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inext PodcastRecord Book Episode 48नमस्कार स्वागत है आप सभी का आई नेक्स्ट पॉडकास्ट के इस खास शो रेकॉर्ड बुक में और मैं हूं दीपक. इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) का 13वां सीजन अपनी समाप्ति की ओर है. तमाम रोमांच और टक्कर भरे मुकाबलों के बाद आईपीएल का फाइनल मुकाबला खेला जा रहा है. आइए आज रेकॉर्ड बुक में सुनते हैं आईपीएल इतिहास के पांच बेस्ट एलिमिनेटर मुकाबलों की कहानी... 2013 सीजन के एलिमिनेटर में राजस्थान रॉयल्स ने पहले बल्लेबाजी करने उतरी सनराइजर्स हैदराबाद को सात विकेट पर 132 के स्कोर पर रोक दिया था. स्कोर का पीछा करने उतरी SRH ने 10 ओवर में 57 के स्कोर पर ही पांच विकेट गंवा दिए थे, लेकिन ब्रैड हॉग ने 29 गेंदों में नाबाद 54 रनों की पारी खेलकर अपनी टीम को चार गेंद शेष रहते जीत दिला दी थी. हॉग की पारी में दो चौके और पांच छक्के शामिल थे. 2011 में मुंबई इंडियंस के खिलाफ पहले बल्लेबाजी करते हुए कोलकाता नाइटराइडर्स ने 20 के स्कोर पर चार विकेट गंवा दिए थे. लेकिन रयान टेन डोएशे ने 49 गेंदों में नाबाद 70 रन बनाकर KKR को सात विकेट पर 147 के स्कोर तक पहुंचाया. स्कोर का पीछा करते हुए मुंबई ने 81 के स्कोर पर पहला विकेट गंवाया. लेकिन 18वें ओवर तक उनका स्कोर छह विकेट पर 133 हो गया था. इसके बाद हरभजन सिंह ने पांच गेंदों में नाबाद 11 रन बनाकर मुंबई को जिताया था. 2017 में SRH पहले बल्लेबाजी करते हुए KKR के खिलाफ सात विकेट पर 128 का ही स्कोर बना सकी थी. नाथन कूल्टर-नाइल (20/3) और उमेश यादव (21/2) ने SRH को आखिरी आठ ओवर में केवल 53 रन ही बनाने दिए थे. बारिश के कारण KKR को छह ओवर में 48 रन बनाने थे. लेकिन उन्होंने 1.1 ओवर में 12 के स्कोर पर तीन विकेट गंवा दिए थे. हालांकि, गौतम गंभीर (19 गेंद, नाबाद 32 रन) ने KKR को जिताया था. 2018 में पहले बल्लेबाजी करते हुए KKR आठ ओवर में चार विकेट पर 51 का स्कोर बना सकी थी. दिनेश कार्तिक (52) और आंद्रे रसेल (49*) ने अपनी टीम को सात विकेट पर 169 के स्कोर तक पहुंचाया था. स्कोर का पीछा करते हुए राजस्थान रॉयल्स ने 17वें ओवर तक तीन विकेट पर 126 का स्कोर बना लिया था. हालांकि, KKR ने RR को आखिरी तीन ओवर्स में 18 रन ही बनाने दिए और छह विकेट रहते हुए भी RR 25 रन से हार गई थी. पिछले सीजन के एलिमिनेटर में पहले बल्लेबाजी करते हुए सनराइजर्स हैदराबाद ने दिल्ली कैपिटल्स को 163 रनों का लक्ष्य दिया था. स्कोर का पीछा करते हुए DC ने 66 के स्कोर पर पहला विकेट गंवाया, लेकिन 15वें ओवर तक उनका स्कोर पांच विकेट पर 111 हो गया था. हालांकि, रिषभ पंत ने 21 गेंदों में ही 49 रनों की पारी खेली और DC ने एक गेंद शेष रहते दो विकेट से मैच जीत लिया था. इसके साथ ही रेकॉर्ड बुक का पहला सीजन समाप्त होता है. जल्द मिलेंगे एक नए शो में ​कुछ नई कहानियों के साथ. तब तक के लिए मुझे दीजिए इजाजत और आप सुनते रहिए आई नेक्स्ट पॉडकास्ट. Music by audionautox.com
2020-11-1004 mininext Podcast
inext PodcastRecord Book Episode 47आईपीएल में कप्तानी की काफी अहम भूमिका होती है. जिस तरह से इस टूर्नामेंट में जल्दी-जल्दी हालात बदलते हैं उसे देखते हुए एक कप्तान को हर वक्त चौंकन्ना रहना होता है. उसे हर गेंद के हिसाब से अपनी स्ट्रैटजी बनानी होती है. आईपीएल में सभी टीमों के पास बेहतरीन कप्तान होते हैं और इनके ऊपर अपनी टीम को आगे ले जाने की पूरी जिम्मेदारी होती है. रोहित शर्मा और एमएस धोनी जैसे कप्तान आईपीएल में काफी सफल रहे हैं. रोहित शर्मा ने 4 बार और एम एस धोनी ने 3 बार आईपीएल की ट्रॉफी अपने नाम की है. इसके अलावा भी कई दिग्गज भारतीय खिलाड़ी रहे जो आईपीएल में कप्तान के तौर पर काफी सफल रहे. इस लिस्ट में तीसरे नंबर पर गौतम गंभीर हैं, जिन्होंने अपनी कप्तानी में कोलकाता नाइट राइडर्स को 2 बार चैंपियन बनाया था. हालांकि कुछ दिग्गज भारतीय खिलाड़ी ऐसे भी रहे जो कप्तान के तौर पर आईपीएल में फ्लॉप रहे. आज के रेकॉर्ड बुक में हम आपको बताएं तीन भारतीय कप्तानों के बारे में जो आईपीएल में सफल नहीं रहे हैं. इस लिस्ट में सबसे पहले वो नाम है जो बतौर खिलाड़ी कई बड़े रेकॉर्ड अपने नाम कर चुके हैं. यह नाम है विराट कोहली. कोहली न केवल आरसीबी बल्कि भारतीय क्रिकेट टीम के भी कप्तान हैं. ऐसे में उनसे बतौर कप्तान कुछ ज्यादा ही उम्मीदें रहती हैं. विराट कोहली 2013 से ही आरसीबी की कप्तानी कर रहे हैं लेकिन टीम को खिताब नहीं दिला पाए हैं. आठ साल की कप्तानी में विराट की बतौर कप्तान बेस्ट परफॉर्मेंस 2016 के सीजन में रही. तब टीम ने फाइनल तक का सफर तय किया था. इस सीजन में भी आरसीबी की टीम बाहर हो चुकी है. ऐसे में देखना दिलचस्प होगा कि कोहली कब तक आरसीबी को खिताबी जीत से नवाज पाते हैं. रविचंद्रन अश्विन ने 2 साल तक आईपीएल में किंग्स इलेवन पंजाब की कप्तानी की. 2018 में फ्रेंचाइजी ने उन्हें 7.6 करोड़ की रकम में खरीदा था. इसके बाद अश्विन को टीम का कप्तान बनाया गया था. उस सीजन में पहले हाफ में तो उनकी कप्तानी शानदार रही और टीम ने भी जबर्दस्त प्रदर्शन किया. लेकिन दूसरे हाफ में उनका प्रदर्शन काफी खराब रहा और वो प्लेऑफ में जगह नहीं बना पाए. वहीं 2019 के आईपीएल सीजन में भी अश्विन कप्तान के तौर पर फ्लॉप रहे. इस सीजन टीम 14 में से 6 ही मुकाबले जीत पाई और छठे पायदान पर रही. इसके बाद अश्विन को ना केवल कप्तानी से हटा दिया गया बल्कि उन्हें टीम से भी रिलीज कर दिया गया. दिनेश कार्तिक ने ढाई साल तक तक केकेआर की कप्तानी की. उन्होंने 2018 से लेकर 2020 के आधे सीजन तक कोलकाता नाइट राइडर्स का नेतृत्व किया. 2018 में जब गौतम गंभीर दिल्ली डेयरडेविल्स की टीम में चले गए तब कार्तिक को केकेआर का कप्तान बनाया गया. केकेआर का प्रदर्शन उनकी कप्तानी में ज्यादा अच्छा नहीं रहा. हालांकि टीम ने 2018 के सीजन में प्लेऑफ तक का सफर जरूर तय किया था. लेकिन 2019 के आईपीएल सीजन में केकेआर की टीम प्लेऑफ के लिए क्वालीफाई नहीं कर पाई और पांचवे स्थान पर रही. वहीं 2020 के आईपीएल सीजन में भी अच्छी शुरुआत के बाद केकेआर का प्रदर्शन गिरता चला गया. इसकी वजह से ही दिनेश कार्तिक ने खुद ही कप्तानी छोड़ने का फैसला किया. Music by audionautix.com
2020-11-0904 mininext Podcast
inext PodcastRecord Book Episode 46T20 क्रिकेट की जब से शुरुआत हुई है तब से इस प्रारूप को बल्लेबाजों का ही प्रारूप माना गया है. इस प्रारूप में बल्लेबाजों के पक्ष में कई नियम होते हैं जिससे उन्हें रन बनाने में मदद मिलती है. शुरू के 6 ओवरों में पावर प्ले के कारण फील्डिंग रिस्ट्रिक्शंस होती है तथा बाउंड्री का आकार भी छोटा होता है. ऐसे में किसी भी गेंदबाज के लिए इस प्रारूप में गेंदबाजी करना आसान बात नहीं है. हालांकि कुछ गेंदबाजों ने इस प्रारूप में अपनी चतुर गेंदबाजी से सफलता हासिल की और दुनिया भर के बल्लेबाजों को पवेलियन की राह दिखाई है. आईपीएल (IPL) दुनिया की सबसे बड़ी T20 क्रिकेट लीग मानी जाती है. इस लीग में दुनिया भर के श्रेष्ठ बल्लेबाजों का जमावड़ा होता है. इसमें अलग-अलग देशों के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज शामिल होते हैं. इन सभी बल्लेबाजों के सामने गेंदबाजी करना बहुत ही मुश्किल काम है. हालांकि कुछ गेंदबाज ऐसे भी हैं जिन्होंने इस प्रारूप में बल्लेबाजों को अपनी गेंदबाजी के सामने ज्यादा सफल नहीं होने दिया है. आईपीएल के सीजन में भी शानदार प्रदर्शन टीमों ने कई मैच जीते हैं. जसप्रीत बुमराह वर्तमान समय में दुनिया के सबसे अच्छे तेज गेंदबाजों में से एक हैं. बुमराह वैसे तो सभी प्रारूपों में ही शानदार प्रदर्शन करते हैं लेकिन टी-20 प्रारूप में उनका अलग ही मुकाम है. जसमीत बुमराह ने जबसे आईपीएल में खेलना शुरू किया तब से मुंबई के सबसे बड़े मैच विनर गेंदबाज रहे हैं. इस सीजन में भी बुमराह ने मुंबई के लिए शानदार प्रदर्शन किया है. आईपीएल के पहले क्वालीफायर में दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ शानदार गेंदबाजी करते हुए 4 विकेट लिए. बुमराह ने आईपीएल के 91 मैचों में 14 बार 3 या 3 से अधिक विकेट लिए हैं. दिल्ली कैपिटल्स के लेग स्पिनर अमित मिश्रा ने आईपीएल में कई टीमों के लिए खेला है. मिश्रा ने अपनी चतुर गेंदबाजी से इस लीग में बल्लेबाजों को खूब छकाया है और उन्हें पवेलियन की राह दिखाई है. मिश्रा अपने आईपीएल करियर में लगातार अच्छा प्रदर्शन करते रहे हैं. इस सीजन मिश्रा चोटिल होकर टूर्नामेंट से बाहर हो गए हैं. आईपीएल में मिश्रा ने अब तक कुल 150 मैच खेले हैं और इस दौरान उन्होंने 16 बार कम से कम 3 विकेट चटकाए हैं. आईपीएल के सबसे सफल और अनुभवी गेंदबाज लसिथ मलिंगा इस टूर्नामेंट में शुरू से ही बल्लेबाजों के लिए एक समस्या बने हुए हैं. मलिंगा आईपीएल में मुंबई इंडियंस की तरफ से खेलते हैं. इस सीजन मलिंगा निजी कारणों की वजह से आईपीएल में नहीं खेल रहे हैं. मलिंगा ने अपनी गेंदबाजी से आईपीएल में मुंबई के लिए कई मैच अपने दम पर जिताये हैं. मलिंगा ने आईपीएल में अब तक 122 मैच खेले हैं और कुल 170 विकेट लिए हैं. इस दौरान उन्होंने 19 बार कम से कम 3 या इससे अधिक विकेट चटकाए हैं.
