशन से प्रकाशित हुई है। यहां प्रस्तुत है इस किताब की बुक रिव्यू उम्मीद है। जॉन एलिया साहब की चंद्र प्रकाशित किताबें हैं 'शायद' (1991) 'यानी' (2003) 'गुमान' (2006) और 'गोया' (2008). यह किताब 'मैं जो हूं जॉन एलिया हूं' जॉन एलिया साहब की ग़ज़लों का संकलन है जो डॉक्टर कुमार विश्वास के संपादन में वाणी प्रकाशन से प्रकाशित हुई है। संकलन एवं लिप्यांतर शीन काफ़ निज़ाम साहब का है। #Books #Bookreviewinhindi #mainjohoonjauneliyahoon #jauneliya jaun eliya, jaun elia, Book review, jaun elia ki book 'main jo hoon jaun elia hoon',  Urdu poetry, poetry in hindi, Dr. Kumar Vishwas, ghazal sangrah, collection of ghazals of jaun elia, Book review in hindi, मैं जो हूँ जाॅन एलिया हूँ, vaani publication, jaun elia ki books 'Goya' 'Yaani' 'Shayad' 'ghuman', Jaun eliya ek khudrang shayar,
2022-01-2006 minOpal Poetry2022-01-1903 minEnjoy Amazing Full Audiobooks in Biography & Memoir, Arts & Entertainment2021-12-2501 minKavita Path
Kavita PathMuktak - Kumar VishwasListen in to a recitation of a "muktak" written by Kumar Vishwas. Lyrics in Hindi: बस्ती बस्ती घोर उदासी पर्वत पर्वत खालीपन मन हीरा बेमोल बिक गया घिस घिस रीता तन चंदन इस धरती से उस अम्बर तक दो ही चीज़ गज़ब की है एक तो तेरा भोलापन है एक मेरा दीवानापन||1|| जिसकी धुन पर दुनिया नाचे, दिल एक ऐसा इकतारा है, जो हमको भी प्यारा है और, जो तुमको भी प्यारा है. झूम रही है सारी दुनिया, जबकि हमारे गीतों पर, तब कहती हो प्यार हुआ है, क्या अहसान तुम्हारा है||2|| जो धरती से अम्बर जोड़े, उसका नाम मोहब्बत है , जो शीशे से पत्थर तोड़े, उसका नाम मोहब्बत है , कतरा कतरा सागर तक तो,जाती है हर उमर मगर , बहता दरिया वापस मोड़े, उसका नाम मोहब्बत है||3|| बहुत टूटा बहुत बिखरा थपेड़े सह नहीं पाया हवाओं के इशारों पर मगर मैं बह नहीं पाया रहा है अनसुना और अनकहा ही प्यार का किस्सा कभी तुम सुन नहीं पायी कभी मैं कह नहीं पाया||4|| तुम्हारे पास हूँ लेकिन जो दूरी है समझता हूँ तुम्हारे बिन मेरी हस्ती अधूरी है समझता हूँ तुम्हे मैं भूल जाऊँगा ये मुमकिन है नहीं लेकिन तुम्ही को भूलना सबसे ज़रूरी है समझता हूँ||5|| पनाहों में जो आया हो तो उस पर वार करना क्या जो दिल हारा हुआ हो उस पर फिर अधिकार करना क्या मुहब्बत का मज़ा तो डूबने की कश्मकश में है हो गर मालूम गहराई तो दरिया पार करना क्या||6|| समन्दर पीर का अन्दर है लेकिन रो नहीं सकता ये आँसू प्यार का मोती है इसको खो नहीं सकता मेरी चाहत को दुल्हन तू बना लेना मगर सुन ले जो मेरा हो नहीं पाया वो तेरा हो नहीं सकता||7|| पुकारे आँख में चढ़कर तो खू को खू समझता है, अँधेरा किसको को कहते हैं ये बस जुगनू समझता है, हमें तो चाँद तारों में भी तेरा रूप दिखता है, मोहब्बत में नुमाइश को अदाएं तू समझता है||8|| गिरेबां चाक करना क्या है, सीना और मुश्किल है, हर एक पल मुस्काराकर अश्क पीना और मुश्किल है हमारी बदनसीबी ने हमें इतना सिखाया है, किसी के इश्क में मरने से जीना और मुश्किल है||9|| मेरा अपना तजुर्बा है तुम्हें बतला रहा हूँ मैं कोई लब छू गया था तब अभी तक गा रहा हूँ मैं फिराके यार में कैसे जिया जाये बिना तड़पे जो मैं खुद ही नहीं समझा वही समझा रहा हूँ मैं||10|| किसी पत्थर में मूरत है कोई पत्थर की मूरत है लो हमने देख ली दुनिया जो इतनी ख़ूबसूरत है ज़माना अपनी समझे पर मुझे अपनी खबर ये है तुम्हें मेरी जरूरत है मुझे तेरी जरूरत है||11|| --- Send in a voice message: https://podcasters.spotify.com/pod/show/kavita-path/message