2020-11-0803 mininext Podcast
inext PodcastRecord Book Episode 45आईपीएल के जरिए कई खिलाड़ियों ने इंटरनेशनल क्रिकेट पर मंच साबित हुआ है. कई खिलाड़ी अपनी नेशनल टीम के लिए बहुत अच्छा खेलते हैं. लेकिन जब बात आती है आईपीएल की तो वो खिलाड़ी यहां पर फ्लॉप हो जाता है. ऐसा नहीं है कि इस लिस्ट में सिर्फ भारत के ही खिलाड़ी हैं. लगभग हर देश के खिलाड़ियों का यहां पर यही हाल है. ऐसे कई दिग्गज खिलाड़ी रहे हैं, जो आईपीएल में कभी भी कंसिस्टेंसी नहीं दिखा पाए. भारतीय टीम के दिग्गज तेज गेंदबाज उमेश यादव आईपीएल में कई टीमों का हिस्सा रहे हैं. लेकिन कभी भी उनके प्रदर्शन में निरंतरता देखने को नहीं मिली है. वो आईपीएल में दिल्ली कैपिटल्स, कोलकाता नाइट राइडर्स और रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर जैसी टीमों के लिए खेल चुके हैं. आईपीएल में उमेश ने 119 मुकाबलों में 8.45 की इकॉनमी रेट से 119 विकेट लिए हैं. इस दौरान उनका एवरेज 29.37 का रहा है. वैसे तो उमेश यादव में काबिलियत की कमी नहीं है, लेकिन वो कभी भी निरंतरता नहीं दिखा पाए. खासकर अंतिम ओवरों में गेंदबाजी पर कंट्रोल न होना उनकी सबसे बड़ी कमजोरी है. इशांत शर्मा भारतीय टेस्ट टीम का प्रमुख हिस्सा हैं. उन्होंने अपने दम पर भारत को कई मैच जिताए हैं. हालांकि आईपीएल में उनका प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा. वो अभी तक कोलकाता नाइट राइडर्स, डेक्कन चार्जर्स, किंग्स XI पंजाब, राइजिंग पुणे सुपर जाएंट्स और दिल्ली कैपिटल्स जैसी टीमों के लिए खेले हैं. साल 2019 के आईपीएल सीजन को छोड़ दिया जाए तो यहां उनका प्रदर्शन काफी निराशाजनक रहा है. इशांत शर्मा के पास अनुभव और टैलेंट की कमी नहीं है, लेकिन वो आईपीएल के प्लेटफॉर्म पर डिलिवर नहीं कर पाए हैं. आईपीएल में अभी तक इशांत शर्मा ने 89 मैचों में 8.09 की इकॉनमी रेट और 35.83 की औसत से 72 विकेट लिए हैं. युवराज सिंह जैसे मैच विनर का नाम इस लिस्ट में सबको चौंका सकता है. लेकिन उनके आंकड़े कुछ इसी तरह के हैं. युवराज सिंह दो बार आईपीएल जीतने वाली टीम का हिस्सा रह चुके हैं. फिर भी उनके पिछले कुछ सीजन देखे जाएं तो वो काफी निराशाजनक रहे हैं. आपको बता दें 2018 और 2019 आईपीएल में युवराज सिंह को उनके खराब प्रदर्शन की वजह से टीम से ड्रॉप कर दिया गया था. अपने आईपीएल करियर में युवराज सिंह किंग्स XI पंजाब, पुणे वॉरियर्स इंडिया, रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर, दिल्ली कैपिटल्स, सनराइजर्स हैदराबाद और मुंबई इंडियंस के लिए खेल चुके हैं. अपने आईपीएल करियर में 132 मुकाबलों में 24.77 की औसत और 129.71 के स्ट्राइक रेट से 2750 रन बनाए. Music by audionautix.com
2020-11-0604 mininext Podcast
inext PodcastRecord Book Episode 44आईपीएल का तेरहवां सीजन इस साल यूएई में खेला जा रहा है. इस बार टूर्नामेंट में दर्शकों को अंतिम मैच तक प्लेऑफ की सभी टीमों का नाम जानने के लिए इंतजार पड़ा. इस बार टॉप फोर में मुंबई इंडियंस, दिल्ली कैपिटल्स, सनराइजर्स हैदराबाद और आरसीबी है. वैसे तो कोई भी टीम आईपीएल के किसी भी सीजन में प्वॉइंट्स टेबल पर नीचे नहीं रहना चाहती. लेकिन इस सीजन में कई दिग्गज टीमों को धूल चाटनी पड़ी है. वैसे ऐसा पहली बार नहीं हुआ है. इंडियन प्रीमियर लीग के इतिहास में पहले भी कई बार बड़े—बड़े नाम वाली टीमों को प्वॉइंट्स टैली में नीचे रहना पड़ा है. आज रेकॉर्ड बुक में बात कुछ ऐसी ही टीमों को... रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू ने अभी तक एक बार भी आईपीएल का ख़िताब नहीं जीता है. टीम तीन बार फाइनल में पहुंची है लेकिन अभी तक सफलता हाथ नहीं लगी है. 2017 और 2019 टीम के लिए सबसे खराब रहा है. दोनों ही साल टीम आईपीएल में अंक तालिका में सबसे नीचे रही थी. 2017 का आईपीएल तो आरसीबी के लिए बहुत ही खराब रहा था. इस सीजन में आरसीबी की टीम 49 रनों पर ऑलआउट भी हो गयी थी. किंग्स इलेवन पंजाब के इस सीजन शुरूआती प्रदर्शन को देखकर ऐसी उम्मीद थी कि टीम एक बार फिर अंतिम स्थान पर रह सकती है. हालांकि टीम ने दूसरे चरण में शानदार प्रदर्शन किया और लगातार कुछ मैचों में जीत दर्ज की. इस सीजन पंजाब को कुछ करीबी मुकाबलों में हार का सामना करना पड़ा है. वैसे इस टीम के लिए 2014 सबसे शानदार था, उस सीजन फाइनल तक टीम पहुंची थी. हालाांकि किंग्स इलेवन पंजाब को फाइनल में हार का सामना करना पड़ा था. पंजाब आईपीएल के इतिहास में 3 बार अंक तालिका में सबसे नीचे रही है. दिल्ली कैपिटल्स की टीम में कई बड़े खिलाड़ी शामिल रहे हैं. लेकिन फिर भी टीम को अभी तक अपनी पहली आईपीएल ट्रॉफी का इंतजार है. दिल्ली की टीम इस सीजन अच्छा प्रदर्शन कर प्लेऑफ में पहुंच चुकी है.दिल्ली की टीम का पुराना नाम दिल्ली डेयरडेविल्स था. लेकिन आईपीएल 2019 से पहले टीम ने नाम बदल कर दिल्ली कैपिटल्स रख लिया और कई बदलाव किये. दिल्ली के लिए आईपीएल 2011, 2013, 2014, 2018 बुरे सपने की तरह था. टीम इन चारों सीजन अंक तालिका में सबसे नीचे रही थी. Music by audionautix.com
2020-11-0504 mininext Podcast
inext PodcastRecord Book Episode 43इंडियन प्रीमियर लीग में दुनियाभर के बल्लेबाज अपना दम दिखाते हैं. बल्लेबाज इस लीग में अच्छा प्रदर्शन करके अपने लिए ऑक्शन में अधिक से अधिक रकम पाने का मौका बनाते हैं. जो बल्लेबाज जितना अच्छा प्रदर्शन करता है ऑक्शन में उसकी उतनी ही मांग होती है. इस लीग में कई खिलाड़ी देखने को मिले जो बड़े-बड़े शॉट लगाने के लिए जाने जाते हैं. रन बनाने के लिए अधिक से अधिक बाउंड्रीज लगाई जाती हैं. इसमें भी कुछ बल्लेबाजों ने चौकों से ज्यादा छक्के लगाए हैं. आज के रेकॉर्ड बुक में बात कुछ ऐसे ही बल्लेबाजों की... ऑस्ट्रेलिया के ऑलराउंडर मिचेल मार्श ने आईपीएल में साल 2010 में डेब्यू किया था. उन्होंने डेक्कन चार्जर्स, पुणे वॉरियर्स इंडिया तथा साल 2016 में राइजिंग पुणे सुपरजायंट्स की तरफ से खेला है. इस साल मार्श सनराइजर्स हैदराबाद की टीम में थे और वह मात्र एक मैच ही खेल पाए. चोट के कारण उन्हें पूरे टूर्नामेंट से बाहर होना पड़ा. मार्श ने अपने आईपीएल करियर में 21 मैचों 14 छक्के और मात्र 9 चौके लगाए हैं. वेस्टइंडीज के ऑलराउंडर कार्लोस ब्रैथवेट उस समय सुर्खियों में आए जब उन्होंने 2016 के आईसीसी T20 वर्ल्ड कप के फाइनल में इंग्लैंड के बेन स्टोक्स के ओवर में लगातार चार छक्के जड़कर अपनी टीम को वर्ल्ड कप जिताया था. ब्रैथवेट आईपीएल में दिल्ली कैपिटल्स, सनराइजर्स हैदराबाद और कोलकाता नाइट राइडर्स के लिए खेल चुके हैं. उन्होंने अपने आईपीएल करियर में 14 मैच खेले हैं और 16 छक्के लगाए और 10 चौके जड़े हैं. इंग्लैंड के ऑलराउंडर मोइन अली को साल 2018 में आरसीबी ने अपने साथ जोड़ा था. मोईन अली गेंदबाजी और बल्लेबाजी दोनों से ही मैच जिताने की काबिलियत रखते हैं. मोईन अली ने अपने करियर में अभी तक 18 आईपीएल मैच खेले हैं जिसमें उन्होंने 23 छक्के और 21 चौके लगाए हैं. आंद्रे रसेल ने आईपीएल में अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से अपना एक अलग मुकाम बनाया है. आईपीएल में रसेल दिल्ली डेयरडेविल्स और कोलकाता नाइट राइडर्स के लिए खेले हैं. रसेल किसी भी गेंदबाजी आक्रमण के सामने आक्रामक बल्लेबाजी से मैच पलटने की क्षमता रखते हैं. रसेल ने अब तक अपने आईपीएल करियर में 74 मैच खेले हैं और 74 मैचों में उन्होंने 129 छक्के तथा 105 चौके जड़े हैं. मुंबई इंडियंस के सबसे भरोसेमंद और मैच जिताऊ खिलाड़ियों में से एक वेस्टइंडीज के दिग्गज ऑलराउंडर किरोन पोलार्ड आईपीएल में छक्के लगाने के मामले में काफी माहिर हैं. पोलार्ड आईपीएल में शुरू से मुंबई के लिए ही खेले हैं. पोलार्ड ने अब तक अपने आईपीएल करियर में 161 मैच खेले हैं और उन्होंने 194 छक्के और 192 चौके जड़े हैं. Music by audionautix.com
2020-11-0403 mininext Podcast
inext PodcastRecord Book Episode 42टेस्ट क्रिकेट हो, वनडे या फिर T20. सभी खिलाड़ी अपने अच्छे प्रदर्शन के दम पर मैन ऑफ द मैच का खिताब जीतने की कोशिश करते हैं. मैन आफ द मैच का अवॉर्ड मैच में उस खिलाड़ी के शानदार प्रदर्शन की तस्दीक करता है. आईपीएल के इतिहास में कई बार बल्लेबाजों और गेंदबाजों का करिश्माई प्रदर्शन देखने को मिला है. आईपीएल जैसी लीग में मैन ऑफ द मैच का खिताब जीत पाना आसान बात नहीं है. कुछ खिलाड़ी आईपीएल में एक बार भी मैन ऑफ द मैच का खिताब नहीं जीत पाए हैं. लेकिन कुछ खिलाड़ी ऐसे भी हैं जिन्होंने आईपीएल में लगातार तीन मैचों में 3 मैन ऑफ द मैच के खिताब अपने नाम किए हैं. आज रेकॉर्ड बुक में जानेंगे उन तीन भारतीय खिलाड़ियों के बारे में जिन्होंने आईपीएल में खेलते हुए लगातार तीन मैन ऑफ द मैच जीतने की उपलब्धि हासिल की है. कई लोगों को शायद इस सूची में वीरेंदर सहवाग का नाम देखकर हैरानी हुई होगी लेकिन सहवाग आईपीएल में लगातार तीन मैचों में 3 मैन ऑफ द मैच का खिताब जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी थे सहवाग ने आईपीएल के 2012 सीजन में दिल्ली डेयरडेविल्स के लिए खेलते हुए कमाल की बल्लेबाजी की थी और उस सीजन उन्होंने लगातार पांच अर्धशतक जड़े थे. सहवाग ने अपनी इन्हीं पांच पारियों में से तीन पारियों की बदौलत मैन ऑफ द मैच का खिताब भी जीता था. रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के कप्तान विराट कोहली ने आईपीएल में लगातार तीन मैचों में 3 मैन ऑफ द मैच जीतने का कारनामा साल 2016 में किया था. उस सीजन विराट ने अपनी बल्लेबाजी से खूब रन बटोरे थे. विराट ने उस सीजन खेली 16 पारियों में 973 रन बनाए थे और इस दौरान उन्होंने चार शतक जड़े थे. अपने इस करिश्माई प्रदर्शन की बदौलत विराट ने उस सीजन लगातार तीन मैचों में तीन मैन ऑफ द मैच के खिताब अपने नाम किए थे. हालांकि विराट के लाजवाब प्रदर्शन के बावजूद उनकी टीम उस सीजन आईपीएल का खिताब नहीं जीत पाई थी. आईपीएल के इस सीजन में चेन्नई के लिए सकारात्मक चीजों में से एक है उनके ओपनिंग बल्लेबाज ऋतुराज गायकवाड़. गायकवाड़ ने अपने शुरुआती तीन मैचों में कुछ खास प्रदर्शन नहीं किया था और वह तीन मैचों में मात्र 5 रन ही बना सके थे , जिसमें से दो बार शून्य पर आउट हुए थे. इसके बाद उन्हें चेन्नई की टीम ने बतौर ओपनर प्रमोट किया जिसके बाद से गायकवाड़ ने कमाल का प्रदर्शन किया और लगातार तीन मैन ऑफ द मैच के खिताब अपने नाम किए. Music by audionautix.com
2020-11-0304 mininext Podcast
inext PodcastRecord Book Episode 41इंडियन प्रीमियर लीग सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि दुनिया भर के खिलाड़ियों के लिए एक बड़ा प्लेटफॉर्म है. इस लीग की शुरुआत से ही यंग प्लेयर्स को कई बेनेफिट्स मिले हैं. एक तो उन्हें वल्र्ड लेवल के क्रिकेटर्स के साथ खेलने का मौका मिलता है. वहीं वह पूरी दुनिया को अपने टैलेंट का दमखम दिखाते हैं. इंडियन प्रीमियर लीग ने इंडियन ​क्रिकेट को कई नामी खिलाड़ी दिए हैं. जसप्रीत बुमराह, रवींद्र जडेजा, हार्दिक पांड्या तो सिर्फ कुछ नाम हैं. साल दर साल और टूर्नामेंट दर टूर्नामेंट इसमें खिलाड़ियों के नाम जुड़ते ही जा रहे हैं. आईपीएल के इतिहास में कई अनकैप्ड खिलाड़ी हुए हैं जिन्होंने अपनी शानदार बैटिंग से सभी को इंप्रेस किया है. तो आज के रेकॉर्ड बुक में बात कुछ ऐसे ही बल्लेबाजों की, जिन्होंने इंडियन प्रीमियर लीग में अपनी परफॉर्मेंस से हर किसी की तारीफ हासिल की है. नितीश राणा एक ऐसे बल्लेबाज हैं, जिन्होंने अपने बल्ले से लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है. नितीश ने साल 2016 में आईपीएल में डेब्यू किया था. पिछले 4 साल से नितीश लगातार आईपीएल के हर सीजन में 300 से भी ज्यादा रन बना रहे हैं. नितीश राणा आईपीएल में मुंबई इंडियंस के लिए खेल चुके हैं. वहीं इस सीजन में वो कोलकाता नाइटराइडर्स की की टीम का हिस्सा हैं. बात अनकैप्ड खिलाड़ियों के परफॉर्मेंस की करें तो नितीश राणा ने यहां पर खूब धमाल मचाया है. इंडियन प्रीमियर लीग में नितीश 11 अर्धशतक लगा चुके हैं और वो अनकैप्ड खिलाड़ियों में सबसे आगे हैं. इस सीजन जिस अनकैप्ड खिलाड़ी की सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है वो हैं मुंबई इंडियंस के धाकड़ बल्लेबाज सूर्यकुमार यादव. सूर्यकुमार ने पिछले कुछ आईपीएल सीजन से मुंबई इंडियंस की टीम के लिए जबरदस्त प्रदर्शन किया है और उन्होंने घरेलू क्रिकेट में भी अच्छा प्रदर्शन किया है. हाल ही में ऑस्ट्रेलिया दौरे के लिए चुनी गयी भारतीय टीम में इनका नाम नहीं था. इसको लेकर तमाम एक्सपटर्स ने भी सवाल उठाए थे. लेकिन सूर्यकुमार यादव अपने सेलेक्शन न होने से बिल्कुल बेपरवाह हैं. यह बात उनकी परफॉर्मेंस में भी नजर आती है. इंडियन प्रीमियर लीग में अगर अनकैप्ड खिलाड़ियों द्वारा परफॉर्मेंस की बात करें तो यहां भी सूर्यकुमार यादव काफी आगे नजर आते हैं. आईपीएल में 10 हाफ सेंचुरीज के साथ सूर्यकुमार यादव अनकैप्ड खिलाड़ियों द्वारा सबसे ज्यादा अर्धशतक के मामले में दूसरे नंबर पर हैं. बाएं हाथ के विकेटकीपर बल्लेबाज ईशान किशन का नाम आज सभी की जुबान पर चढ़ चुका है. एक ऐसे वक्त में जब टीम इंडिया को एक सॉलिड विकेटकीपर बल्लेबाज की तलाश है, ईशान किशन एक बेहतर विकल्प हो सकते हैं. ईशान किशन को आईपीएल में साल 2016 में डेब्यू का मौका मिला था. इसके बाद मुंबई की टीम ने 2018 आईपीएल के पहले हुए ऑक्शन में किशन को 5.5 करोड़ की बड़ी रकम में खरीदा था. ईशान ने आईपीएल में कुछ शानदार पारियां खेली हैं और अपनी काबिलियत से सभी को परिचित करवाया है. इस सीजन में भी इशान किशन शानदार फॉर्म में हैं. अभी तक वो और अभी तक 3 अर्धशतक जड़ चुके हैं. किशन 6 अर्धशतकों के साथ अनकैप्ड खिलाड़ियों द्वारा आईपीएल इतिहास में सबसे ज्यादा अर्धशतक लगाने के मामले में तीसरे नंबर पर हैं. Music by audionautix.com
2020-11-0204 mininext Podcast2020-11-0103 mininext Podcast
inext PodcastRecord Boook Episode 39आईपीएल में पॉवर-प्ले बेहद ही महत्वपूर्ण सेशन माना जाता है. जिसमें टीमों की कोशिश होती है कि वह ज्यादा से ज्यादा रन स्कोर बोर्ड पर टांग सकें. इसलिए सलामी बल्लेबाजों की भूमिका अहम हो जाती है, क्योंकि उन पर अतिरिक्त दबाव रहता है कि उन्हें तेज गति से रन बनाना है. आज रेकॉर्ड बुक में हम आपको आईपीएल के पॉवर-प्ले में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों के बारे में बताने जा रहे हैं. पढ़ें और जानें किसने सबसे ज्यादा रन पॉवर-प्ले यानी पहले छह ओवर में बनाए हैं. भारतीय टीम के सलामी बल्लेबाज शिखर धवन ने आईपीएल में भी अपनी बल्लेबाजी का लोहा मनवाया है. उन्होंने आईपीएल के पॉवर-प्ले में कुल 151 पारियों में 38.43 के औसत से सबसे ज्यादा 2383 रन बनाए हैं. इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 121.45 का था. सनराइजर्स हैदराबाद के कप्तान व सलामी बल्लेबाज डेविड वॉर्नर आईपीएल के पॉवर-प्ले में सबसे ज्यादा रन बनाने के मामले में दूसरे स्थान पर हैं. उन्होंने 118 पारियों में 46.91 के शानदार औसत से 2299 रन बनाए हैं. इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 138.99 का था. केकेआर के पूर्व कप्तान गौतम गंभीर ने आईपीएल के पॉवर-प्ले में अपनी बल्लेबाजी के जौहर खूब दिखाए हैं. उन्होंने 147 पारियों में 36.14 के बेहतरीन औसत से कुल 2277 रन बनाए हैं. गंभीर ने ये रन 121.89 के स्ट्राइक रेट से बनाए हैं. एक समय आरसीबी के अहम सदस्य रहे क्रिस गेल मौजूदा समय में किंग्स इलेवन पंजाब की टीम का हिस्सा हैं. जिन्होंने आईपीएल के पॉवर-प्ले यानी पहले छह ओवर के खेल में 123 पारियों में 36.60 के औसत से कुल 2233 रन बनाए हैं. गेल का स्ट्राइक रेट इस दौरान 134.51 का रहा है. आईपीएल के इतिहास में कई टीमों से खेल चुके विकेटकीपर बल्लेबाज पार्थिव पटेल ने बतौर सलामी बल्लेबाज आईपीएल में ज्यादा सफल रहे हैं. उन्होंने पॉवर-प्ले में 130 पारियों में 26.81 के औसत से 1904 रन बनाए हैं. इस दौरान पटेल का स्ट्राइक रेट 121.66 का रहा है. Music by audionautix.com
2020-10-3105 mininext Podcast
inext PodcastRecord Book Episode 38बदलते नियमों के बीच क्रिकेट का खेल गेंदबाजों के लिए काफी मुश्किल होता जा रहा है. इन सबके बीच टी 20 क्रिकेट में गेंदबाजी और ज्यादा मुश्किल है. खासतौर पर पॉवर-प्ले के दौरान जब 30 गज से बाहर सिर्फ दो ही फील्डर रखने होते हैं. ऐसे में रन रोक पाना सबसे मुश्किल काम होता है. इसके बावजूद कुछ गेंदबाज हैं जो अपनी सटीक लाइन एंड लेंथ से बल्लेबाजों को रनों के लिए तरसा देते हैं. आज रेकॉर्ड बुक में बात पांच ऐसे गेंदबाजों की जो आईपीएल पावर प्ले में सबसे कंजूस हैं. सनराइजर्स हैदराबाद के तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार वैसे तो फिलहाल इंजरी के चलते आईपीएल से बाहर हैं. लेकिन आईपीएल में रन खर्च करने के मामले में उनका रेकॉर्ड लाजवाब हैं. उन्होंने अब तक अपने आईपीएल करियर में 116 पारियों में पॉवर-प्ले में गेंदबाजी की है, जहां उनका इकॉनमी रेट 6.05 का रहा है. इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि वह किस तरह से बल्लेबाजों को रनों के लिए तरसाकर रखते हैं. इसीलिए वह इस लिस्ट में टॉप पर बने हुए हैं. कुछ ऐसा ही रेकॉर्ड सुनील नरेन का भी है. कोलकाता नाइट राइडर्स के लिए खेलने वाले सुनील नरेन आईपीएल में काफी सफल रहे हैं. इसके साथ ही उनका इकॉनमी रेट बहुत ही शानदार रहा है. नरेन ने 95 पारियों में पॉवर-प्ले में गेंदबाजी की है. जिस दौरान उनका इकॉनमी रेट 6.06 का रहा है. यानी पॉवर-प्ले के दौरान वह भी बल्लेबाजों को बांधकर रखते हैं. दक्षिण अफ्रीका के तेज गेंदबाज डेल स्टेन इस सीजन में आरसीबी के लिए कुछ खास नहीं कर पा रहे हैं. लेकिन स्टेन का ओवरआल आईपीएल कॅरियर शानदार रहा है. पॉवर-प्ले में उनका इकॉनमी रेट इस बात की गवाही देता है कि उनके सामने बल्लेबाज किस तरह रन के लिए तरसते रहते हैं. स्टेन ने 92 पारियों में पॉवर-प्ले में गेंदबाजी करते हुए 6.19 के इकॉनमी रेट से रन दिए हैं. श्रीलंका के तेज गेंदबाज व मुंबई इंडियंस के अहम खिलाड़ी रह चुके लसिथ मलिंगा की यॉर्कर बेहद अचूक रहती हैं. मलिंगा पॉवर-प्ले में सबसे किफायती गेंदबाजी करने वाले गेंदबाजों में से एक हैं. उन्होंने 117 पारियों में 6.27 के इकॉनमी रेट से पॉवर-प्ले में गेंदबाजी के दौरान रन दिए हैं. मलिंगा के सामने रन बनाने में अच्छे—अच्छे बल्लेबाजों के पसीने छूट जाते थे. भारत के स्पिनर आर अश्विन आईपीएल में स्ट्राइक गेंदबाज के तौर पर सबसे ज्यादा सफल रहे हैं. अश्विन ने आईपीएल में पॉवर-प्ले के दौरान 81 पारियों में 6.38 के इकॉनमी रेट से गेंदबाजी की है. अश्विन न सिर्फ अपनी टीम को ब्रेकथ्रू दिलाने में सफल होते हैं, बल्कि वह रन देने के मामले में भी कंजूस हैं. Music by audionautix.com
2020-10-3006 mininext Podcast
inext PodcastRecord Book Episode 36टी 20 का खेल गेंदबाजों के लिए काफी टफ होता है. एक ऐसे गेम में जहां बल्लेबाज आते ही हिटिंग शुरू कर देते हैं तो इसे टफ ही कहा जाएगा. ऐसे में गेंदबाजों के लिए रन बचाना ही मुश्किल होता है, फिर मेडन ओवर डालना तो नामुमकिन ही होता है. लेकिन कई गेंदबाज हैं, जिन्होंने अपनी शानदार गेंदबाजी से इस नामुमकिन को मुमकिन कर दिखाया है. इन गेंदबाजों ने कई बार मेडन ओवर फेंके हैं. आज रेकॉर्ड बुक में बात करेंगे उन गेंदबाजों की जिन्होंने इंडियन प्रीमियर लीग में एक नहीं बल्कि कई बार मेडन ओवर डालने का कारनामा अंजाम दिया है. सबसे दिलचस्प बात ये है कि इस लिस्ट में भारतीय गेंदबाजों का दबदबा है. कभी टीम इंडिया के बेहतरीन आलराउंडर में शुमार प्रवीण कुमार इस लिस्ट में टॉप पर हैं. फिलहाल क्रिकेट से संन्यास ले चुके पीके अपनी स्लो और कटर गेंदों से हमेशा विपक्षी बल्लेबाजों के लिए चुनौती बने रहे. प्रवीण कुमार ने आईपीएल में सबसे ज्यादा मेडर ओवर डाले हैं. ​आईपीएल में खेले 119 मैचों में 420.4 ओवर की गेंदबाजी करते हुए उनके नाम 14 मेडन ओवर हैं. वहीं इस दौरान प्रवीण कुमार ने 90 विकेट भी चटकाए हैं. दूसरे नंबर पर भी इंडियन क्रिकेट के एक बेहद शानदार आलराउंडर का नाम है. अपने खेल के दिनों में स्विंग के लिए फेेमस और फिलहाल कमेंट्री बॉक्स में जलवा बिखेर रहे इरफान पठान के नाम ये दिलचस्प रेकॉर्ड है. इरफान पठान ने 103 आईपीएल मैचों में 10 मेडन ओवर फेंकते हुए 80 विकेट भी अपने नाम किये हैं. इरफान ने अपना आखिरी आईपीएल मैच 2017 में खेला था. इस सीजन में धवल कुलकर्णी को अभी तक एक भी मैच खेलने का मौका नहीं मिला है. वैसे धवल कुलकर्णी ने नई गेंद से कई बार आईपीएल में कसी हुई गेंदबाजी की है. कुलकर्णी ने आईपीएल के इतिहास में 90 मैच खेले हैं और कुल 8 मेडन ओवर डाले हैं. कुलकर्णी इस सीजन मुंबई इंडियंस के स्क्वाड में हैं. कुलकर्णी के अलावा लसिथ मलिंगा, संदीप शर्मा और भुवनेश्वर कुमार ने भी आईपीएल में 8-8 मेडन ओवर डालने का कारनामा किया हुआ है. दुनिया भर के बल्लेबाजों को अपनी तेज और स्विंग गेंदबाजी से पवेलियन की राह दिखने वाले स्टेन ने आईपीएल में भी बल्लेबाजों को आसानी से रन नहीं बनाने दिए हैं. आईपीएल में सबसे ज्यादा मेडन ओवर डालने वाले गेंदबाजों में डेल स्टेन का नाम भी है. स्टेन ने आईपीएल के 94 मुकाबलों में 358.4 ओवर की गेंदबाजी की है और इस दौरान 7 ओवर मेडन डाले हैं. स्टेन ने इन मुकाबले में 97 विकेट अपने नाम किये हैं. Music by audionautix.com
2020-10-2903 mininext Podcast
inext PodcastRecord Book Episode 36तेज गेंदबाज हमेशा अपनी रफ्तार से सभी को चौंकाते रहते हैं. आईपीएल में भी गेंदबाजों का जलवा खूब देखने को मिलता है. वैसे होना लाजिमी भी है. जहां दुनिया भर के बेहतरीन तेज गेंदबाज खेलते हों, वहां पर एक से बढ़कर एक कारनामे तो देखने को मिलेंगे ही. ये सभी गेंदबाज कभी अपने यॉर्कर से तो कभी अपनी रफ्तार से सभी को चौंकाते रहते हैं. आज रेकॉर्ड बुक में हम आपको बताएंगे इंडियन प्रीमियर लीग में फेंकी गई सबसे तेज गेंदों के बारे में. आस्ट्रलिया के तेज गेंदबाज शॉन टेट ने तो वैसे तो आईपीएल में सिर्फ 21 मैचेस खेले हैं. लेकिन इस दौरान उन्होंने अपनी तेज गेंदबाजी का जलवा खूब दिखाया है. साल 2011 में राजस्थान रॉयल्स के ​लिए खेलते हुए दिल्ली डेयरडेविल्स के खिलाफ 157.71 ​किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से गेंद फेंकी थी. उस मैच में शॉन टेट की शानदार गेंदबाजी की बदौलत दिल्ली की टीम ने छह विकेट से जीत दर्ज की थी. दिल्ली डेयरडेविल्स और राजस्थान रॉयल्स के बीच मुकाबले के दौरान 26 वर्षाय एनरिच नॉर्खिया ने आईपीएल की दूसरी सबसे तेज गेंद डाली. राजस्थान की पारी के तीसरे ओवर में जोस बटलर के सामने उन्हांेने 156.22 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से गेंद डाली. यह ओवर की पांचवीं गेंद थी और बटलर ने इस गेंद पर चौका जड़ दिया. लेकिन इसके बाद अगली ही गेंद पर नॉर्खिया ने 155.4 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से गेंद डाली और इस बार बटलर चूक गए और उनकी गिल्लियां बिखर गईं. नॉर्खिया ने 4 ओवर में उन्होंने 33 रन देकर 2 विकेट लिए और उन्हें मैन ऑफ द मैच चुना गया. इस लिस्ट में साउथ अफ्रीका के मशहूर तेज गेंदबाज डेल स्टेन का नाम भी दर्ज है. डेल स्टेन हमेशा से ही अपनी तूफानी तेज गेंदबाजी के लिए जाने जाते है. स्टेन गन के नाम से मशहूर डेल स्टेन ने आईपीएल 2012 में 154 दशमलव 40 की रफ्तार से गेंद फेंकी थी. उस सीजन में स्टेन हैदराबाद डेक्कन चार्जर्स के लिए खेल रहे थे. यही नहीं साल 2014 में सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ खेलते हुए स्टेन ने एक बार फिर अपनी तेज गेंदबाजी का नमूना दिखाया था. वैसे 2012 के सीजन में स्टेन ने कुल 18 विकेट अपने नाम किए थे. दिल्ली कैपिटल्स की टीम के घातक गेंदबाज कसीगो रबाडा भी रफ्तार के सौदागर हैं. इस गेंदबाज ने 2012 के आईपीएल में यह कारनामा किया था. रबाडा ने 153.91 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गेंद डाली थी. वैसे रबाडा ये कारनामा कई बार कर चुके हैं. 2019 आईपीएल में उन्होंने 154 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से भी तेज गेंद डाली थी. Music by audionautix.com
2020-10-2804 mininext Podcast