2021-11-1805 minKavita Path
Kavita PathBansuri Chali Aao - Kumar VishwasListen in to a recitation of the famous poem “Bansuri Chali Aao” by Kumar Vishwas. Lyrics in Hindi: तुम अगर नहीं आई गीत गा न पाऊँगा साँस साथ छोडेगी, सुर सजा न पाऊँगा तान भावना की है शब्द-शब्द दर्पण है बाँसुरी चली आओ, होंठ का निमंत्रण है तुम बिना हथेली की हर लकीर प्यासी है तीर पार कान्हा से दूर राधिका-सी है रात की उदासी को याद संग खेला है कुछ गलत ना कर बैठें मन बहुत अकेला है औषधि चली आओ चोट का निमंत्रण है बाँसुरी चली आओ, होंठ का निमंत्रण है तुम अलग हुई मुझसे साँस की ख़ताओं से भूख की दलीलों से वक्त की सज़ाओं से दूरियों को मालूम है दर्द कैसे सहना है आँख लाख चाहे पर होंठ से न कहना है कंचना कसौटी को खोट का निमंत्रण है बाँसुरी चली आओ, होंठ का निमंत्रण है --- Send in a voice message: https://podcasters.spotify.com/pod/show/kavita-path/message
2021-11-0302 minKavita Path
Kavita PathTeri Yaad Aati Hai - Kumar VishwasListen in to a recitation of the famous poem “Teri Yaad Aati Hai” by Kumar Vishwas. Lyrics in Hindi: हर एक खोने हर एक पाने में तेरी याद आती है नमक आँखों में घुल जाने में तेरी याद आती है तेरी अमृत भरी लहरों को क्या मालूम गंगा माँ समंदर पार वीराने में तेरी याद आती है हर एक खाली पड़े आलिन्द तेरी याद आती है सुबह के ख्वाब के मानिंद तेरी याद आती है हेलो, हे, हाय! सुन के तो नहीं आती मगर हमसे कोई कहता है जब “जय हिंद” तेरी याद आती है कोई देखे जनम पत्री तो तेरी याद आती है कोई व्रत रख ले सावित्री तो तेरी याद आती है अचानक मुश्किलों में हाथ जोड़े आँख मूंदे जब कोई गाता हो गायत्री तो तेरी याद आती है सुझाये माँ जो मुहूर्त तो तेरी याद आती है हँसे जब बुद्ध की मूरत तो तेरी याद आती है कहीं डॉलर के पीछे छिप गए भारत के नोटों पर दिखे गाँधी की जो सूरत तो तेरी याद आती है अगर मौसम हो मनभावन तो तेरी याद आती है झरे मेघों से गर सावन तो तेरी याद आती है कहीं रहमान की जय हो को सुन कर गर्व के आंसू करें आँखों को जब पावन तो तेरी याद आती है --- Send in a voice message: https://podcasters.spotify.com/pod/show/kavita-path/message
2021-10-2603 minKavita Path
Kavita PathMain Bhav Suchi Un Bhavo Ki - Kumar VishwasListen in to a recitation of the famous poem “Main Bhav Suchi Un Bhavo Ki” by Kumar Vishwas. Lyrics in Hindi: में भाव सूची उन भावों की, जो बिके सदा ही बिन तोले तन्‍हाई हूं हर उस खत की, जो पढा गया है बिन खोले हर आंसू को हर पत्‍थर तक पहुंचाने की लाचार हूक, में सहज अर्थ उन शब्‍दों का जो सुने गये हैं बिन बोले जो कभी नहीं बरसा खुलकर हर उस बादल का पानी हूं लव कुश की पीर बिना गाई सीता की रामकहानी