inext PodcastRecord Book Episode 35आईपीएल के इतिहास में कई ऐसे मुकाबले देखने को मिले हैं जहाँ टीम का टॉप आर्डर बुरी तरह से नाकाम हुआ है. पारी की शुरुआत में ही विपक्षी गेंदबाजों ने इस कदर कहर ढाया शीर्षक्रम के शीर्ष बल्लेबाज धूल चाट गए. कई बार तो इसका नतीजा टीम की ओवरआल परफार्मेंस पर भी पड़ा. जो टीम मैच शुरू होने से पहले सभी की फेवरेट होती थी, मैच खत्म होते—होेते वो टीम हार चुकी होती है. आज के रेकॉर्ड बुक में बात आईपीएल के कुछ ऐसे ही मैचों की, जिसमें बैटिंग करने वाली टीम ने अपने शुरुआती विकेेट बहुत ही कम स्कोर पर गंवा दिए. सबसे पहले हम जिस मैच की बात करने जा रहे हैं, वो 2011 के सीजन में खेला गया था. इस मैच में कोच्चि टस्कर्स केरला और डेक्कन चार्जर्स आमने सामने थीं. कोच्चि ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया. उसके गेंदबाजों ने डेक्कन चार्जर्स की टीम को सिर्फ 129 रनों पर रोक दिया. तब लग रहा था कि कोच्चि की टीम यह मैच बहुत आसानी से जीत जाएगी. लेकिन असली ड्रामा तो अभी बाकी था. कोच्चि की टीम जब बल्लेबाजी करने उतरी तो विकेटों का पतझड़ शुरू हो गया. अभी कोच्चि के खाते में एक ही रन जुड़े थे कि ब्रेंडन मैकुलम चलते बने. इसी स्कोर पर पार्थिव पटेल भी पवेलियन लौट गए. स्कोर बढ़कर दो रन हुआ तो रैफी गोमेज और ब्रैड हॉज भी आउट हो चुके थे. सिर्फ दो रनों के कुल स्कोर पर कोच्चि के चार विकेट​ गिर चुके थे. बाद में कोच्चि की टीम कुल 74 रनों के स्कोर पर आलआउट हो गई और मुकाबला 55 रनों से हार गई. सबसे कम रनों पर शुरू के 4 विकेट खोने के मामले में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू की टीम तीसरे नंबर पर है. ऐसा हुआ था साल 2014 के आईपीएल में. आरसीबी का मुकाबला था राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ. आरसीबी ने अपने शुरुआती चार विकेट सिर्फ पांच रन पर ही खो दिए थे. उस वक्त आरसीबी के टॉप आर्डर में कोहली, युवराज और डीविलियर्स जैसे नामी बल्लेबाज थे. इसके बावजूद रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू की टीम राजस्थान के बॉलर्स के सामने स्ट्रगल करती नजर आई. राजस्थान की टीम ने टॉस जीतकर आरसीबी को पहले बल्लेबाजी के लिए आमंत्रित किया. राजस्थान के बॉलर्स ने अपने कप्तान के फैसले को बिल्कुल सही साबित किया. राजस्थान के गेंदबाज स्टुअर्ट बिन्नी ने पहले ही ओवर में योगेश टकवाले और पार्थिव पटेल को चलता किया. इसके बाद पारी के तीसरे ओवर में रिचर्डसन ने युवराज और डीविलियर्स को आउट कर आरसीबी के लिए और मुश्किलें बढ़ा दी थीं. आरसीबी कुल 70 रन पर ही आलआउट हो गई थी. बाद में राजस्थान की टीम ने चार विकेट खोकर इस लक्ष्य को हासिल कर लिया था. अब बात यूएई में खेले जा रहे आईपीएल के इस सीजन की. यह सीजन चेन्नई सुपर किंग्स के लिए अभी तक कुछ भी अच्छा नहीं रहा है. सीनियर खिलाड़ियों के खराब प्रदर्शन के कारण टीम ने युवा खिलाड़ियों को मुंबई इंडियंस के खिलाफ मौका दिया. लेकिन चेन्नई की पारी की शुरुआत एक बुरे सपने की तरह हुयी. चेन्नई की टीम ने सिर्फ 3 रन पर अपने शुरू के 4 विकेट खो दिए. रुतुराज गायकवड़, फाफ डु प्लेसी, Ambati Rayudu और जगदीशन सभी बारी-बारी से पवेलियन लौटते रहे. बुमराह और बोल्ट की गेंदबाजी के सामने यह सभी बेबस नजर आ रहे थे. पहले बल्लेबाजी करने उतरी CSK की पूरी टीम सिर्फ 114 पर आलआउट हो गई. बाद में MI की टीम ने बिना कोई विकेट गंवाए इस मैच को अपने शिकंजे में कर लिया. Music by audionautix.com
2020-10-2705 mininext Podcast2020-10-2605 mininext Podcast
inext PodcastRecord Book Episode 33इंडियन प्रीमियर लीग में बल्‍लेबाजों ने धमाल मचाया हुआ है. एक से बढ़कर एक शॉट्स देखने को मिल रहे हैं. कोई शतक लगा रहा है तो कोई कम से कम गेंद में अर्धशतक लगा रहा है. एबी डिविलियर्स जैसे प्‍लेयर्स हैं, जो रिटायर होने के बावजूद धमाल मचाए पड़े हैं. कम से कम गेंद खेलकर अधिक से अधिक रन बनाने की होड़ लगी हुई है. वैसे टी 20 का गेम है ही ऐसा कि जहां फास्‍ट गेम को हमेशा प्रियॉरिटी दी जाती है. किंग्‍स इलेवन पंजाब के निकोलस पूरन ने तो सिर्फ 17 गेंदों में हाफ सेंचुरी लगा दी है. लेकिन आईपीएल में कई खिलाड़ी ऐसे भी हैं, जिन्‍होंने अर्धशतक जमाने के लिए काफी गेंदें खेली हैं. आइए आज बात करते हैं ऐसे ही कुछ खिलाडियों की. पूर्व दक्षिण अफ्रीकी बल्लेबाज जेपी डुमिनी टी 20 के धाकड़ बल्‍लेबाज माने जाते रहे हैं. हालांकि दिलचस्‍प बात यह है कि इंडियन प्रीमियर लीग का सबसे धीमा अर्धशतक लगाने का रेकॉर्ड जेपी डुमिनी के नाम है. डुमिनी के नाम ये रेकॉर्ड 2009 में किंग्स इलेवन पंजाब के खिलाफ खेलते हुए दर्ज हुआ था. मुंबई इंडियंस की तरफ से बल्‍लेबाजी करते हुए डुमिनी ने अपना अर्धशतक बाने के लिए 55 गेंदें खेली थीं. यह आईपीएल में लगाया गया सबसे धीमा अर्धशतक है. डुमिनी ने उस मैच में कुल 59 रन बनाये और 63 गेंदों का सामना किया था. शायद उनकी स्‍लो बैटिंग का ही नतीजा था कि 120 रन के छोटे टारगेट को चेज करते हुए मुंबई इंडियंस की टीम ये मैच तीन रन से हार गयी थी. कभी चेन्‍नई सुपरकिंग्‍स की टीम का हिस्‍सा रहे पार्थिव पटेल के नाम आईपीएल का दूसरा सबसे स्‍लो अर्धशतक है. आईपीएल 2010 के 16वें मैच में चेन्नई सुपर किंग्स की तरफ से खेलते हुए पार्थिव पटेल ने यह हाफसेंचुरी लगाई थी. पार्थिव ने अपना अर्धशतक पूरा करने के लिए 53 गेंदें खेली थीं. बाएं हाथ के विकेटकीपर बल्‍लेबाज ने इस मैच में कुल 57 रन बनाए थे और चेन्नई सुपर किंग्स की तरफ से टॉप स्कोरर रहे. हालांकि ये मैच टाई हो गया था. बाद में सुपरओवर खेला गया था सुपरओवर में पंजाब ने इस मैच को अपनी मुटठी में कर लिया था. इस लिस्‍ट में जो अगले दो नाम हैं वो खासे चौंकाने वाले हैं. ब्रैंडन मैकुलम और रॉबिन उथप्‍पा का स्‍ट्राइक रेट खासा तेज है. मैकुलम ने जो आईपीएल में जबर्दस्‍त शतक भी लगाया है. लेकिन इन दोनों के नाम आईपीएल में धीमा अर्धशतक लगाने वाले बल्‍लेबाजों की लिस्‍ट में संयुक्‍त रूप से तीसरे नंबर पर है. ब्रेंडन मैकुलम और रॉबिन उथप्पा दोनों ने ही 52 गेंदों में अर्धशतक जड़ा था. मैकुलम ने कोच्चि टस्कर्स की तरफ से खेलते हुए साल 2012 में यह पारी मुंबई इंडियंस के खिलाफ खेली थी. वहीं रॉबिन उथप्पा ने अपनी धीमी अर्धशतकीय पारी पुणे वारियर्स इंडिया की तरफ से खेलते साल 2012 में दिल्ली डेयरडेविल्स के खिलाफ खेली थी. इस सीजन में राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ खेलते हुए सनराइज़र्स हैदराबाद के विजय शंकर ने 51 गेंदों में अर्धशतक बनाया. ये अर्धशतक बनाते ही शंकर आईपीएल में गेंदों के लिहाज से सबसे धीमे अर्धशतक लगाने वाले खिलाड़ियों की लिस्ट में शामिल हो गए. हालांकि शंकर की पारी ने हैदराबाद को मैच जितने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की. वैसे जिन अन्‍य बल्‍लेबाजों ने आईपीएल में अर्धशतक बनाने के लिए 51 गेंदें खेली हैं, उनके नाम मैथ्यू हेडन, जैक कैलिस और गौतम गंभीर हैं. कैलिस और हेडेन ने 2009 और गौतम गंभीर ने 2010 में यह पारियां खेली थीं. Music by audionautix.com
2020-10-2404 mininext Podcast
inext PodcastRecord Book Episode 32टी-20 फॉर्मेट में रोमांच की पूरी गारंटी होती है. खासतौर पर बल्लेबाजों की यहां पर बल्ले—बल्ले होती है. 2007 में पहले टी—20 वल्र्ड कप के अगले साल पहला इंडियन प्रीमियर लीग खेला गया. इस लीग ने दुनिया भर के खिलाड़ियों के लिए रास्ता खोल दिया. आईपीएल में फ्रेंचाइजी दोनों हाथों से दौलत लुटाकर उन खिलाड़ियों को अपनी टीम में शामिल किया. इसमें उन खिलाड़ियों को तवज्जो मिली, जिन्होंने अपने बल्ले का दम दिखाया. वैसे तो टी—20 में ही शतक बनाना काफी चैलेंजिंग है. ऐसे में जब कोई खिलाड़ी इस फॉर्मेट में एक से ज्यादा शतक बनाता है तो व​ह अपने आप स्पेशल कैटेगरी में आ जाता है. आज रेकॉर्ड बुक में हम बात करेंगे ऐसे बल्लेबाजों की, जिन्होंने आईपीएल के साथ—साथ इंटरनेशनल टी—20 क्रिकेट में भी सेंचुरी बनाई है. सबसे पहले बात पूर्व श्रीलंकाई कप्तान महेला जयवर्द्धने की. वो 2014 में टी-20 वर्ल्ड कप जीतने वाली श्रीलंकाई टीम का हिस्सा थे. उन्होंने अपने इंटरनेशनल टी-20 करियर में एकमात्र शतक लगाया है. यह 2010 में जिम्बॉब्वे के खिलाफ बनाया गया था. टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए महेला जयवर्द्धने ने 64 गेंदों में 100 रनों की तूफानी पारी खेली थी. उनकी इस पारी की बदौलत श्रीलंका की टीम ने निर्धारित 20 ओवरों में 7 विकेट के नुकसान पर 173 रनों का स्कोर खड़ा किया. लक्ष्य का पीछा करते हुए जब जिम्बॉब्वे की टीम का स्कोर 1 विकेट पर 29 था तभी बारिश आ गई. इस वजह से मैच का फैसला डकवर्थ-लुइस नियम के आधार पर करना पड़ा. हालांकि इस नियम के तहत जिम्बॉब्वे 14 रन से पीछे था जिसकी वजह से श्रीलंका को जीत मिल गई. वहीं महेला जयवर्द्धने आईपीएल में भी शतक लगा चुके हैं. किंग्स इलेवन पंजाब की तरफ से खेलते हुए उन्होंने 59 गेंदों पर 110 रनों की विस्फोटक पारी खेली थी. उनकी इस मैराथन पारी की बदौलत किंग्स इलेवन पंजाब की टीम केकेआर द्वारा दिए गए 201 रनों का विशाल लक्ष्य का पीछा करने में सफल रही थी. फिलहाल केकेआर टीम के कोच की भूमिका निभा रहे ब्रेंडन मैकुलम टी 20 के धाकड़ बल्लेबाज रहे हैं. मैकुलम ने 2012 के टी-20 वर्ल्ड कप में बांग्लादेश के खिलाफ पल्लीकेले में शानदार शतक जड़ा था. नंबर तीन पर बल्लेबाजी करते हुए मैकुलम ने 58 गेंदों पर 123 रनों की विस्फोटक पारी खेली थी. इसकी वजह से न्यूजीलैंड की टीम ने 20 ओवरों में तीन विकेट पर 191 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया था. बांग्लादेश की टीम के लिए ये लक्ष्य काफी बड़ा था और टीम 59 रनों से मैच हार गई थी. आईपीएल का पहला संस्करण जब 2008 में खेला गया तब किसी को उम्मीद भी नहीं थी कि कोई प्लेयर पहले ही सीजन में शतक लगाएगा. लेकिन मैकुलम ने ऐसा कर दिखाया. पहले आईपीएल के पहले ही मैच में कोलकाता नाइट राइडर्स की तरफ से खेलते हुए मैकुलम ने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू के खिलाफ 73 गेंदों पर 158 रनों की तूफानी पारी खेली थी. क्रिस गेल को अगर टी-20 का किंग कहें तो गलत नहीं है. कुछ प्लेयर ऐसे होते हैं जो अपने दम पर लोगों को मैदान तक खींच लाते हैं. क्रिस गेल उन्हीं में से एक प्लेयर हैं. वो दुनिया के एकमात्र ऐसे बल्लेबाज हैं जो कि टी-20 इंटरनेशनल में दो बार शतक लगा चुके हैं. उन्होंने ये दोनों शतक टी-20 वर्ल्ड कप में जड़ा. वहीं इंडियन प्रीमियर लीग में क्रिस गेल रिकॉर्ड 6 शतक जड़ चुके हैं. ऐसा ही कारनामा रोहित शर्मा ने भी किया हुआ है. रोहित ने टी 20 इंटरनेशनल क्रिकेट में चार सेंचुरीज बनाई हैं. यह सेंचुरीज उन्होंने साउथ अफ्रीका, श्रीलंका, इंग्लैंड और वेस्टइंडीज के खिलाफ बनाई हैं. हालांकि आईपीएल में रोहित ने कुल 197 मैचों में एक ही सेंचुरी बनाई है. फिलहाल किंग्स इलेवन पंजाब की कप्तानी करने वाले केएल राहुल ने भी टी 20 इंटरनेशनल क्रिकेट में दो सेंचुरीज बनाई हैं. राहुल ने यह दोनों पारियां वेस्टइंडीज और इंग्लैंड के खिलाफ खेली हैं. वहीं इंडियन प्रीमियर लीग में भी राहुल के नाम दो शतक हैं. सुरेश रैना ने भी आईपीएल और इंटरनेशनल क्रिकेट दोनों जगहों पर टी 20 सेंचुरी बनाई है. इंटरनेशनल क्रिकेट में रैना ने साउथ अफ्रीका के खिलाफ बनाया था. Music by audionautix.com
2020-10-2304 mininext Podcast
inext PodcastRecord Book Episode 31इंडियन प्रीमियर लीग का भी गजब का खेल है. यहां कोई खिलाड़ी सुपरहिट है तो कोई सुपर फ्लॉप है. आंकड़ों की ऐसी बाजीगरी है कि बड़े से बड़े खिलाड़ी का रेकॉर्ड भी बौना नजर आता है. दुनिया की सबसे बड़ी क्रिकेट लीग में शतक लगाना हर बल्लेबाज का सपना होता है. आईपीएल में अगर सबसे ज्यादा शतक लगाने की बात करें तो इस लिस्ट में सबसे पहला नाम है क्रिस गेल का. गेल ने आईपीएल की 127 पारियों में 6 शतक बनाए हैं. एक तरफ गेल हैं जिन्होंने सिर्फ 127 पारियों में छह शतक बना डाले. वहीं कई ऐसे बल्लेबाज हैं ​जो सैकड़ों पारियां खेलने के बाद भी एक अदद शतक तक नहीं बना सके. वहीं कुछ को पहली सेंचुरी बनाने में 100 से ज्यादा पारियां खेलनी पड़ीं. आज के रेकार्ड बुक में बात कुछ ऐसे बल्लेबाजों की जिन्हें अपने पहले शतक के लिए सबसे ज्यादा पारियां खेलनी पड़ीं... इस लिस्ट में सबसे पहला नाम गब्बर यानी शिखर धवन का है. धवन ने आईपीएल के इस सीजन में बैक टु बैक सेंचुरीज मारी हैं. ऐसा करके उन्होंने आईपीएल में एक अनोखा इतिहास बना दिया है. लेकिन क्या आप जानते हैं आईपीएल में पहली सेंचुरी बनाने के लिए धवन को कितनी पारियां खेलनी पड़ीं. नहीं जानते कोई बात नहीं, हम आपको बता देते हैं. तो सुनिए इंडियन प्रीमियर लीग में पहली सेंचुरी बनाने के लिए धवन को 167 पारियों तक इंतजार करना पड़ा. धवन ने अपना पहला आईपीएल शतक इसी सीजन में चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ लगाया है. वैसे शिखर धवन ने अभी तक कुल 169 मैच खेलकर पांच हजार चव्वालीस रन बनाए हैं. इस दौरान उनके नाम दो शतक और 39 अर्धशतक हैं. लिस्ट में दूसरा नाम रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के कप्तान विराट कोहली का है. वैसे तो कोहली को आज के क्रिकेट की रन मशीन कहा जा सकता है. लेकिन बात जब आईपीएल में पहली सेंचुरी की आती है तो यहां कोहली काफी पीछे हैं. विराट को आईपीएल में पहला शतक बनाने के लिए कुल 120 पारियों का इंतजार करना पड़ा था. विराट ने अपना पहला आईपीएल शतक 2016 में गुजरात लायंस के खिलाफ बनाया था. खास बात यह है कि उस सीजन में कोहली ने कुल चार शतक जड़े थे. वैसे इस सीजन में भी एक बार कोहली 90 प्लस का स्कोर कर चुके हैं. ओवरआल आंकड़ों की बात करें तो विराट ने आईपीएल में कुल 187 मैच खेलकर 5777 रन बनाए हैं. इसमें उनके नाम पांच शतक और अड़तीस अर्धशतक हैं. इस लिस्ट में चेन्नई सुपरकिंग्स के धाकड़ बल्लेबाज अंबाती रायुडू का नाम भी है. रायडू ने अपना पहला आईपीएल शतक 2018 में सनराइज़र्स हैदराबाद के खिलाफ लगाया था. रायडू को अपने पहले आईपीएल शतक के लिए 119 पारियां लग गई थीं. उस पारी में अंबाती रायडू ने 62 गेंदों में 100 रन बनाये थे. इस सीजन में भी रायुडू ने मुंबई के खिलाफ आक्रामक अर्धशतक के साथ धांसू शुरुआत की थी. लेकिन फिटनेस इश्यूज के चलते उन्हें कुछ मैचों में बाहर बैठना पड़ा. इसके बाद वो अपना मैजिक नहीं दिखा सके. वैसे आईपीएल के कुल 155 मैचों में रायुडू ने एक शतक और 19 अर्धशतक के साथ कुल 3550 रन बनाए हैं. चेन्नई सुपरकिंग्स की तरफ से खेलने वाले बाएं हाथ के शानदार बल्लेबाज सुरेश रैना ने इस सीजन में अपना नाम वापस ले लिया था. रैना ने इंडियन प्रीमियर लीग में कुल 193 मैचों में 28 बार नाबाद रहते हुए, एक शतक और 38 अर्धशतकों के साथ पांच हजार तीन सौ अड़सठ रन बनाए हैं. आईपीएल में पहली सेंचुरी जमाने के लिए रैना को 88 पारियों का इंतजार करना पड़ा था. रैना ने आईपीएल में यह शतक किंग्स इलेवन पंजाब के खिलाफ लगाया था. उस पारी में उन्होंने तिरपन गेंदों में नॉटआउट 100 रन बनाए थे. Music by audionautix.com
2020-10-2204 mininext Podcast
inext PodcastRecord Book Episode 30एक बड़ी मशहूर कहावत है, एज इज जस्ट अ नंबर. खेल के मैदान में यह बात बखूबी लागू होती है. क्रिकेट में भी कई खिलाड़ियों ने इस बात को साबित किया है. उम्र बढ़ने के साथ आने वाली मैच्योरिटी और अनुभव के साथ ​क्रिकेटर्स की परफॉर्मेंस लगातार निखरी है. यहां तक कि टी 20 जैसे फास्ट गेम में भी कई बार उम्रदराज खिलाड़ियों ने अपने प्रदर्शन से इंप्रेस किया है. पूर्व में रिकी पोंटिंग ने मुंबई इंडियंस के लिए 2013 में बल्ले से खास प्रदर्शन नहीं किया था. लेकिन एक सीनियर प्लेयर के तौर पर उनकी गाइडेंस ने कप्तान रोहित शर्मा की राह आसान की. सचिन, द्रविड़ और कैलिस जैसे दिग्गजों ने आईपीएल में उम्र को धता बताते हुए अपना जलवा बिखेरा है. इस सीजन में भी कई ऐसे खिलाड़ी हैं, जो एज ए सीनियर प्लेयर अपनी गाइडेंस से आन एंड आफ द फील्ड टीम के लिए बेनेफिशियल साबित हो रहे हैं. आज बात करेंगे कुछ ऐसे बल्लेबाजों की जिन्होंने फोर्टी प्लस की एज में आईपीएल में हाफसेंचुरी जमाई थी. एडम गिलक्रिस्ट का नाम दुनिया भर में विस्फोटक बल्लेबाजी के लिए मशहूर है. उन्होंने इंडियन प्रीमियर लीग में 138.89 के स्ट्राइक रेट से 80 पारियों में 2069 रन बनाए हैं. गिलक्रिस्ट के नाम आईपीएल में सबसे ज्यादा उम्रदराज खिलाड़ी के तौर पर अर्धशतक लगाने का रिकॉर्ड है. उस दिन गिलक्रिस्ट की उम्र 41 साल और 181 दिन थी. गिलक्रिस्ट ने 2013 में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू की टीम के खिलाफ 85 रन की पारी खेलकर यह कारनामा किया था. उन्होंने सिर्फ 54 गेंदों में 85 रनों की नाबाद पारी खेली थी. इस दौरान ​गिलक्रिस्ट ने 10 चौके और तीन छक्के लगाए थे. गिलक्रिस्ट की इस पारी की बदौलत किंग्स इलेवन पंजाब की टीम ने 175 रनों का स्कोर 11 गेंद बाकी रहते हासिल कर लिया. यूनिवर्स बॉस के नाम से मशहूर क्रिस गेल इंडियन प्रीमियर लीग के इस संस्करण में इस एलीट क्लब में शामिल होने वाले दूसरे सबसे उम्रदराज खिलाड़ी बने. इस दिन उनकी उम्र थी 41 साल और 24 दिन. किंग्स इलेवन पंजाब के लिए कई मैचों में बाहर बैठने के बाद गेल को रॉयल चैंलेंजर्स बेंगलुरू के खिलाफ मौका मिला. गेल ने इस मौके को भुनाते हुए शानदार अर्धशतक लगा दिया. हालांकि जब वो बैटिंग करने उतरे तो उनकी शुरुआत थोड़ी धीमी रही. शुरू की 14 गेंदों में क्रिस गेल ने सिर्फ 6 रन बनाये .लेकिन इसके बाद उन्होंने गेंदबाजों की जमकर धुनाई की. उन्होंने अगली 22 गेंदों में 44 रन बनाये और अपना अर्धशतक पूरा किया. गेल की जोरदार बैटिंग का रिजल्ट यह रहा कि पंजाब ने आरसीबी के 172 रनों के लक्ष्य को हासिल करके यह मैच अपने नाम कर लिया था. ओवरआल आईपीएल रेकॉर्ड की बात करें तो यहां पर ​क्रिस गेल ने कुल 128 मैचों में 15 बार नाबाद रहते हुए कुल 4590 रन बनाए थे. इस दौरान उन्होंने छह शतक और उन्तीस अर्धशतक लगाए हैं. आईपीएल इतिहास में सबसे ज्यादा उम्र के खिलाड़ियों द्वारा अर्धशतक लगाए जाने के मामले में द्रविड़ तीसरे स्थान पर हैं. द्रविड़ ने 40 साल और 116 दिन की उम्र में हाफसेंचुरी जमाई थी. द्रविड़ ने यह कारनामा 2013 में दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ किया था. तब राहुल द्रविड़ राजस्थान रॉयल्स टीम की कप्तानी कर रहे थे. ये उस सीजन का 52वां मैच था. पंजाब की टीम ने राजस्थान के सामने 155 रनों का लक्ष्य रखा था. जवाब में ओपनिंग करने उतरे द्रविड़ ने सिर्फ 48 गेंदों में 53 रनों की पारी खेली थी. इस दौरान उन्होंने 7 चौके जड़े थे. द्रविड़ ने अजिंक्या रहाने के साथ ओपनिंग करते हुए 110 रनों की पार्टनरशिप की थी. राजस्थान ने सिर्फ 17 ओवर और पांच गेंद में यह मुकाबला जीत लिया था. वैसे ओवरआल कॅरियर की बात करें तो राहुल द्रविड़ ने आईपीएल करियर की 82 पारियों में 2,174 रन बनाये हैं. Music by audionautix.com
2020-10-2105 mininext Podcast
inext PodcastRecord Book Episode 29संडे का दिन रविवार को आईपीएल में सुपर फनडे साबित हुआ. इस दिन डबल हेडर मुकाबले खेले गए और दोनों मैचों में कुल तीन सुपर ओवर खेले गए. IPL इतिहास में यह पहला मौका है जब एक ही दिन में तीन सुपर ओवर खेले गए. दिन के पहले मुकाबले में केकेआर ने सनराइजर्स हैदराबाद को हरायाा. इस मैच का रोमांच अभी दर्शक भूल भी नहीं पाए थे कि दूसरे मैच में पंजाब और मुंबई के बीच रोमांच की सारे हदें पार हो गईं. आइए जान लेते हैं इन दोनों मैचों के दौरान कौन—कौन से खास रेकाडर्स बने, जिन्हें हम रेकॉर्ड बुक में शामिल कर रहे हैं. सबसे पहले दूसरे मैच की बात. पंजाब और मुंबई के बीच खेले गए इस मुकाबले के दौरान क्विंटन डिकॉक ने 43 गेंदों में 53 रनों की शानदार पारी खेली. उन्होंने लगातार तीसरी हाफसेंचुरी बनाई. सचिन तेंदुलकर के बाद वह MI के लिए लगातार तीन अर्धशतक लगाने वाले दूसरे बल्लेबाज बन गए हैं. 2019 से डिकॉक ने IPL में आठ अर्धशतक लगाए हैं और चौथे सबसे अधिक अर्धशतक लगाने वाले बल्लेबाज हैं. इस मैच में जसप्रीत बुमराह ने मयंक अग्रवाल को IPL में तीसरी बार आउट किया. बुमराह के खिलाफ मयंक ने 10 गेंदों का सामना किया है और केवल दो रन बना सके हैं. IPL में बुमराह संयुक्त रूप से मयंक को सबसे अधिक बार आउट करने वाले गेंदबाज बन गए हैं. अश्विन, चहल और संदीप शर्मा ने भी मयंक को 3-3 बार आउट किया है. हालांकि चहल और अश्विन ने मयंक को तीन बार आउट करने के लिए 27-27 गेंदें ली हैं. ग्लेन मैक्सवेल इस मैच में शून्य पर आउट हुए. इस सीजन उन्होंने 1 ,5, 13*, 11, 11*, 7, 10*, 0 की पारियां खेली हैं. मैक्सवेल सबसे अधिक 63 गेंदें खेलने के बाद एक भी छक्का नहीं लगा सके हैं. KXIP के कप्तान केएल राहुल ने इस सीजन का पांचवां अर्धशतक और छठा फिफ्टी प्लस स्कोर बनाया. राहुल ने 35 गेंदों में IPL में अपना 21वां अर्धशतक लगाया. वह इस सीजन सबसे अधिक अर्धशतक लगाने वाले बल्लेबाज हैं. वहीं लगातार तीन सीजन में 500 से अधिक रन बनाने वाले राहुल पहले भारतीय बने हैं. अब बात केकेआर और हैदराबाद के बीच बने रेकाडर्स की बात. IPL की अपनी 135वीं पारी में डेविड वार्नर ने 5,000 रन पूरे किए और लीग में सबसे तेज 5,000 रन बनाने वाले बल्लेबाज बन गए हैं. विराट कोहली ने 157 पारियों में सबसे तेज 5,000 रन बनाने का रिकॉर्ड बनाया था. वार्नर 5,000 रन बनाने वाले पहले विदेशी और कुल चौथे बल्लेबाज हैं. फिलहाल उनसे अधिक रन रोहित शर्मा, सुरेश रैना और विराट कोहली ने बनाए हैं. केकेआर के लिए इस मैच में चीजें सबसे ज्यादा टेंशन वाली रहीं. यह लगातार चौथा मैच था जिसमें KKR के गेंदबाज पावरप्ले में कोई विकेट नहीं ले सके. इस सीजन शुभमन गिल नौ में से सात पारियों में पावरप्ले में आउट नहीं हुए हैं, लेकिन उन्होंने 113.79 की धीमी स्ट्राइक रेट के साथ बल्लेबाजी की है. Music by audionautix.com
2020-10-2004 mininext Podcast
inext PodcastRecord Book Episode 28कोलकाता नाइट राइडर्स के स्पिन गेंदबाज सुनील नारायण का गेंदबाजी एक्शन इस सीजन में सवालों के घेरे में आया है. किंग्स इलेवन पंजाब के खिलाफ मैच के बाद उनका बॉलिंग एक्शन रिपोर्ट किया गया था. कोलकाता नाइट राइडर्स ने अबू धाबी में 2 रन से मैच जीत लिया. पहले बैटिंग करते हुए कोलकाता नाइट राइडर्स ने 20 ओवरों में छह विकेट खोकर 164 रन बनाए. जवाब में किंग्स इलेवन पंजाब ने पांच विकेट पर 162 रन बनाए. इस मैच में केकेआर ने आखिरी कुछ ओवरों में जोरदार वापसी की और मैच जीत लिया. सुनील नारायण ने आखिरी ओवर में शानदार गेंदबाजी करते हुए अपनी टीम को जीत दिलाई. मैच के बाद, ऑन-फील्ड अंपायरों ने उनकी गेंदबाजी को लेकर शिकायत की. इस शिकायत के बाद, सुनील नारायण को एक चेतावनी दी गई और उन्हें टूर्नामेंट में गेंदबाजी करने की अनुमति दी गई. वैसे यह चौथी बार है जब सुनील नारायण का गेंदबाजी एक्शन संदिग्ध पाया गया है. ऐसा उनके साथ 3 बार पहले भी हो चुका है. आइए जानें कब-कब हुआ ऐसा... सुनील नारायण के गेंदबाजी एक्शन पर 2014 से सवालिया निशान लग रहे हैं. 2014 चैंपियंस लीग में उनकी गेंदबाजी एक्शन पर दो बार सवाल उठे थे. इसी वजह से सुनील को 2015 विश्व कप से हटा दिया गया था. सुनील नारायण का गेंदबाजी एक्शन पहली बार डॉल्फिन के खिलाफ मैच के दौरान संदिग्ध पाया गया था. उनकी तेज गेंद पर अंपायरों ने सवाल उठाए थे. बाद में सेमीफाइनल में होबार्ट हरिकेंस के खिलाफ उनके एक्शन पर सवाल उठा. इस वजह से फाइनल में उनकी गेंदबाजी पर प्रतिबंध लगा दिया गया था. सुनील को संदिग्ध गेंदबाजी एक्शन के चलते 2015 विश्व कप में उन्हें मौका नहीं मिला. फिर सुनील आईपीएल 2015 में लौटे और एक बार फिर से आईपीएल का हिस्सा बने. लेकिन इस बार भी संदिग्ध गेंदबाजी एक्शन के कारण वह खेल में नहीं उतरे. उनके गेंदबाजी एक्शन को फिर से रिपोर्ट किया गया. 22 अप्रैल को विशाखापत्तनम में सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ मैच में उनका गेंदबाजी एक्शन सवालों के घेरे में आया था. बीसीसीआई ने उसके ऑफ स्पिन पर प्रतिबंध लगा दिया. आईसीसी ने अप्रैल 2016 में सुनील नारायण की कार्रवाई पर सफाई दी. लेकिन उसी साल उन्हें भारत में टी 20 विश्व कप से हटना पड़ा. सुनील नारायण दुनिया भर के टी 20 लीगों में खेलते हैं. फ्रेंचाइजी ने उन्हें अपनी हरफनमौला क्षमता के कारण अपने टीम में शामिल किया. सुनील नारायण पाकिस्तान सुपर लीग में भी खेलते हैं. वह वर्तमान में क्वेटा ग्लेडिएटर्स टीम का सदस्य हैं. हालांकि, जब वह 2018 पाकिस्तान सुपर लीग में लाहौर कैलेंडर्स टीम में थे, तो उनका गेंदबाजी एक्शन रिपोर्ट किया गया था. Music by audionautix.com
2020-10-1903 mininext Podcast2020-10-1805 mininext Podcast
inext PodcastRecord Book Episode 26इंडियन प्रीमियर लीग में बहुत सारे अप्स एंड डाउंस चलते रहते हैं. कई टीमों का सफर बीच मझधार में अटका हुआ है. वहीं कुछ टीमें अपना सही कॉम्बिनेशन नहीं तलाश कर सकी हैं. सही बैलेंस बनाने के चक्कर में दिनेश कार्तिक ने केकेआर की कप्तानी ही छोड़ दी. अब इयान मोर्गन बचे हुए टूर्नामेंट में टीम की नैया पार लगाएंगे. वैसे यह पहली बार नहीं हुआ है जब बीच सीजन में कप्तान बदल दिया गया है. आइए आज आपको बताते हैं, कब—कब आईपीएल के बीच सीजन में बदला गया टीम का कप्तान... अगर कहें तो आईपीएल की शुरुआत ही कप्तान बदलने के फैसलों से हुई तो कुछ गलत नहीं होगा. जीहां, असल में 2008 में जब आईपीएल शुरू हुआ तो मुंबई के कप्तान थे हरभजन सिंह. इसके बाद टीम मैनेजमेंट ने बीच सीजन में शॉन पोलाक को कप्तानी दे दी. ​इतना ही काफी नहीं था. इसके बाद सचिन तेंदुलकर ने टीम की बागडोर संभाली थी. हालांकि बीच सीजन में कप्तान बदलने का एक फैसला मुंबई इंडियंस के लिए काफी शानदार साबित हुआ है. मुंबई इंडियंस ने आईपीएल इतिहास का सबसे शानदार फैसला तब लिया, जब रिकी पोंटिंग के स्थान पर रोहित शर्मा को बीच सीजन में कप्तानी सौंपी गई. उसके बाद मुंबई ने रोहित की कप्तानी में 4 आईपीएल टाइटल अपने नाम किये हैं.0 साल 2008 में डेक्कन चार्जर्स ने भी कप्तान बदला था. डेक्कन चार्जर्स ने वीवीएस लक्ष्मण को कप्तान चुना था. लेकिन लक्ष्मण न तो बतौर कप्तान सफल हो रहे थे और न ही उनके बल्ले से रन निकल रहे थे. ऐसे में ​डेक्कन चार्जर्स ने आस्ट्रेलियाई विकेटकीपर एडम गिलक्रिस्ट को कप्तान बना दिया था. इसी तरह साल 2012 में डेक्कन चार्जर्स की टीम ने संगकारा से कप्तानी लेकर कैमरून व्हाइट को सौंप दी थी. साल 2009 में आरसीबी ने भी ऐसा ही कुछ कारनामा किया था. बीच सीजन में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू ने केविन पीटरसन से कप्तानी छीन कर दिग्गज गेंदबाज अनिल कुंबले को दी थी. हालांकि आरसीबी का यह फैसला रंग लाया था. कुंबले ने अपनी कप्तानी ने आरसीबी को फाइनल तक पहुंचाया था. पुणे वॉरियर्स टीम ने भी एंजेलो मैथ्यूज को हटाकर फिंच को कप्तान चुना था. इसके बाद आईपीएल के अगले सीजन में शिखर धवन को सनराइजर्स का कप्तान हटाकर डेरेन सैमी को कप्तान बनाया गया था. साल 2015 में रॉयल्स ने वॉटसन की जगह स्मिथ को कप्तान बनाया. उसके बाद 2016 में पंजाब ने बीच सीजन में ही डेविड मिलर के स्थान पर मुरली विजय को कप्तान बनाया. साल 2019 में राजस्थान रॉयल्स ने भी ऐसा ही एक फैसला लिया था. उसने अजिंक्य रहाणे की जगह स्टीव स्मिथ को कप्तानी सौंपी थी. इसी तरह दिल्ली कैपिटल्स की टीम ने गौतम गंभीर को कप्तानी दी थी. लेकिन बीच सीजन में न जाने क्या हुआ कि दिल्ली कैपिटल्स ने एक युवा ख़िलाड़ी को जिम्मेदारी देते हुए श्रेयस अय्यर को कप्तान बना दिया. श्रेयस ने जिन्होंने दिल्ली की टीम को एक नई दिशा दिखाई है. Music by audionautix.com