हूं जिनके सपनों के ताजमहल, बनने से पहले टूट गये जिन हाथों में दो हाथ कभी आने से पहले छूट गये धरती पर जिनके खोने और पाने की अजब कहानी है किस्‍मत की देवी मान गयी पर प्रणय देवता रूठ गये में मैली चादर वाले उस कबिरा की अम़तवाणी हूं लव कुश की पीर बिना गाई सीता की रामकहानी हूं कुछ कहते हैं में सीखा हूं अपने जख्‍मों को खुद सींकर कुछ जान गये में हंसता हूं भीतर भीतर आंसू पीकर कुछ कहते हैं में हूं बिरोध से उपजी एक खुददार विजय कुछ कहते में रचता हूं खुद में मरकर खुद में जीकर लेकिन हर चतुराई की सोची समझी नादानी हूं लव कुश की पीर बिना गाई सीता की रामकहानी हूं --- Send in a voice message: https://podcasters.spotify.com/pod/show/kavita-path/message
2021-10-2203 minKavita Path
Kavita PathMain Tumhe Dhundhne - Kumar VishwasListen in to a recitation of the famous poem “Main Tumhe Dhundhne” by Kumar Vishwas. Lyrics in Hindi: मैं तुम्हें ढूँढने स्वर्ग के द्वार तक रोज आता रहा, रोज जाता रहा तुम ग़ज़ल बन गई, गीत में ढल गई मंच से में तुम्हें गुनगुनाता रहा जिन्दगी के सभी रास्ते एक थे सबकी मंजिल तुम्हारे चयन तक गई अप्रकाशित रहे पीर के उपनिषद् मन की गोपन कथाएँ नयन तक रहीं प्राण के पृष्ठ पर गीत की अल्पना तुम मिटाती रही मैं बनाता रहा तुम ग़ज़ल बन गई, गीत में ढल गई मंच से में तुम्हें गुनगुनाता रहा एक खामोश हलचल बनी जिन्दगी गहरा ठहरा जल बनी जिन्दगी तुम बिना जैसे महलों में बीता हुआ उर्मिला का कोई पल बनी जिन्दगी दृष्टि आकाश में आस का एक दिया तुम बुझती रही, मैं जलाता रहा तुम ग़ज़ल बन गई, गीत में ढल गई मंच से में तुम्हें गुनगुनाता रहा तुम चली गई तो मन अकेला हुआ सारी यादों का पुरजोर मेला हुआ कब भी लौटी नई खुशबुओं में सजी मन भी बेला हुआ तन भी बेला हुआ खुद के आघात पर व्यर्थ की बात पर रूठती तुम रही मैं मानता रहा तुम ग़ज़ल बन गई, गीत में ढल गई मंच से में तुम्हें गुनगुनाता रहा मैं तुम्हें ढूँढने स्वर्ग के द्वार तक रोज आता रहा, रोज जाता रहा --- Send in a voice message: https://podcasters.spotify.com/pod/show/kavita-path/message
2021-10-1903 minKavita Path
Kavita PathItni Rang Birangi Duniya - Kumar VishwasListen in to a recitation of the famous poem “Itni Rang Birangi Duniya” by Kumar Vishwas. Lyrics in Hindi: इतनी रंग बिरंगी दुनिया, दो आँखों में कैसे आये, हमसे पूछो इतने अनुभव, एक कंठ से कैसे गाये. ऐसे उजले लोग मिले जो, अंदर से बेहद काले थे, ऐसे चतुर मिले जो मन से सहज सरल भोले-भाले थे. ऐसे धनी मिले जो, कंगालो से भी ज्यादा रीते थे, ऐसे मिले फकीर, जो, सोने के घट में पानी पीते थे. मिले परायेपन से अपने, अपनेपन से मिले पराये, हमसे पूछो इतने अनुभव, एक कंठ से कैसे गाये. इतनी रंग बिरंगी दुनिया, दो आँखों में कैसे आये. जिनको जगत-विजेता समझा, मन के द्वारे हारे निकले, जो हारे-हारे लगते थे, अंदर से ध्रुव- तारे निकले. जिनको पतवारे सौंपी थी, वे भँवरो के सूदखोर थे, जिनको भँवर समझ डरता था, आखिर वही किनारे निकले. वो मंजिल तक क्या पहँुचे, जिनको रास्ता खुद भटकाए हमसे पूछो इतने अनुभव, एक कंठ से कैसे गाये, इतनी रंग बिरंगी दुनिया, दो आँखों में कैसे आये. --- Send in a voice message: https://podcasters.spotify.com/pod/show/kavita-path/message