2020-10-1706 mininext Podcast
inext PodcastRecord Book Episode 25इंडियन प्रीमियर लीग में नीलामी के दौरान टीमें खूब खर्च करती हैं. अलग—अलग देशों के स्टार परफॉर्मर्स को अपनी टीम में शामिल करने के लिए फ्रेंचाइजियों में होड़ मची रहती है. लेकिन कई बार नीलामी में खर्च की गई रकम मैदान पर परफॉर्मेंस में तब्दील नहीं हो पाती. इस सीजन में भी कुछ ऐसा ही हो रहा है. अब जबकि आधा आईपीएल बीत चुका है, एक बार नजर डालते हैं कैसा है इस सीजन में महंगे प्लेयर्स की परफॉर्मेंस... शुरुआत करते हैं आस्ट्रेलिया की पेस बैटरी. पैट कमिंस के साथ. कोलकाता नाइटराइडर्स ने इस सीजन के लिए पैट कमिंस को 15.5 करोड़ रूपये की कीमत में खरीदा था. केकेआर को उनसे काफी उम्मीदें थीं, लेकिन अब तक खेले सात मैचों में कमिंस ने बुरी तरह निराश किया है. कमिंस इस सीजन अब तक केवल दो ही विकेट ले सके हैं और उनका इकॉनमी रेट भी 8.50 से ज्यादा का रहा है. कमिंस से ज्यादा विकेट तो शिवम मावी और कमलेश नागरकोटी जैसे युवा गेंदबाजों ने लिए हैं. शिवम ने पांच और कमलेश नागरकोटी ने चार विकेट लिए हैं. एक और आस्ट्रेलियाई आलराउंडर ग्लेन मैक्सवेल की कहानी भी लगभग ऐसी ही है. किंग्स इलेवन पंजाब ने ग्लेन मैक्सवेल को खरीदने के लिए 10.75 करोड़ रूपये की कीमत चुकाई थी. लेकिन मैक्सवेल से पंजाब की टीम को अभी तक केवल निराशा ही हाथ लगी है. अब तो टीम के लिए प्ले-ऑफ में जाने का रास्ता भी बेहद मुश्किल हो चुकी है. सात मैचों में मैक्सवेल चौदह दशमलव पांच शून्य की औसत के साथ केवल 58 रन ही बना सके हैं. वह केवल पांच चौके ही लगा सके हैं और उनका स्ट्राइक रेट भी 95.08 का ही रहा है. वहीं गेंदबाजी में भी वह कुछ खास नहीं कर सके हैं. अब आते हैं रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की बात. आरसीबी ने 10 करोड़ रूपए खर्च करके क्रिस मौरिस को अपने साथ जोड़ा था ताकि टीम की गेंदबाजी मजबूत की जा सके. चोट के कारण सीजन के पहले पांच मैच मिस करने वाले मैरिस ने आते ही अपने पहले दो मैचों में प्रभावित किया है. मौरिस ने दो मैचों में पांच विकेट लिए हैं और उनकी इकॉनमी 4.50 की रही है. वहीं उनकी बैटिंग भी काफी इंप्रेसिव रही है. 8.5 करोड़ रूपये की कीमत में किंग्स इलेवन पंजाब से जुड़ने वाले कैरेबियन स्टार शेल्डन कोट्रेल ने अब तक ठीक प्रदर्शन किया है. राहुल तेवतिया के खिलाफ एक ओवर में पांच छक्के खाने के बाद कोट्रेल ने वापसी की है. छह मैचों में उन्होंने छह विकेट हासिल किए हैं और उनकी इकॉनमी 8.80 की रही है. वह अपनी टीम के लिए तीसरे सबसे अधिक विकेट लेने वाले गेंदबाज हैं. एक और विदेशी खिलाड़ी हैं शिमरॉन हेटमायर. इस वेस्ट इंडियन बल्लेबाज को दिल्ली कैपिटल्स ने अपनी टीम में शामिल करने के लिए 7.75 करोड़ रूपए खर्च किए थे. अभी तक शिमरॉन हेटमायर को इस सीजन बल्लेबाजी करने के लिए बहुत मौके नहीं मिले हैं. हालांकि, हर मौके का उन्होंने फायदा उठाया है और उनका खेल संतोषजनक रहा है. हेटमायर ने अभी तक 6 मैचों में 91 रन बनाए हैं. उनका हाइएस्ट स्कोर रहा है 45 रन रहा है. वहीं कोलकाता नाइट राइडर्स ने 5.5 करोड़ रूपए में इयोन मोर्गन को खरीदा था और वह उनके लिए दूसरे सबसे अधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज हैं. Morgan ने सात मैचों में 175 रन बनाए हैं और दो बार नाबाद रहे हैं. इस दौरान उनका सर्वाधिक स्कोर 44 रन रहा है. KKR के लिए इस सीजन में सक्सेस बहुत कुछ मोर्गन पर डिपेंड करता है. Music by audionautix.com
2020-10-1604 mininext Podcast
inext PodcastRecord Book Episode 24आईपीएल में अलग—अलग देशों के खिलाड़ी अपना जलवा बिखेर चुके हैं. हालांकि पाकिस्तान के खिलाड़ी यहां फिलहाल खेलते नजर नहीं आ रहे हैं. इसके पीछे वजह यह है कि मुंबई पर हमले के बाद भारत ने पाकिस्तानी खिलाड़ियों के आईपीएल में खेलने पर बैन लगा दिया था. हालांकि आईपीएल के पहले सीजन में ग्यारह पाकिस्तानी खिलाड़ियों ने आईपीएल में अपना जलवा बिखेरा है. आज रेकॉर्ड बुक में सुनेंगे इन्हीं पाकिस्तानी खिलाड़ियों की कहानी... पाकिस्तान के ऑलराउंडर और हरफनमौला खिलाड़ी शाहिद अफरीदी आईपीएल के पहले सीजन में डेक्कन चार्जस का हिस्सा थे. अफरीदी ने आईपीएल में बल्ले से 10 मैचों में 10.12 की खराब औसत से केवल 81 रन बनाए थे. वहीं गेंदबाजी में उन्होंने नौ विकेट चटकाए थे. वैसे इस दौरान अफरीदी टीम के कप्तान लक्ष्मण पर बयान देकर विवादों में भी घिरे थे. पाकिस्तान के पूर्व कप्तान शोएब मलिक को दिल्ली ने अपनी टीम में शामिल किया था. दिल्ली की टीम में एबी डीविलियर्स, डेनियल विटोरी, ग्लेन मैक्ग्रा और तिलकरत्ने दिलशान जैसे खिलाड़ी मौजूद थे. इस वजह से मलिक को बहुत कम मैचों में खेलने का मौका मिला. हालांकि जितने भी मैच उन्होंने आईपीएल में खेले उसमें उनका प्रदर्शन बहुत उम्दा नहीं रहा. मलिक ने आईपीएल में सात मैच खेले हैं. इसमें उन्होंने सिर्फ 52 रन बनाए और गेंदबाजी में केवल 2 विकेट लिए थे. पाकिस्तान के तेज़ गेंदबाज़ और रावलपिंडी एक्सप्रेस शोएब अख्तर सौरव गांगुली की टीम कोलकाता नाइट राइडर्स का हिस्सा बने. शोएब अख्तर ने अपने आईपीएल के पहले मैच में शानदार प्रर्दशन किया था. उन्होंने दिल्ली के खिलाफ चार विकेट चटकाए. इसमें दिल्ली के कप्तान वीरेंदर सहवाग, गौतम गंभीर ,एबी डीविलियर्स और मनोज तिवारी का विकेट शामिल था. हालांकि शोएब अख्तर ने आईपीएल में सिर्फ तीन मैच खेले जिसमे उन्होंने पांच विकेट लिए थे. आईपीएल डेब्यू के दौरान पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने उनपर एक विवाद के चलते पांच साल का बैन भी लगा दिया था. पाकिस्तान के सलामी बल्लेबाज़ सलमान बट कोलकाता नाइट राइडर्स की ही टीम का हिस्सा थे. टीम में ब्रैंडन मैकुलम और रिकी पोटिंग की मौजूदगी में सलमान बट को कम ही मैच खेलने का मौका मिला. सलमान ने कोलकाता के लिए सात मैच खेले जिसमें उन्होंने 27.57 की औसत से 193 रन बनाए थे. सलमान बट ने कुछ मैच मिडिल आर्डर में भी खेले. पाकिस्तान के ऑलराउंडर मोहम्मद हफीज़ भी कोलकाता नाइट राइडर्स की टीम का हिस्सा थे. हफीज़ ने कोलकाता के लिए नंबर तीन या नंबर चार पर बल्लेबाज़ी की है. हफीज़ ने कोलकाता के लिए आठ मैच खेले. इसमें उन्होंने 64 रन बनाने के साथ 2 विकेट चटकाए थे. उन्होंने अपना पहला मैच रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के खिलाफ चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेला था. कोलकाता नाइट राइडर्स ने अपनी टीम में एक ओर तेज़ गेंदबाज उमर गुल को अपनी टीम में शामिल किया था. उमर गुल उस समय दुनिया के नंबर एक टी20 गेंदबाज थे. लगातार चोटों की वजह से उमर गुल छह आईपीएल मैच ही खेल सके थे. उन्होंने 12 विकेट चटकाने के साथ-साथ 39 रन भी बनाए थे. गुल ने अपना आखिरी मैच भी किंग्स इलेवन पजांब के खिलाफ खेला था. इस लीग मैच में उन्होंने 4 विकेट लेने के साथ-साथ 24 रन बनाकर कोलकाता को जिताया था. पाकिस्तान के तेज़ गेंदबाज मोहम्मद आसिफ एक समय पर वहां के स्टार गेंदबाज थे. उन्हें दिल्ली ने अपनी टीम में शामिल किया था. मोहम्मद आसिफ और ग्लेन मैक्ग्रा की मौजदूगी दिल्ली टीम की गेंदबाजी को मजबूत बनाती थी. आसिफ आईपीएल के दौरान डोपिंग के दोषी पाए गए थे जिसके बाद उन पर पीसीबी ने एक साल का बैन लगाया था. आसिफ ने आईपीएल में 8 मैचों में 9.25 इकॉनमी के साथ 8 विकेट लिए थे. मिस्बाह उल हक आईपीएल में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के हिस्सा थे. मिस्बाह का आईपीएल का रास्ता 2007 टी20 विश्वकप के प्रर्दशन से खुला था. मिस्बाह ने आईपीएल में कुछ खास प्रदर्शन नहीं किया था. उन्होंने आईपीएल के 8 मैचों में 16.71 की औसत से 117 रन बनाए थे. पाकिस्तान के शानदार बल्लेबाजों में से एक यूनुस खान को राजस्थान रॉयल्स ने अपनी टीम में लिया था. युनुस को आईपीएल में सिर्फ एक मैच खेलने का मौका मिला, जो राजस्थान रॉयलस का आखिरी लीग मैच था. इसमें उन्होंने मात्र दो रन बनाए थे वे पूरे आईपीएल टूर्नामेंट से बाहर बैठे थे. पाकिस्तान के विकेटकीपर बल्लेबाज कामरान अकमल राजस्थान रॉयलस टीम का हिस्सा थे. कामरान अकमल को राजस्थान रॉयल्स ने फिलर की तरह यूज किया था. अच्छे विकेटकीपर होने के बावजूद कामरान को टीम में तब ही मौके मिले जब कोई इंटरनेशनल प्लेयर चोटिल हुआ. अकमल ने आईपीएल में छह मैच खेले हैं जिसमे उन्होंने 25.6 की औसत से 128 बनाए थे जिसमे एक अर्धशतक शमिल है. music by audionautix.com
2020-10-1506 mininext Podcast
inext PodcastRecord Book Episode 23इंडियन प्रीमियर लीग में बनने वाले अजब—गजब रेकॉडर्स की कहानियों से हम लोग रोज रूबरू हो रहे हैं. कल मैंने आपको कुछ खास बल्लेबाजों के शतकों के बारे में बताया. आज मैं आपको बताने जा रहा हूं इंडियन प्रीमियर लीग में फेंके गए कुछ खास ओवरों के बारे में. आईपीएल के ये ओवर कहीं से भी कम इंपॉर्टेंट नहीं थे.बहुत ही अहम क्षणों में फेंके गए इन ओवरों ने फैन्स के साथ—साथ दोनों टीमों के खिलाड़ियों की भी सांसें रोक दी थी. सबसे पहले बात राशिद खान की Rashid Khan ने यह ओवर 2019 में फेंका था और इसमें उन्होंने बिना कोई रन खर्च किए दो विकेट उड़ा डाले थे. इस मैच में सनराइजर्स हैदराबाद का मुकाबला हो रहा था दिल्ली कैपिटल्स के साथ. यह पिछले सीजन का एलिमिनेटर मुकाबला था. दिल्ली कैपिटल्स को सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ 36 गेंदों में 52 रनों की जरूरत थी. उनके सात विकेट शेष थे. राशिद खान ने 15वें ओवर की पहली और चौथी गेंद पर कॉलिन मुनरो तथा अक्षर पटेल का विकेट लिया. इस ओवर में राशिद ने कोई रन भी नहीं खर्च किया और ओवर दो विकेट तथा मेडन वाला रहा. हालांकि राशिद का यह मैजिकल ओवर भी सनराइजर्स के लिए कोई मैजिक नहीं ला पाया और दिल्ली कैपिटल्स ने दो विकेट से मैच जीता था. सुनील नरेन का कारनामा यह बात है आईपीएल 2014 की. सुनील नरेन ने एक ही ओवर में युवराज और डिविलियर्स को चलता कर दिया था. 2014 IPL में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू को कोलकाता नाइटराइर्स के खिलाफ 23 गेंदों में 67 रनों की जरूरत थी. सुनील नरेन ने 17वें ओवर की दूसरी गेंद पर युवराज को कैच आउट कराया. ओवर की आखिरी गेंद पर सुनील ने डिविलियर्स को क्लीन बोल्ड कर दिया. इससे पहले उसी मैच में 13वें ओवर में भी नरेन ने कोहली और योगेश टकवाले के दो इंपॉर्टेंट विकेट्स भी चटकाए थे. कुलदीप ने जब लास्ट ओवर में दिए थे केवल पांच रन यह मुकाबला भी पिछले सीजन में ही खेला गया था. 10वें मैच में कोलकाता नाइटराइडर्स ने दिल्ली कैपिटल्स को 186 रनों का लक्ष्य दिया था. Ptithwi Shaw के 99 रनों की बदौलत लक्ष्य का पीछा करते हुए दिल्ली बेहद मजबूत स्थिति में दिख रही थी. दिल्ली की टीम को आखिरी ओवर में जीत के लिए छह रन चाहिए थे. हालांकि, Kuldeep Yadav ने आखिरी ओवर में केवल पांच रन ही खर्च किए और मैच टाई हो गया. बाद में सुपर ओवर में दिल्ली ने केकेआर को हरा दिया था. Pravin Tambe की हैट्रिक और वाटसन के तीन विकेट 2014 सीजन में राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ 171 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए केकेआर ने 14 ओवर्स में 121 रन बना लिए थे. शेन वाटसन ने 15वें ओवर में गौतम गंभीर, रॉबिन उथप्पा और आंद्रे रसेल का विकेट लेकर स्कोर तीन विकेट पर 122 रन कर दिया. अगले ही ओवर में प्रवीण तांबे ने मनीष पाण्डेय, युसुफ पठान और रयान टेन डोशाटे को आउट करके हैट्रिक ले ली. तांबे की हैट्रिक से केकेआर का स्कोर पंद्रह दशमलव ओवरों में छह विकेट पर 123 हो गया था.