2021-10-1403 minKavita Path
Kavita PathKoi Deewana Kehta Hai - Kumar VishwasListen in to a recitation of the famous poem “Koi Deewana Kehta Hai” by Kumar Vishwas. Lyrics in Hindi: कोई दीवाना कहता है, कोई पागल समझता है ! मगर धरती की बेचैनी को बस बादल समझता है !! मैं तुझसे दूर कैसा हूँ , तू मुझसे दूर कैसी है ! ये तेरा दिल समझता है या मेरा दिल समझता है !! मोहब्बत एक अहसासों की पावन सी कहानी है ! कभी कबिरा दीवाना था कभी मीरा दीवानी है !! यहाँ सब लोग कहते हैं, मेरी आंखों में आँसू हैं ! जो तू समझे तो मोती है, जो ना समझे तो पानी है !! समंदर पीर का अन्दर है, लेकिन रो नही सकता ! यह आँसू प्यार का मोती है, इसको खो नही सकता !! मेरी चाहत को दुल्हन तू बना लेना, मगर सुन ले ! जो मेरा हो नही पाया, वो तेरा हो नही सकता !! भ्रमर कोई कुमुदुनी पर मचल बैठा तो हंगामा! हमारे दिल में कोई ख्वाब पल बैठा तो हंगामा!! अभी तक डूब कर सुनते थे सब किस्सा मोहब्बत का! मैं किस्से को हकीक़त में बदल बैठा तो हंगामा!! --- Send in a voice message: https://podcasters.spotify.com/pod/show/kavita-path/message
2021-10-0903 minShayari Sukun: The Best Hindi Urdu Poetry Shayari Podcast2021-10-0404 minShayari Sukun | शायरी सुकून2021-10-0404 minShayari Sukun: The Best Hindi Urdu Poetry Shayari Podcast2021-09-1704 minShayari Sukun | शायरी सुकून2021-09-1704 minshatdalradio
shatdalradioKumar Vishwas ji ki shayriकिसी के दिल की मायूसी जहाँ से हो के गुजरी हैं हमारी सारी चालाकी वही पे खो के गुजरी हैं तुम्हारी और हमारी रात में बस फर्क इतना हैं तुम्हारी सो के गुजरी हैं , हमारी रो के गुजरी है अभी चलता हूँ रस्ते को मैं मंजिल मान लू कैसे मसीहा दिल को अपनी जिद का कातिल मन लूँ कैसे तुम्हारी याद के आदिम अँधेरे मुझको घेरे हैं तुम्हारे बिन जो बीते दिन उन्हें दिन मान लू कैसे ग़मों को आबरू अपनी ख़ुशी को गम समझते हैं जिन्हें कोई नहीं समझा उन्हें बस हम समझते हैं कशिश जिन्दा है अपनी चाहतो में जानेजां क्यूंकि हमें तुम कम समझते हो, तुम्हें हम कम समझते हैं मिले हर जख्म को ,मुस्कान से सीना नहीं आया अमरता चाहते थे पर, जहर पीना नहीं आया तुम्हारी और मेरी दास्ताँ में फर्क इतना हैं मुझे मरना नहीं आया तुम्हे जीना नहीं आया ये तेरी बेरुखी की हमपे आदत खास टूटेगी कोई दरिया न ये समझे की मेरी प्यास टूटेगी तेरे वादे का तू जाने मेरा वो ही इरादा है की जिस दिन सांस टूटेगी उसी दिन आस टूटेगी
2021-07-1604 min\2021-07-1413 minRandom Musings2021-06-3056 minThe Anokha show2021-06-2215 minThe Anokha show2021-04-2628 minHeart2Heart TALK