2020-10-1404 mininext Podcast
inext PodcastRecord Book Episode 22हर बैट्समैन का ड्रीम होता है सेंचुरी बनाना. और बात जब इंडियन प्रीमियर लीग में सेंचुरी की हो तो यह और भी स्पेशल हो जाती है. वजह आईपीएल में शतक लगाना आसान नहीं है. हालांकि इस लीग की हिस्ट्री में कई ऐसे नामी खिलाड़ी हैं, जिन्होंने यहां पर शतकीय पारी खेली है. शतक लगाने वाले इन खिलाड़ियों का नाम आईपीएल के इतिहास में हमेशा के लिए दर्ज हो गया. लेकिन कई खिलाड़ी ऐसे हैं, जो आईपीएल में सेंचुरी लगाने के बावजूद गुमनामी के अंधेरों में खो गए. आज के रेकॉर्ड बुक में हम बात करेंगे कुछ ऐसे ही क्रिकेटर्स की... पॉल वाल्थाटी Paul Valthaty का नाम इंडियन प्रीमियर लीग में किसी सनसनी की तरह उभरा था. आईपीएल के इतिहास में शानदार शतक लगाने वाले इस खिलाड़ी का नाम गर्व से लिया जाता है. इस बल्लेबाज ने साल 2011 में चेन्नई सुपरकिंग्स के खिलाफ बेहतरीन शतक लगाया था. वाल्थाटी की इस आतिशी पारी की बदौलत पंजाब की टीम ने चेन्नई के खिलाफ सुपर जीत दर्ज की थी. इंडियन प्रीमियर लीग के उस सीजन का यह नौवां मैच था. चेन्नई सुपरकिंग्स ने पहले बल्लेबाजी करते हुए पंजाब की टीम को 189 रनों का लक्ष्य दिया था. इसके जवाब में बल्लेबाजी करने उतरी किंग्स इलेवन पंजाब के सलामी बल्लेबाज पॉल वाल्थटी ने महज 63 गेदों में ही 120 रनों की पारी खेली थी. इस पारी के दौरान उन्होंने 19 चौके तो लगाए ही थे दो आसमानी छक्के भी लगाए थे. वाल्थाटी की इस पारी की बदौलत पंजाब की टीम ने इस लक्ष्य को पांच गेंद शेष रहते ही हासिल कर लिया था. वैसे आपकी जानकारी के लिए बता दें कि वाल्थाटी की यह सेंचुरी उस सीजन की पहली सेंचुरी थी. वहीं ओवरआल यह आईपीएल की 13वीं सेंचुरी थी. हाशिम अमला हाशिम अमला का नाम सुनते ही एक टेस्ट प्लेयर की इमेज बनती है. लेकिन टी 20 में भी Hashim Amla ने कई जोरदार पारियां खेली हैं. अमला ने आईपीएल में एक नहीं दो—दो सेंचुरी लगाई है. अब ये अलग बात है कि दोनों बार उनकी टीम के हिस्से में हार ही आई. बात इंडियन प्रीमियर लीग की करें तो 2017 के सीजन में अमला किंग्स इलेवन पंजाब की टीम का हिस्सा थे. मुंबई इंडियंस के खिलाफ खेले गए इस मैच में अमला ने सिर्फ 60 गेंदों में 104 रनों की शानदार पारी खेली थी. इस दौरान उन्होंने छह छक्के और आठ चौके भी लगाए थे. उनकी इस पारी की बदौलत पंजाब की टीम ने मुंबई को 199 रन का टारगेट दिया था. हालांकि मुंबई इंडियंस ने यह लक्ष्य हासिल कर लिया था. अमला की दूसरी सेंचुरी भी आईपीएल 2017 में ही बनी थी. यह उस सीजन का 47वां मैच था और पंजाब व गुजरात लायंस के बीच खेला गया था. संयोग की बात देखिए कि इस मैच में भी अमला ने 60 गेंदों में ही 104 रनों की पारी खेली थी. इस दौरान उन्होंने पांच छक्के और आठ चौके लगाए थे. हालांकि गुजरात की टीम ने पंजाब द्वारा दिए गए 190 के लक्ष्य को आसानी से हासिल कर लिया था. शॉन मार्श शॉन मार्श आस्ट्रेलिया के धाकड़ बल्लेबाज हैं. इंडियन प्रीमियर लीग के पहले सीजन में मार्श पंजाब की टीम का हिस्सा थे. इस खिलाड़ी ने न केवल आईपीएल के उद्घाटन सीजन में बेहतरीन शतक लगाया था, बल्कि पहले सीजन में सबसे ज्यादा रन बनाकर शॉन मार्श ने उस सीजन की ऑरेंज कैप भी जीती थी. उस सीजन का का 56वां मैच पंजाब और राजस्थान के बीच खेला गया था. Shaun Marsh ने राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ 69 गेदों में 115 रनों की बेहतरीन पारी खेली थी. इसमें उन्होंने 11 चौके और 7 छक्के लगाए थे. उनकी इस पारी की बदौलत पंजाब ने राजस्थान को 222 रनों का लक्ष्य दिया था और इस मैच में 41 रनों से जीत दर्ज की थी. वैसे शॉन मार्श ने आईपीएल में कुल 71 मैच खेले हैं, जिनमें उन्होंने एक शतक और 20 अर्धशतकों के साथ 2477 रन बनाए हैं. Music by audionautix.com
2020-10-1305 mininext Podcast
inext PodcastRecord Book Episode 21क्रिकेट के खेल में हर खिलाड़ी का सपना होता है अच्छा प्रदर्शन. अगर यह प्रदर्शन डेब्यू के मौके पर होता तो और खास बन जाता है. डेब्यू मैच में अच्छा प्रदर्शन करने का दबाव और खुद को साबित करने की जद्दोजहद में कई खिलाड़ियों का पहला मैच ही आखिरी मैच बन जाता है. जबकि कुछ खिलाड़ी तो रातोंरात स्टार बन जाते हैं. आज के रेकॉर्ड बुक में बात करेंगे ऐसे ही खिलाड़ियों की जिन्होंने अपने डेब्यू मैच में धमाकेदार प्रदर्शन से सबका दिल जीता है. तो आइए बात करते हैं आईपीएल के उन पांच गेंदबाजों के बारे में जिन्होंने आईपीएल के डेब्यू मैच में 4 या उससे अधिक विकेट लेने का कारनामा किया है. इस लिस्ट में जिस खिलाड़ी का नाम सबसे पहले है, उसका शायद आपने नाम सुना भी न हो. वो खिलाड़ी है साउथ अफ्रीका का आलराउंडर डेविड वीज. डेविड वीज ने साल 2015 में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू के लिए डेब्यू किया था. 19 अप्रैल 2015 को मुंबई ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 209 रन बनाए थे. आरसीबी के गेंदबाज डेविड वीज ने इस मैच में बेहतरीन गेंदबाजी का नमूना पेश करते हुए चार विकेट लिए थे. हालांकि अपने चार ओवर के स्पेल में उन्होंने 33 रन भी लुटाए थे. वीज ने मुंबई के कप्तान रोहित शर्मा, पार्थिव पटेल, कीरेन पोलार्ड के अलावा अंबाती रायडू जैसे दिग्गज बल्लेबाजों का विकेट झटका था. हालांकि David RCB को जीत नहीं दिला सके थे और मुंबई की टीम ने इस मैच में 18 रन से जीत हासिल कर ली थी. इसी तरह का एक और नाम है केवोन कूपर का. वेस्टइंडीज के त्रिनिदाद के बॉलिंग आलरांउडर केवॉन कूपर का नाम भी भुला दिया गया है. लेकिन Record Book में उनका नाम हमेशा के लिए दर्ज है. राजस्थान रॉयल्स के लिए 2012 में आईपीएल डेब्यू करने वाले इस खिलाड़ी का पहला मैच कमाल का था. केवॉन कूपर ने छह अप्रैल 2012 को अपना डेब्यू किंग्स इलेवन पंजाब के खिलाफ किया था. इस मैच में केवन ने महज़ 26 रन दिए और बदले में टीम को चार बड़ी सफलताएं दिलाईं. उनके इस दमदार प्रदर्शन के दम पर राजस्थान रॉयल्स ने की टीम ने 191 रनों के लक्ष्य का पीछा कर रही पंजाब की टीम को 160 रनों पर ढेर कर दिया था. Rahul Darvid की अगुवाई वाली Rajstahan Royals की टीम ने इस मैच में 31 रनों से शानदार जीत दर्ज की थी. दो गुमनाम सितारों के बाद अब बात एक ऐसे बॉलिंग स्टार की, जिसे हमेशा याद किया जाता है. इस गेंदबाज का नाम है शोएब अख्तर. रावलपिंडी एक्सप्रेस नाम से मशहूर यह पाकिस्तानी फास्ट बॉलर आईपीएल में अपना जलवा बिखेर चुका है. यह आईपीएल का पहला सीजन था और इस सीजन में पाकिस्तानी खिलाड़ी भी आईपीएल का हिस्सा थे. शोएब अख्तर ने शाहरूख खान की टीम कोलकाता नाइट राइजर्स से खेलते हुए डेब्यू किया था. अख्तर ने 13 मई, 2008 को दिल्ली के खिलाफ रफ्तार का कहर ढाया था. शोएब ने तीन ओवरों में सिर्फ 11 रन देकर चार विकेट चटकाए थे. Shoib Akhtar की घातक गेंदबाजी के बलबूते 23 रनों से यह मुकाबला अपने नाम किया था. आलम यह था कि सिर्फ 133 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी दिल्ली की टीम 110 के स्कोर पर ढेर हो गई थी. शोएब अख्तर ने इस मैच में Gautam Gambhir, Virendra Sehwag, एबी डिविलियर्स और मनोज तिवारी को आउट किया था. इंडियन प्रीमियर लीग के इतिहास में पहली बार डेब्यू मैच में हैट्रिक लेकर ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज Andrew Tye ने इतिहास रच दिया था. गुजरात लायंस की ओर से खेलते हुए टाई ने राइजिंग पुणे सुपरजाइंट की पारी के आखिरी ओवर में लगातार तीन विकेट चटकाकर अपनी पहली हैट्रिक ली थी. यह मैच 14 अप्रैल 2017 को राजकोट में खेला गया था. हैट्रिक लेने से पहले टाई राइजिंग पुणे सुपरजाइंट के Rahul Triapthi और Ben Stokes को पवेलियन की राह दिखा चुके थे. लेकिन पुणे के पारी के अंतिम ओवर में उन्होंने Ankit Sharma, Manoj Tiwari और Ishan Kishan जैसे बल्लेबाज का लगातार विकेट लेकर नया इतिहास रचा था. उनकी हैट्रिक और और चार ओवर में 17 रन देकर पांच विकेट इस प्रदर्शन के दम पर गुजरात ने पुणे को सात विकेट से हरा दिया था. अब बात अल्जारी जोसेफ की. 2019 में Mumbai Indians के लिए खेलते हुए वेस्टइंडीज के तेज गेंदबाज Alzari Joseph ने चमत्कारी स्पेल डालकर टीम को जीत दिलाई थी. छह अप्रैल को खेले गए इस मैच में मुंबई के बल्लेबाज नहीं चले थे. ऐसे में सनराइजर्ज हैदराबाद के सामने सिर्फ 137 रनों की चुनौती थी. इसके बाद अल्जारी जोसेफ ने अपना कारनामा दिखाया. उन्होंने अपने चार ओवर के स्पेल में महज़ 12 रन देकर 6 विकेट झटके और डेब्यू मैच में सर्वाधिक विकेट और सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी आंकड़े का रिकॉर्ड अपने नाम किया था. उनकी लाजवाब गेंदबाजी की बदौलत मुंबई ने 40 रनों से जीत हासिल की थी. Music by audionautix.com
2020-10-1205 mininext Podcast2020-10-1105 mininext Podcast
inext PodcastRecord Book Episode 19टी 20 मैचों में बल्लेबाजों को बादशाह माना जाता है. चौकों और छक्कों की बारिश के बीच यहां पर रनों का अंबार खड़ा होता है. लेकिन इंडियन प्रीमियर लीग में कई बार ऐसा हुआ है जब गेंदबाजों ने बल्लेबाजों की बोलती बंद कर दी है. आज रेकॉर्ड बुक में बात करेंगे आईपीएल के उन मैचों की, जहां बल्लेबाजी बहुत सस्ते में सिमट गई. इस लिस्ट में पहला नाम है रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू और कोलकाता नाइटराइडर्स के बीच 2017 में खेले गए मैच का. इस मैच में आईपीएल का अभी तक का सबसे कम स्कोर बना था. इस मैच में केकेआर की टीम ने पहले बल्लेबाजी की थी. हालांकि उस दिन उनके बल्लेबाज कुछ शानदार प्रदर्शन नहीं कर सके थे. सिर्फ सुनील नरेन ने 17 गेंदों में 34 रनों की पारी खेली थी. बीस ओवरों में कुल स्कोर बना था 131 रन. सभी को उम्मीद थी कि आरसीबी की टीम यह मैच आसानी से जीत लेगी. लेकिन गेल, कोहली और डिविलियर्स जैसे सितारों से सजी आरसीबी की टीम को उस दिन न जाने क्या हो गया था. पूरी की पूरी टीम सिर्फ नौ दशमलव चार ओवरों में उन्चास रन बनाकर पवेलियन लौट गई थी. अगर आरसीबी ने एक पारी में सबसे कम रन बनाए हैं, उसने एक बार सामने वाली टीम की पारी को भी कम रन पर रोका है. यह लो स्कोरिंग मुकाबला 2009 के सीजन में खेला गया था. इस मैच में राजस्थान रॉयल्स ने 58 रन बनाए थे. मैच में पहले बल्लेबाजी करते हुए रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू ने बीस ओवरों में 138 रन बनाए थे. इस दौरान राहुल द्रविड़ ने 48 गेंदों में 66 रन बनाए थे. लेकिन राजस्थान की टीम इस लक्ष्य का पीछा नहीं कर सकी थी. केपटाउन में खेले गए इस मैच में राजस्थान की टीम पंद्रह ओवर और एक गेंद तक बैटिंग करने के बाद 58 रनों पर ऑलआउट हो गई थी. दिल्ली कैपिटल्स की टीम, जो पहले दिल्ली डेयरडेविल्स के नाम से खेलती थी, यह कारनामा कर चुकी है. वह साल था 2017. यह इस सीजन का 36वां मैच था. पंजाब के साथ खेले गए इस मुकाबले में दिल्ली की टीम पहले बल्लेबाजी करने के लिए उतरी थी. Sanju Samson और सैम बिलिंग्स ओपनिंग करने उतरे थे और पहला विकेट एक रन के ही स्कोर पर गिर गया था. दिल्ली की टीम से सबसे बड़ा स्कोर कोरी एंडरसन का था, जिन्होंने 18 रन बनाए थे. जवाब में किंग्स इलेवन पंजाब की टीम ने बिना कोई विकेट गंवाए सिर्फ सात ओवर और पांच गेंदों में यह लक्ष्य हासिल कर लिया था. Martin Guptil ने नाबाद हाफसेंचुरी बनाई थी. दिल्ली की टीम के लिए साल 2017 का सीजन ही खराब रहा था. 45वें मैच में एक बार फिर दिल्ली ने लोएस्ट स्कोर का कारनामा दोहराया. इस बार दिल्ली का मुकाबला हो रहा था Mumbai Indians की टीम के साथ. मुंबई इंडियंस ने इस मैच में पहले बल्लेबाजी की थी. लेंडल सिमंस के 66 और कीरेन Polard के 63 रनों की धमाकेदार पारी की बदौलत मुंबई ने बीस ओवरों में सिर्फ तीन विकेट खोकर 212 रन बनाए थे. इस भारी-भरकम लक्ष्य के सामने दिल्ली की टीम सिर्फ 66 रनों पर ही सिमट गई. कुल तेरह दशमलव चार ओवरों की बल्लेबाजी के दौरान दिल्ली की तरफ से सिर्फ Karun Nair ही 21 रनों की पारी खेल सके थे. इंडियन प्रीमियर लीग में कोलकाता नाइटनाइडर्स की टीम भी लोएस्ट स्कोर पर सिमट चुकी है. ऐसा हुआ था साल 2008 में और KKR के सामने थी मुंबई इंडियंस. केकेआर की टीम पहले बल्लेबाजी करने उतरी थी. लेकिन मुंबई इंडियंस की सधी गेंदबाजी के सामने पूरी टीम सिर्फ पंद्रह ओवर ओर दो गेंदों तक ही खेल सकी थी. केकेआर की तरफ से सबसे ज्यादा 15 रन कप्तान Saurav Ganguly ने बनाए थे. वहीं ओपनर Salman Butt ने 13 रनों की पारी खेली थी. केकेआर द्वारा दिए गए इस लक्ष्य को मुंबई इंडियंस की टीम ने सिर्फ पांच ओवर और तीन गेंदों में दो विकेट गंवाकर हासिल कर लिया था. मुंबई की तरफ से Sanath Jaisuriya ने नाबाद 48 रनों की पारी खेली थी.