Heart2Heart TALKVishwas se Hi Kalpna Sakar Hoti Hain |विश्वास से ही कल्पना साकार होती हैं।Vishwas se Hi Kalpna Sakar Hoti Hain |विश्वास से ही कल्पना साकार होती हैं। प्रत्येक व्यक्ति का ९० प्रतिशत मानसिक जीवन कल्पना अथवा धारणा पर अवलम्बित हैं। यह एक अद्भुत शक्ति हैं। इसका प्रयोग और उपयोग ही आपको जीवन की संकीर्ण सीमा के पार कर सकता हैं। आपका चिंतन जितना सकारात्मक होगा उसकी छबि आपके दिमाग पर स्पष्ट सन्देश देंगी। यही आपके जीवन के तथ्यों और अनुभवों के रूप में प्रकट होगी। हमारा मन कल्पनाशील हैं ,उसे कल्पना में उड़ना पसंद हैं, इसलिए उसे तरंगी मन भी कहते हैं। आपकी धारणा जितनी परिपक्व होगी उसका परिणाम भी सचोट व् प्रत्यक्ष होगा। , पूर्ण रूपी स्वीकृति का कोई विवाद नहीं होताा और परिणाम भी आपके पक्ष को मजबूत करता हैं।--- Send in a voice message: https://anchor.fm/kumar-abhishek/messageSupport this podcast: https://anchor.fm/kumar-abhishek/support
2021-03-2108 minExplainer | Part 12021-03-1504 minBollywood Masala2021-02-2313 minKavi Ki Kavitaye2020-10-3105 minKavi Ki Kavitaye2020-10-1903 minTena Tyaktena Bhunjitha2020-10-1200 minKavi Ki Kavitaye2020-09-1501 minGali ka Ghalib2020-09-1212 minKavi Ki Kavitaye2020-09-0602 minKavi Ki Kavitaye2020-09-0201 minKavi Ki Kavitaye2020-08-2501 minKavi Ki Kavitaye2020-08-1802 minKavi Ki Kavitaye2020-08-0902 minKavi Ki Kavitaye2020-08-0400 minपहल। इनीशिएटिव।2020-08-0102 minGet Pileup of Full Audiobooks in Fiction & Literature, Literary Fiction
Get Pileup of Full Audiobooks in Fiction & Literature, Literary FictionS01E10 Rabindranath Tagore: Bhakti Prem Vidroh - Dr. Kumar VishwasListen to this audiobook in full for free onhttps://hotaudiobook.com/freeTitle: S01E10 Rabindranath Tagore: Bhakti Prem VidrohAuthor: Dr. Kumar VishwasNarrator: Dr. Kumar VishwasFormat: UnabridgedLength: 0:42:51Language: HindiRelease date: 02-03-2020Publisher: Storyside AB India ExclusiveGenres: Fiction & Literature, Literary CriticismSummary:भारतीय कविता की एक महान परम्परा है जो समय, इतिहास, भूगोल और विभिन्न भाषाओं के आर-पार फैली है. सुप्रसिद्ध हिंदी कवि और हिंदी भाषा के नये आत्मविश्वास के अग्रणी नायक कुमार विश्वास अपनी पहली ऑडियो ओरिजिनल सीरीज़ में हमें इस महान परम्परा की कश्मीर से कन्याकुमारी तक की यात्रा करवा रहे हैं और आग्रह कर रहे हैं कि हम भक्ति, प्रेम और विद्रोह की इस विलक्षण विरासत को संजो कर रखें. इस एपिसोड में कुमार बांग्ला भाषा के अमर आधुनिक कवि और आधुनिक भारतीय साहित्य के निर्माताओं में से एक रवीन्द्रनाथ ठाकुर के जीवन और रचनाकर्म पर एकाग्र हैं. शोध: कुमार अनुपम
2020-02-0442 minGet Pileup of Full Audiobooks in Fiction & Literature, Literary Fiction
Get Pileup of Full Audiobooks in Fiction & Literature, Literary FictionS01E09 Qazi Nazrul Islam: Bhakti Prem Vidroh - Dr. Kumar VishwasListen to this audiobook in full for free onhttps://hotaudiobook.com/freeTitle: S01E09 Qazi Nazrul Islam: Bhakti Prem VidrohAuthor: Dr. Kumar VishwasNarrator: Dr. Kumar VishwasFormat: UnabridgedLength: 0:37:28Language: HindiRelease date: 01-27-2020Publisher: Storyside AB India ExclusiveGenres: Fiction & Literature, Literary CriticismSummary:भारतीय कविता की एक महान परम्परा है जो समय, इतिहास, भूगोल और विभिन्न भाषाओं के आर-पार फैली है. सुप्रसिद्ध हिंदी कवि और हिंदी भाषा के नये आत्मविश्वास के अग्रणी नायक कुमार विश्वास अपनी पहली ऑडियो ओरिजिनल सीरीज़ में हमें इस महान परम्परा की कश्मीर से कन्याकुमारी तक की यात्रा करवा रहे हैं और आग्रह कर रहे हैं कि हम भक्ति, प्रेम और विद्रोह की इस विलक्षण विरासत को संजो कर रखें. इस एपिसोड में कुमार सरहद पार के बांग्ला भाषा के अमर आधुनिक कवि क़ाज़ी नज़रूल इस्लाम के जीवन और रचनाकर्म पर एकाग्र हैं. शोध: कुमार अनुपम
2020-01-2737 minGet Pileup of Full Audiobooks in Fiction & Literature, Literary Fiction
Get Pileup of Full Audiobooks in Fiction & Literature, Literary FictionS01E08 Akka Mahadevi : Bhakti Prem Vidroh - Dr. Kumar VishwasListen to this audiobook in full for free onhttps://hotaudiobook.com/freeTitle: S01E08 Akka Mahadevi : Bhakti Prem VidrohAuthor: Dr. Kumar VishwasNarrator: Dr. Kumar VishwasFormat: UnabridgedLength: 0:36:07Language: HindiRelease date: 01-20-2020Publisher: Storyside AB India ExclusiveGenres: Fiction & Literature, Literary CriticismSummary:भारतीय कविता की एक महान परम्परा है जो समय, इतिहास, भूगोल और विभिन्न भाषाओं के आर-पार फैली है. सुप्रसिद्ध हिंदी कविऔर हिंदी भाषा के नये आत्मविश्वास के अग्रणी नायक कुमार विश्वास अपनी पहली ऑडियो ओरिजिनल सीरीज़ में हमें इस महान परम्परा की कश्मीर से कन्याकुमारी तक की यात्रा करवा रहे हैं और आग्रह कर रहे हैं कि हम भक्ति, प्रेम और विद्रोह की इस विलक्षण विरासत को संजो कर रखें. इस एपिसोड में कुमार दक्षिण भारत की अमर भक्त कवि अक्का महादेवी के जीवन और रचनाकर्म पर एकाग्र हैं.
2020-01-2036 minKavya sangrah2020-01-1901 minGet Pileup of Full Audiobooks in Fiction & Literature, Literary Fiction
Get Pileup of Full Audiobooks in Fiction & Literature, Literary FictionS01E04 Sant Tukaram: Bhakti Prem Vidroh - Dr. Kumar VishwasListen to this audiobook in full for free onhttps://hotaudiobook.com/freeTitle: S01E04 Sant Tukaram: Bhakti Prem VidrohAuthor: Dr. Kumar VishwasNarrator: Dr. Kumar VishwasFormat: UnabridgedLength: 0:37:16Language: HindiRelease date: 12-16-2019Publisher: Storyside AB India ExclusiveGenres: Fiction & Literature, Literary CriticismSummary:भारतीय कविता की एक महान परम्परा है जो समय, इतिहास, भूगोल और विभिन्न भाषाओं के आर-पार फैली है. सुप्रसिद्ध हिंदी कवि और हिंदी भाषा के नये आत्मविश्वास के अग्रणी नायक कुमार विश्वास अपनी पहली ऑडियो ओरिजिनल सीरीज़ में हमें इस महान परम्परा की कश्मीर से कन्याकुमारी तक की यात्रा करवा रहे हैं और आग्रह कर रहे हैं कि हम भक्ति, प्रेम और विद्रोह की इस विलक्षण विरासत को संजो कर रखें. इस एपिसोड में कुमार महाराष्ट्र के अमर संत और कवि तुकाराम के जीवन और रचनाकर्म पर एकाग्र हैं. शोध: कुमार अनुपम
2019-12-1637 minReporters Without Orders2019-05-0146 minReporters Without Orders2019-05-0146 minNL Hafta2018-05-2901 minNL Hafta2018-01-0501 minYash Ojha\'s Show2017-08-0602 minSukumar Avishwas2016-05-0202 minAsia Rising2015-09-021h 12