2020-10-1005 mininext Podcast
inext PodcastRecord Book Episode 18इंडियन प्रीमियर लीग में बड़े—बड़े स्कोर वाले मैचेज देखने को मिलते हैं. कई बार टीमें बड़ा स्कोर खड़ा करने के बाद सोचती हैं उन्होंने मुकाबले पर पकड़ बना ली है. लेकिन कई बार ऐसा हुआ है कि बड़ा स्कोर बनाने के बावजूद टीमें जीत नहीं पातीं. जीतना तो दूर की बात वह पीछा करने वाली टीम का एक भी विकेट तक नहीं गिरा पातीं. इंडियन प्रीमियर लीग की हिस्ट्री में अभी ऐसा एक या दो नहीं, बल्कि चार बार हो चुका है. आज के रेकॉर्ड में बुक में सुनते हैं कि कैसे बड़ा स्कोर होने के बावजूद टीमों ने दस विकेट से जीत दर्ज कर ली.. इंडियन प्रीमियर लीग के पहले ही सीजन में यह जबर्दस्त मुकाबला देखने को मिला था. आमने—सामने थीं डेक्कन चार्जर्स और मुंबई इंडियंस. डेक्कन चार्जर्स के खिलाफ उन्यासी रनों पर पांच विकेट गंवाने के बाद मुंबई ने किसी तरह सात विकेट पर 154 का स्कोर खड़ा किया था. इस स्कोर का पीछा करने उतरी डेक्कन चार्जर्स के लिए एडम गिलक्रिस्ट ने धमाकेदार अंदाज में बल्लेबाजी की. उन्होंने 47 गेंदों में नाबाद 109 रन बना डाले. अपनी इस पारी में गिलक्रिस्ट ने 10 छक्के और नौ चौके लगाए थे. वहीं दूसरे छोर पर गिल​क्रिस्ट का साथ दे रहे थे, वेरी वेरी स्पेशल लक्ष्मण. VVS Laxman ने 26 गेंदों में नॉटआउट 37 रन बनाए थे. डेक्कन ने सिर्फ 12 ओवरों में ही मैच में जीत हासिल कर ली थी. आईपीएल के पांचवें सीजन में जयपुर में मुंबई इंडियंस और राजस्थान रॉयल्स के बीच मुकाबला खेला गया. पहले खेलते हुए राजस्थान रॉयल्स ने छह विकेट पर 162 रन बनाए. तब राजस्थान रॉयल्स के लिए खेलने वाले Shane Watson ने सबसे ज्यादा 45 रन बनाए थे. जवाब में मुंबई इंडियंस ने इस लक्ष्य को बिना कोई विकेट गंवाए 18 ओवर में हासिल कर लिया था. मुंबई के लिए पारी की शुरुआत करने उतरे थे सचिन तेंदुलकर और ड्वेन स्मिथ. इन दोनों ने ने मुंबई इंडियंस के लिए नॉटआउट पार्टनरशिप की थी. Sachin ने 51 गेंदों पर नाबाद 58 और ड्वेन स्मिथ ने 58 गेंद पर 87 रनों की पारी खेली. इन पारियों की बदौलत मुंबई इंडियंस ने यह मुकाबला अपने नाम कर लिया था. अब बात 2017 के इंडियन प्रीमियर लीग की. यह मुकाबला खेला गया था केकेआर और गुजरात लायंस के बीच. इसमें केकेआर ने गुजरात लायंस को 10 विकेट से मात दी थी. सुरेश रैना की कप्तानी वाली गुजरात लायंस ने पहले खेलते हुए 183 रन बनाए. उस मैच में सुरेश रैना ने नाबाद 68 रनों की पारी खेली थी. टी—20 के लिहाज से 184 का स्कोर काफी बड़ा माना जाता है. लेकिन कोलकाता नाइट राइडर्स ने बिना कोई विकेट गंवाए इस लक्ष्य को हासिल कर लिया. केकेआर की तरफ से उनके सलामी बल्लेबाजों ने पहले विकेट के लिए 184 रनों की नॉटआउट पार्टनरशिप की. इसकी बदौलत केकेआर ने 14.5 ओवर में ही अपनी टीम को लक्ष्य तक पहुंचा दिया. क्रिस लिन ने 41 गेंद पर नाबाद 93 और गौतम गंभीर ने 48 गेंद पर नाबाद 76 रनों की पारी खेली थी. आईपीएल के 13वें सीजन में चेन्नई सुपर किंग्स ने किंग्स इलेवन पंजाब को एकतरफा मुकाबले में हरा दिया. सीएसके की टीम लगातार तीन मैच हारकर आ रही थी. लेकिन पंजाब को उन्होंने 10 विकेट से करारी शिकस्त दी. किंग्स इलेवन पंजाब ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवरों में चार विकेट पर 178 का स्कोर बनाया. इसके जवाब में चेन्नई सुपरकिंग्स ने 18वें ओवर में ही बिना विकेट खोये बेहतरीन जीत हासिल कर ली. फाफ डु प्लेसी ने 53 गेंदों में 87 और शेन वॉटसन ने 53 गेंदों में 83 रनों की नाबाद पारी खेली. खास बात यह है कि यह पार्टनरशिप चेन्नई सुपरकिंग्स की तरफ से किसी भी विकेट की सबसे बड़ी पार्टनरशिप है. Music by audionautix.com
2020-10-0905 mininext Podcast
inext PodcastRecord Book Episode 17इंडियन प्रीमियर लीग टी 20 की सबसे बड़ी लीग है. यहां एक से बढ़कर एक मुकाबले देखने को मिलते हैं. मैच में मनचाहा रिजल्ट पाने के लिए टीमें लगातार बदलाव करती रहती हैं. कई बार बॉलिंग में स्पिनर्स से शुरुआत कराई जाती है तो कई बार बैटिंग आर्डर में चेंजेज किए जाते हैं. एग्जांपल के तौर पर केकेआर का ही उदाहरण ले लीजिए. इस टीम के लिए सुनील नरेन लगातार ओपनिंग करते आ रहे हैं. वहीं कई अन्य टीमें भी अपने बल्लेबाजों को डिफरेंट पोजीशंस पर ट्राई करती हैं. आज रेकॉर्ड बुक के एपिसोड में बात करेंगे ऐसे ही कुछ बल्लेबाजों की, जिन्होंने आईपीएल में ओपनिंग की है, साथ ही साथ आठवें नंबर पर भी बैटिंग की है. Rahul Tripathi एक ओपनिंग बैट्समैन हैं. IPL 2020 में Delhi Capitals के खिलाफ शारजाह में खेले गए मुकाबले में राहुल को जब टीम में शामिल किया गया तो लगा कि उनसे ओपनिंग कराई जाएगी. लेकिन मैच के दौरान हुआ इसके बिल्कुल उल्टा. राहुल को नंबर आठ पर बैटिंग के लिए भेजा गया. वैसे राहुल त्रिपाठी आईपीएल में 19 बार ओपनिंग कर चुके हैं. 2017 के आईपीएल सीजन में राइजिंग पुणे सुपरजायंट्स के लिए खेलते हुए राहुल त्रिपाठी ने 14 पारियों में 391 रन बनाए थे. त्रिपाठी ने उस सीजन अपनी शानदार बैटिंग से सबको इंप्रेस किया था. अब इस सीजन में आठवें नंबर पर बैटिंग करके राहुल इस स्पेशल लिस्ट में शामिल हो गए. Sunil Narine का जिक्र हम उपर कर ही चुके हैं. संयोग से वह भी केकेआर के लिए ही खेलते हैं. शुरुआत में सुनील नरेन बतौर स्पिन बॉलर पहले सिर्फ एक स्पिन गेंदबाज के रूप में टीम में खेलते थे और लोअर ऑर्डर में बैटिंग करते थे. उन्होंने चार बार नंबर आठ पर बैटिंग की है. Gautam Gambhir जब केकेआर के कप्तान थे तो उन्होंने सुनील नारेन को प्रयोग के तौर पर ओपनिंग के लिए भेजा और उनका ये प्रयोग काफी सफल रहा. सुनील नरेन केकेआर के लिए ओपनर के तौर पर काफी सफल रहे और पावरप्ले में टीम को तेज शुरुआत देते हैं. उन्होंने 37 पारियों में ओपनिंग करते हुए 176.59 की शानदार स्ट्राइक रेट से 724 रन बनाए हैं. इस लिस्ट में पूर्व दिग्गज भारतीय ऑलराउंडर Irfan Pathan का भी नाम शामिल है. आजकल कमेंट्री बॉक्स में अपना जादू बिखेर रहे इरफान अपने आईपीएल करियर में छह टीमों के लिए खेल चुके हैं. इरफान पठान काफी यूजफुल ऑलराउंडर थे और बैटिंग में काफी अच्छी हिटिंग भी कर लेते थे. इसी वजह से टीमें अलग-अलग पोजिशन पर उनका उपयोग करती थीं. उन्होंने आईपीएल के एक सीजन में Kings XI Punjab की तरफ से ओपनिंग करते हुए 32 गेंद पर 39 रनों की पारी खेली थी. पठान ने आईपीएल में तीन बार ओपनिंग की. वहीं पांच बार नंबर आठ पर बैटिंग करते हुए इरफान पठान ने तीस रन बनाए थे. Manish Pandey का नाम एक भरोसेमंद और दिग्गज बल्लेबाज के तौर पर लिया जाता है. वह ​फील्डिंग में भी काफी दमदार प्रदर्शन करते हैं.फिलहाल सनराइजर्स हैदराबाद के लिए नंबर तीन पर बल्लेबाजी कर रहे मनीष पांडेय का नाम भी इस लिस्ट में शामिल है. मनीष पांडेय ने इंडियन प्रीमियर लीग में कुल 27 पारियों में ओपनिंग की है. इसके अलावा उन्होंने दो बार नंबर आठ पर भी बैटिंग की है. ओपनिंग करते हुए मनीष के खाते में कुल 739 रन दर्ज हैं. सलामी बल्लेबाज Ajinkya Rahane आईपीएल की 110 पारियों में ओपनिंग कर चुके हैं. लेकिन आपको ये जानकार हैरानी होगी कि उन्होंने एक बार 8वें नंबर पर भी बैटिंग की थी. ओपनिंग करते हुए उन्होंने 3436 रन बनाए हैं. 2009 के आईपीएल सीजन में रहाणे मुंबई इंडियंस की टीम का हिस्सा थे और दिल्ली डेयरडेविल्स के खिलाफ मैच में टीम ने उन्हें 8वें नंबर पर बैटिंग के लिए भेजा था. उन्होंने अपनी उस पारी में 12 गेंद पर 12 रन बनाए थे. वैसे फिलहाल दिल्ली कैपिटल्स की टीम का हिस्सा रहाणे को आईपीएल में अपना जलवा दिखाने का मौका नहीं मिला है.
2020-10-0804 mininext Podcast
inext PodcastRecord Book Episode 16UAE में इन दिनों IPL के मुकाबले खेले जा रहे हैं. एक तरफ तो भारतीय खिलाड़ी अपना जलवा बिखेर रहे हैं. वहीं दूसरी तरफ विदेशी खिलाड़ी भी खूब वाहवाही बटोर रहे हैं. वैसे तो एक टीम में चार विदेशी खिलाड़ी ही जुड़े हैं, लेकिन फिर भी इन सभी की परफॉर्मेंस हमेशा सराहनीय रही है. वैसे तो कई विदेशी खिलाड़ियों ने आईपीएल में अपना परचम लहराया है, लेकिन कुछ विदेशी खिलाड़ी ऐसे हैं जो पहले या दूसरे सीजन से ही लगातार इससे जुड़े हुए हैं. आज बात ऐसे ही कुछ खिलाड़ियों की. सबसे पहले बात Shane Watson की. इस ​आस्ट्रलियन आलराउंडर ने इंटरनेशन क्रिकेट में कई धमाकेदार पारियां खेली हैं. लेकिन 38 साल की उम्र में भी आईपीएल में वो बेहतरीन प्रदर्शन कर रहे हैं. फिलहाल वॉटसन आईपीएल में CSK की टीम का हिस्सा हैं. वॉटसन ने आईपीएल का पहला सीजन Rajsthan Royals के लिए खेला था. साथ ही वॉटसन RCB के लिए भी खेल चुके हैं. अगर रेकॉडर्स की बात करें तो शेन ने आईपीएल कॅरियर में अभी तक कुल 139 मैच खेले हैं. इस दौरान उन्होंने 3710 रन बनाए हैं. शतकों की बात करें शेन ने कुल 4 शतक और 20 अर्धशतक लगाए हैं. पिछले करीब दो सीजन वॉटसन बॉलिंग नहीं कर रहे हैं, लेकिन उनके नाम 92 विकेट दर्ज हैं. बढ़ती उम्र के साथ Dale Steyn और भी घातक होते जा रहे हैं. आईपीएल 2020 की नीलामी में आरसीबी ने दो करोड़ रुपए की कीमत पर खरीदा था. डेल स्टेन भी उन चुनिंदा खिलाड़ियों में शामिल हैं, जो इंडियन प्रीमियर लीग में पहले ही सीजन से खेल रहे हैं. इंट्रेस्टिंग बात यह है कि स्टेन ने शुरुआत आरसीबी की टीम के साथ ही की थी. इसके बाद स्टेन डेेक्कन चार्जर्स, हैदराबाद सनराइजर्स और गुजरात लायंस के लिए भी खेल चुके हैं. आईपीएल में अब तक डेल स्टेन ने 94 मैच खेले हैं, जिनमें वो 97 विकेट चटका चुके हैं. इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास लेने के बावजूद मैदान में AB Deviliers की चुस्ती और फुर्ती हैरान करने वाली है. एबी डिविलियर्स भी आईपीएल के पहले सीजन से ही इसका हिस्सा रहे हैं. उन्होंने साल 2008 से अभी तक कुल 159 आईपीएल मैच खेले हैं. इनमें डिविलियर्स 4,550 रन अपने नाम किए हैं. इस दौरान डीविलियर्स ने 3 शतक और 35 अर्धशतक जड़े हैं. विकेटों के पीछे भी वह सौ शिकार कर चुके हैं. इसमें 96 कैच और सात स्टंप किए हैं. एबी डिविलियर्स ने साल 2008 में दिल्ली कैपिटल्स से साथ शुरुआत की थी. तीन साल बाद डिविलियर्स आरसीबी की टीम में शामिल हो गए और तब से वो लगातार इसी टीम के लिए खेल रहे हैं. इस साल भी आरसीबी की टीम को इस स्टार बल्लेबाज से बहुत उम्मीदें हैं. आईपीएल का जिक्र हो और Chris Gayle का नाम न आए ऐसा हो ही नहीं सकता. टी—20 एक ऐसा विध्वंसक बल्लेबाज जो अपना दिन होने पर किसी भी गेंदबाज की धुनाई कर सकता है. क्रिस गेल साल भी साल 2008 से आईपीएल का हिस्सा हैं. पहले सीजन में वो केकेआर टीम का हिस्सा थे. हालांकि इस सीजन में उन्होंने कोई मैच नहीं खेला था. साल 2009 से अभी तक गेल ने अलग—अलग टीमों की तरफ से खेलते हुए 125 मैचों में कुल 4484 रन बनाए हैं. इसमें छह शतक और 28 अर्धशतक भी शामिल हैं. Music by audionautix.com
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